{"_id":"661840ed4bef52a1b5055b36","slug":"raised-slogans-and-demanded-payment-of-dues-from-vita-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-117234-2024-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: नारेबाजी कर वीटा से मांगा बकाया भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: नारेबाजी कर वीटा से मांगा बकाया भुगतान
Fri, 12 Apr 2024 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 12 Apr 2024 01:28 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। वीटा मिल्क प्लांट को प्रतिदिन दूध देने वाली सोसायटी को एक माह के भुगतान न होने पर सोसायटी संचालक किसानों ने एकत्रित होकर वीटा मिल्क प्लांट में नारेबाजी की। वीटा मिल्क प्लांट को खंड बिलासपुर में 125 से अधिक सोसायटी की ओर से प्रतिदिन हजारों लीटर दूध दिया जाता है। पिछले एक माह से किसानों का दूध का भुगतान नहीं किया है। इससे सोसायटी संचालकों में रोष है।
सोसायटी संचालक रणधीर सिंह, नरेश कुमार, जितेंद्र सिंह, गोल्डी, जय चंद, आशीष, सरदूल, नीटा का कहना है कि वीटा का जनवरी माह की 20 तारीख के पश्चात दूध के भुगतान का शेड्यूल बिगड़ गया था। सोसायटी संचालकों ने प्लांट के अधिकारियों से मिल कर समस्या से अवगत करवाया गया था। उस समय सोसायटी के किसानों को आश्वासन दिया गया है कि 31 मार्च तक दूध के भुगतान को सही कर दिया जाएगा, लेकिन 10 अप्रैल तक भी दूध के भुगतान के शेड्यूल को सही नहीं किया गया है।
सोसायटी के किसानों का कहना है कि उनको 10 मार्च के बाद दूध सप्लाई का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि प्लांट द्वारा माह के 10 दिन बाद दूध का भुगतान किया जाना चाहिए। समय से भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। किसानों को अपने दुधारू पशुओं के लिए चारे, खल, फीड व अन्य खाद्य पदार्थों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि वीटा मिल्क प्लांट को दूध देने वाली सोसायटी के किसानों को वीटा की ओर से अप्रैल से सितंबर माह तक पांच रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बोनस दिया जाता है, लेकिन वीटा द्वारा अब तक पिछले साल का अगस्त व सितंबर का बोनस भी नहीं दिया गया है। जबकि अगले वर्ष को बोनस शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन किसानों को संघर्ष को रास्ता अपनाना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी वीटा के अधिकारियों की होगी।
दूध ज्यादा आने लगा : वीरेंद्र सिंह
निदेशक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि पहले वीटा मिल्क प्लांट को किसानों से प्रतिदिन 70 हजार लीटर दूध मिलता था लेकिन पिछले कुछ महीनों से दूध के उत्पादन में बढ़ोतरी होने के कारण प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर दूध आ रहा है। जबकि वीटा की बाजार लागत 70 हजार लीटर के हिसाब से तय है। ऐसे में अतिरिक्त दूध काे पाउडर व मक्खन बनाकर स्टोर किया जा रहा है। जिस कारण भुगतान में देरी हो रही है। जल्द ही समय से किसानों के बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बिलासपुर। वीटा मिल्क प्लांट को प्रतिदिन दूध देने वाली सोसायटी को एक माह के भुगतान न होने पर सोसायटी संचालक किसानों ने एकत्रित होकर वीटा मिल्क प्लांट में नारेबाजी की। वीटा मिल्क प्लांट को खंड बिलासपुर में 125 से अधिक सोसायटी की ओर से प्रतिदिन हजारों लीटर दूध दिया जाता है। पिछले एक माह से किसानों का दूध का भुगतान नहीं किया है। इससे सोसायटी संचालकों में रोष है।
सोसायटी संचालक रणधीर सिंह, नरेश कुमार, जितेंद्र सिंह, गोल्डी, जय चंद, आशीष, सरदूल, नीटा का कहना है कि वीटा का जनवरी माह की 20 तारीख के पश्चात दूध के भुगतान का शेड्यूल बिगड़ गया था। सोसायटी संचालकों ने प्लांट के अधिकारियों से मिल कर समस्या से अवगत करवाया गया था। उस समय सोसायटी के किसानों को आश्वासन दिया गया है कि 31 मार्च तक दूध के भुगतान को सही कर दिया जाएगा, लेकिन 10 अप्रैल तक भी दूध के भुगतान के शेड्यूल को सही नहीं किया गया है।
विज्ञापन
सोसायटी के किसानों का कहना है कि उनको 10 मार्च के बाद दूध सप्लाई का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि प्लांट द्वारा माह के 10 दिन बाद दूध का भुगतान किया जाना चाहिए। समय से भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। किसानों को अपने दुधारू पशुओं के लिए चारे, खल, फीड व अन्य खाद्य पदार्थों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि वीटा मिल्क प्लांट को दूध देने वाली सोसायटी के किसानों को वीटा की ओर से अप्रैल से सितंबर माह तक पांच रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बोनस दिया जाता है, लेकिन वीटा द्वारा अब तक पिछले साल का अगस्त व सितंबर का बोनस भी नहीं दिया गया है। जबकि अगले वर्ष को बोनस शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन किसानों को संघर्ष को रास्ता अपनाना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी वीटा के अधिकारियों की होगी।
दूध ज्यादा आने लगा : वीरेंद्र सिंह
निदेशक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि पहले वीटा मिल्क प्लांट को किसानों से प्रतिदिन 70 हजार लीटर दूध मिलता था लेकिन पिछले कुछ महीनों से दूध के उत्पादन में बढ़ोतरी होने के कारण प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर दूध आ रहा है। जबकि वीटा की बाजार लागत 70 हजार लीटर के हिसाब से तय है। ऐसे में अतिरिक्त दूध काे पाउडर व मक्खन बनाकर स्टोर किया जा रहा है। जिस कारण भुगतान में देरी हो रही है। जल्द ही समय से किसानों के बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा।