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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों ने पुस्तकों की विषय वस्तु पर रखे विचार
Fri, 25 Sep 2026 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:14 AM IST
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महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थी। संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में स्पेशल रीडर्स टॉक सेशन ओपन माइक कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने के साथ उन्हें साहित्य पर अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए मंच प्रदान करना रहा।
प्राचार्या डॉ. करुणा ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सोच को विस्तार देती हैं और हमें जीवन तथा समाज को संवेदनशील व आलोचनात्मक दृष्टि से देखने की क्षमता प्रदान करती हैं। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रीडर्स क्लब संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह ढिल्लो ने कहा कि क्लब विद्यार्थियों को पुस्तकों के साथ एक जीवंत संवाद से जोड़ना है। विद्यार्थी अपने पढ़ने के अनुभव दूसरों के साथ साझा करते हैं, तो पढ़ना एक व्यक्तिगत गतिविधि न रहकर सामूहिक बौद्धिक अनुभव बन जाता है। ऐसे सत्र विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति, चिंतन और संवाद की क्षमता को भी विकसित करते हैं।
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बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा वंशिका ने हाल ही में पढ़ी तीन महत्वपूर्ण हिंदी कृतियों धर्मवीर भारती की गुनाहों का देवता, प्रेमचंद की गोदान और मोहन राकेश की आषाढ़ का एक दिन के अंश प्रस्तुत किए। उन्होंने पुस्तकों की विषय वस्तु के साथ पाठक के रूप में अपने अनुभव साझा किए। वंशिका ने इन रचनाओं ने उन्हें प्रेम, सामाजिक यथार्थ, मानवीय संबंधों, संघर्ष, आकांक्षाओं और जीवन के विभिन्न पक्षों को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर दिया।
वंशिका ने कहा कि मेरे लिए पढ़ना केवल कहानी जान लेना नहीं है, किसी अच्छी किताब के साथ समय बिताने के बाद हम स्वयं को भी थोड़ा अलग ढंग से देखने लगते हैं। इन तीनों पुस्तकों ने मुझे विभिन्न मानवीय अनुभवों और भावनात्मक स्थितियों से परिचित करवाया है। ओपन माइक से विद्यार्थियों को भी अपनी पसंदीदा पुस्तकों, लेखकों और पढ़ने के अनुभवों पर विचार रखने का अवसर मिला।
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जगाधरी। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में स्पेशल रीडर्स टॉक सेशन ओपन माइक कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने के साथ उन्हें साहित्य पर अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए मंच प्रदान करना रहा।
प्राचार्या डॉ. करुणा ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सोच को विस्तार देती हैं और हमें जीवन तथा समाज को संवेदनशील व आलोचनात्मक दृष्टि से देखने की क्षमता प्रदान करती हैं। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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रीडर्स क्लब संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह ढिल्लो ने कहा कि क्लब विद्यार्थियों को पुस्तकों के साथ एक जीवंत संवाद से जोड़ना है। विद्यार्थी अपने पढ़ने के अनुभव दूसरों के साथ साझा करते हैं, तो पढ़ना एक व्यक्तिगत गतिविधि न रहकर सामूहिक बौद्धिक अनुभव बन जाता है। ऐसे सत्र विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति, चिंतन और संवाद की क्षमता को भी विकसित करते हैं।
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बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा वंशिका ने हाल ही में पढ़ी तीन महत्वपूर्ण हिंदी कृतियों धर्मवीर भारती की गुनाहों का देवता, प्रेमचंद की गोदान और मोहन राकेश की आषाढ़ का एक दिन के अंश प्रस्तुत किए। उन्होंने पुस्तकों की विषय वस्तु के साथ पाठक के रूप में अपने अनुभव साझा किए। वंशिका ने इन रचनाओं ने उन्हें प्रेम, सामाजिक यथार्थ, मानवीय संबंधों, संघर्ष, आकांक्षाओं और जीवन के विभिन्न पक्षों को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर दिया।
वंशिका ने कहा कि मेरे लिए पढ़ना केवल कहानी जान लेना नहीं है, किसी अच्छी किताब के साथ समय बिताने के बाद हम स्वयं को भी थोड़ा अलग ढंग से देखने लगते हैं। इन तीनों पुस्तकों ने मुझे विभिन्न मानवीय अनुभवों और भावनात्मक स्थितियों से परिचित करवाया है। ओपन माइक से विद्यार्थियों को भी अपनी पसंदीदा पुस्तकों, लेखकों और पढ़ने के अनुभवों पर विचार रखने का अवसर मिला।