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75 एमएम बारिश ने बिगाड़ी ट्विन सिटी की सूरत
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Thu, 24 Sep 2015 12:26 AM IST
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मंगलवार रात आई मूसलाधार बारिश ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जल जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रात भर कई घंटों तक जलभराव के बाद पानी उतरा तो सड़कों और गलियों में जमा गाद ने शहरवासियों की मुसीबतें बढ़ा दीं।
उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बारिश व तेज हवाओं से धान की करीब 40 प्रतिशत फसल चौपट हो गई है जबकि गैर सरकारी आंकड़ा इससे काफी अधिक है।
कृषि विभाग के मुताबिक मंगलवार रात को जिले में औसत 75 मिलीमीटर बारिश हुई। जिले के सभी छह खंडों में जमकर बारिश हुई। रादौर में सबसे अधिक 92 एमएम, मुस्तफाबाद में 80 एमएम, जगाधरी में 74 एमएम, बिलासपुर में 72 एमएम, छछरौली में 69 व साढौरा में 64 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई।
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इन दिनों खेतों में धान की फसल लगभग पककर तैयार है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से धान जमीन में बिछ गई। वहीं गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। बता दें कि जिले में इस सीजन में 70 हजार हेक्टेयर धान की फसल की बिजाई हुई है।
कृषि विभाग धान की फसल में करीब 40 प्रतिशत और गन्ने में करीब 10 प्रतिशत नुकसान का आंकलन लगा रहा है। वहीं, ज्वार की फसल भी करीब 30 प्रतिशत तबाह हो गई है। सुढल गांव के किसान हुस्नलाल की ढाई एकड़ व नायब सिंह की पांच एकड़ धान की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सुढल ने बताया कि बारिश से जिले में 50 से 60 प्रतिशत तक धान की फसल खराब हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रभावित किसानों की फसलों की गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।
जगाधरी वर्कशाप क्षेत्र के तिलक नगर, शिवपुरी ए, शिवपुरी बी, अमरपुरी, अंबेडकर विहार, बैंक कॉलोनी, कांसापुर, मोती बाग कॉलोनी सहित डेढ़ दर्जन इलाकों में कई घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रही। तिलक नगर निवासी रवि कुमार, वेद प्रकाश, जितेंद्र, बलिंद्र, शांति देवी, अंगूरी देवी व सुरेश ने बताया कि रात में बरसात के बाद करीब दो घंटे तक लोगों के घरों में पानी आ गया व गलियों में जलभराव हो गया।
सुबह तक पानी उतर गया, लेकिन सड़कों व गलियों में गाद व कीचड़ जमा होने से आने-जाने में काफी दिक्कत आई। वही, कैंप क्षेत्र में लक्ष्मी नगर, जम्मू कॉलोनी, गुलाब नगर, वीना नगर, नवाब कॉलोनी सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ। लाजपत नगर इलाके में बरसात के दौरान लोगों के घरों में पानी आ जाता है। इससे बचने के लिए लोगों ने अपने घरों के दरवाजों पर दो फुट ऊंची दीवार बनाई है। इसके बावजूद मंगलवार रात कों घरों में पानी आ गया।
बरसात ने पॉश इलाके प्रोफेसर कॉलोनी की सूरत बिगाड़ कर रख दी। बरसात के दौरान कॉलोनी की सड़कों पर दो फुट तक पानी जमा हो गया। वहीं कुछ घरों में भी पानी आ गया। सुबह तक गलियों में जलभराव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पानी उतरा, लेकिन कॉलोनी के बीच से गुजर रहे नाले की गाद गलियों में जमा हो गई।
इससे दिन भर दुर्गंध का माहौल बना रहा। प्रोफेसर कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट भारद्वाज ने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी के घरों और गलियों में होने वाले जलभराव के कारण नाले को डायवर्ट किया गया है, जिस पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके बावजूद कॉलोनी में जलभराव की समस्या जस ाकी तस बनी हुई है। बरसात होते ही कॉलोनी से गुजर रहे नाले का पानी ओवर फ्लो होकर गलियों में जमा हो जाता है। पानी उतरने के बाद गाद रह जाती है। बार-बार कहने के बावजूद सफाई कर्मचारी इसे साफ नहीं करते।
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उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बारिश व तेज हवाओं से धान की करीब 40 प्रतिशत फसल चौपट हो गई है जबकि गैर सरकारी आंकड़ा इससे काफी अधिक है।
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कृषि विभाग के मुताबिक मंगलवार रात को जिले में औसत 75 मिलीमीटर बारिश हुई। जिले के सभी छह खंडों में जमकर बारिश हुई। रादौर में सबसे अधिक 92 एमएम, मुस्तफाबाद में 80 एमएम, जगाधरी में 74 एमएम, बिलासपुर में 72 एमएम, छछरौली में 69 व साढौरा में 64 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई।
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इन दिनों खेतों में धान की फसल लगभग पककर तैयार है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से धान जमीन में बिछ गई। वहीं गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। बता दें कि जिले में इस सीजन में 70 हजार हेक्टेयर धान की फसल की बिजाई हुई है।
कृषि विभाग धान की फसल में करीब 40 प्रतिशत और गन्ने में करीब 10 प्रतिशत नुकसान का आंकलन लगा रहा है। वहीं, ज्वार की फसल भी करीब 30 प्रतिशत तबाह हो गई है। सुढल गांव के किसान हुस्नलाल की ढाई एकड़ व नायब सिंह की पांच एकड़ धान की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सुढल ने बताया कि बारिश से जिले में 50 से 60 प्रतिशत तक धान की फसल खराब हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रभावित किसानों की फसलों की गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।
जगाधरी वर्कशाप क्षेत्र के तिलक नगर, शिवपुरी ए, शिवपुरी बी, अमरपुरी, अंबेडकर विहार, बैंक कॉलोनी, कांसापुर, मोती बाग कॉलोनी सहित डेढ़ दर्जन इलाकों में कई घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रही। तिलक नगर निवासी रवि कुमार, वेद प्रकाश, जितेंद्र, बलिंद्र, शांति देवी, अंगूरी देवी व सुरेश ने बताया कि रात में बरसात के बाद करीब दो घंटे तक लोगों के घरों में पानी आ गया व गलियों में जलभराव हो गया।
सुबह तक पानी उतर गया, लेकिन सड़कों व गलियों में गाद व कीचड़ जमा होने से आने-जाने में काफी दिक्कत आई। वही, कैंप क्षेत्र में लक्ष्मी नगर, जम्मू कॉलोनी, गुलाब नगर, वीना नगर, नवाब कॉलोनी सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ। लाजपत नगर इलाके में बरसात के दौरान लोगों के घरों में पानी आ जाता है। इससे बचने के लिए लोगों ने अपने घरों के दरवाजों पर दो फुट ऊंची दीवार बनाई है। इसके बावजूद मंगलवार रात कों घरों में पानी आ गया।
बरसात ने पॉश इलाके प्रोफेसर कॉलोनी की सूरत बिगाड़ कर रख दी। बरसात के दौरान कॉलोनी की सड़कों पर दो फुट तक पानी जमा हो गया। वहीं कुछ घरों में भी पानी आ गया। सुबह तक गलियों में जलभराव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पानी उतरा, लेकिन कॉलोनी के बीच से गुजर रहे नाले की गाद गलियों में जमा हो गई।
इससे दिन भर दुर्गंध का माहौल बना रहा। प्रोफेसर कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट भारद्वाज ने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी के घरों और गलियों में होने वाले जलभराव के कारण नाले को डायवर्ट किया गया है, जिस पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके बावजूद कॉलोनी में जलभराव की समस्या जस ाकी तस बनी हुई है। बरसात होते ही कॉलोनी से गुजर रहे नाले का पानी ओवर फ्लो होकर गलियों में जमा हो जाता है। पानी उतरने के बाद गाद रह जाती है। बार-बार कहने के बावजूद सफाई कर्मचारी इसे साफ नहीं करते।