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ठेकेदारी प्रथा के जनक एचकेआरएन पर उठा रहे सवाल : गुर्जर
Tue, 25 Aug 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:55 AM IST
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कंवरपाल गुर्जर।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने बयान जारी करते हुए कहा कि हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देने वाले लोग आज हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) पर सवाल उठा रहे हैं। पहले ठेकेदारों के माध्यम से युवाओं की मेहनत की कमाई में कटौती होती थी और डीसी रेट के नाम पर फिक्स रकम व वेतन कटौती का खेल चलता था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इनेलो शासन में चली ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ शिकायतों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका संज्ञान लिया। उस समय वह स्वयं भी कैबिनेट मंत्री थे। 13 अक्तूबर 2021 को एचकेआरएन का पंजीकरण हुआ और एक नवंबर 2021 को पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके बाद लाखों युवाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार एचकेआरएन कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि एचकेआरएन में परिवार पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापन, पात्रता और मेरिट आधारित व्यवस्था को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्तियां होती थीं तो मेरिट, आरक्षण और पारदर्शिता कहां थी? युवाओं को सिफारिश नहीं, मेरिट और शोषण नहीं, सम्मान व सुरक्षा चाहिए। नौकरियों में सिफारिश का भी बोलबाला था।
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यमुनानगर। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने बयान जारी करते हुए कहा कि हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देने वाले लोग आज हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) पर सवाल उठा रहे हैं। पहले ठेकेदारों के माध्यम से युवाओं की मेहनत की कमाई में कटौती होती थी और डीसी रेट के नाम पर फिक्स रकम व वेतन कटौती का खेल चलता था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इनेलो शासन में चली ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ शिकायतों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका संज्ञान लिया। उस समय वह स्वयं भी कैबिनेट मंत्री थे। 13 अक्तूबर 2021 को एचकेआरएन का पंजीकरण हुआ और एक नवंबर 2021 को पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके बाद लाखों युवाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार एचकेआरएन कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
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उन्होंने कहा कि एचकेआरएन में परिवार पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापन, पात्रता और मेरिट आधारित व्यवस्था को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्तियां होती थीं तो मेरिट, आरक्षण और पारदर्शिता कहां थी? युवाओं को सिफारिश नहीं, मेरिट और शोषण नहीं, सम्मान व सुरक्षा चाहिए। नौकरियों में सिफारिश का भी बोलबाला था।
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