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Yamuna Nagar News: जिले की सबसे बड़ी पंचायत में भी नहीं जुटा कोरम, ग्रामसभा की बैठक स्थगित
Thu, 05 Feb 2026 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 05 Feb 2026 03:24 AM IST
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व्यासपुर ग्राम पंचायत में कोरम पूरा होने का इंतजार करते अधिकारी व सरपंच। संवाद
व्यासपुर। पंचायत की ग्रामसभा की बैठक बुधवार को काली माता मंदिर परिसर में आयोजित की गई, लेकिन ग्रामीणों की कम उपस्थिति और कई पंचों के अनुपस्थित रहने के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। जिले की सबसे बड़ी पंचायत का खिताब पाने वाली व्यासपुर में लगातार दूसरी बार ग्रामसभा का कोरम पूरा नहीं हो सका, जिससे गांव के विकास से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा नहीं हो पाई। लोगों को ग्राम सभा की बैठक तक लाने के लिए सरपंच व पंचों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। यह हाल केवल व्यासपुर पंचायत का ही नहीं है। जिला की 490 पंचायतों में से अभी तक केवल 21 पंचायत ही 20 प्रतिशत कोरम के हिसाब से ग्राम सभा की बैठकें आयोजित कर पाई हैं।
व्यासपुर में आयोजित बैठक में सरपंच कीर्ति खुराना, सरपंच प्रतिनिधि पंकुस खुराना, पंच डॉ. सुभाष, अशोक धीमान, संदीप कुमार, पुनीत, जयप्रकाश, जगतार सहित एक-दो अन्य पंच, कुछ महिला पंच और पंचायत सचिव हीरा लाल मौके पर मौजूद रहे। तय समय पर बैठक शुरू करने की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन आवश्यक संख्या पूरी न होने के कारण ग्रामसभा की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। इससे पहले भी ग्रामसभा की बैठक ग्रामीणों की कम भागीदारी के चलते स्थगित करनी पड़ी थी। लगातार दूसरी बार बैठक टलने से पंचायत स्तर पर चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। पंचायत की ओर से सरकार के निर्देशों के अनुसार ग्रामसभा का आयोजन किया गया था, ताकि ग्रामीणों की भागीदारी से गांव की प्राथमिक जरूरतों और विकास कार्यों को तय किया जा सके।
सरपंच कीर्ति खुराना ने बताया कि पंचायत की ओर से बैठक को लेकर पूरी तैयारी की गई थी। वे तय समय पर स्वयं बैठक स्थल पर पहुंचीं और एक दिन पहले पूरे कस्बे में मुनादी भी कराई गई थी। इसके अलावा फोन और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी पंचों और ग्रामीणों को बैठक के समय व स्थान की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अपेक्षित संख्या में लोग बैठक में नहीं पहुंचे। सरपंच ने कहा कि ग्रामसभा ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी होती है। यहीं पर गांव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास योजनाओं पर खुलकर चर्चा होती है। बैठक का उद्देश्य गांव में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और नई योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करना था, लेकिन ग्रामीणों की कम उपस्थिति के कारण यह संभव नहीं हो सका। ग्रामीणों की उदासीनता को लेकर पंचायत सदस्यों में भी चिंता देखी गई। उनका कहना है कि यदि ग्रामसभा में लोग ही शामिल नहीं होंगे तो गांव के विकास से जुड़े फैसले लेना मुश्किल हो जाएगा।
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व्यासपुर में आयोजित बैठक में सरपंच कीर्ति खुराना, सरपंच प्रतिनिधि पंकुस खुराना, पंच डॉ. सुभाष, अशोक धीमान, संदीप कुमार, पुनीत, जयप्रकाश, जगतार सहित एक-दो अन्य पंच, कुछ महिला पंच और पंचायत सचिव हीरा लाल मौके पर मौजूद रहे। तय समय पर बैठक शुरू करने की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन आवश्यक संख्या पूरी न होने के कारण ग्रामसभा की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। इससे पहले भी ग्रामसभा की बैठक ग्रामीणों की कम भागीदारी के चलते स्थगित करनी पड़ी थी। लगातार दूसरी बार बैठक टलने से पंचायत स्तर पर चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। पंचायत की ओर से सरकार के निर्देशों के अनुसार ग्रामसभा का आयोजन किया गया था, ताकि ग्रामीणों की भागीदारी से गांव की प्राथमिक जरूरतों और विकास कार्यों को तय किया जा सके।
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सरपंच कीर्ति खुराना ने बताया कि पंचायत की ओर से बैठक को लेकर पूरी तैयारी की गई थी। वे तय समय पर स्वयं बैठक स्थल पर पहुंचीं और एक दिन पहले पूरे कस्बे में मुनादी भी कराई गई थी। इसके अलावा फोन और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी पंचों और ग्रामीणों को बैठक के समय व स्थान की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अपेक्षित संख्या में लोग बैठक में नहीं पहुंचे। सरपंच ने कहा कि ग्रामसभा ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी होती है। यहीं पर गांव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास योजनाओं पर खुलकर चर्चा होती है। बैठक का उद्देश्य गांव में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और नई योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करना था, लेकिन ग्रामीणों की कम उपस्थिति के कारण यह संभव नहीं हो सका। ग्रामीणों की उदासीनता को लेकर पंचायत सदस्यों में भी चिंता देखी गई। उनका कहना है कि यदि ग्रामसभा में लोग ही शामिल नहीं होंगे तो गांव के विकास से जुड़े फैसले लेना मुश्किल हो जाएगा।
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