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Yamuna Nagar News: दूसरे दिन मंडियों में खरीद शुरू, तीन मंडियों में 973.39 एमटी धान की खरीद
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खरीद के दूसरे ही दिन धान से अटी व्यासपुर की अनाज मंडी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में बुधवार को धान की खरीद शुरू होने के दूसरे दिन किसानों को कुछ राहत मिली। हालांकि जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में खरीद शुरू नहीं हो सकी। बुधवार को केवल रादौर, जगाधरी और सरस्वतीनगर अनाज मंडी में ही धान की खरीद हुई। तीनों मंडियों में कुल 973.39 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
इसमें सबसे अधिक 884 एमटी धान जगाधरी अनाज मंडी में खरीदा गया। इसके अलावा सरस्वतीनगर मंडी में 55 एमटी और रादौर मंडी में 34.59 एमटी धान की खरीद हुई। खरीद शुरू होने के बावजूद किसानों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। धान लेकर मंडियों में पहुंचे किसानों को पोर्टल पर डाटा सत्यापन की प्रक्रिया के कारण काफी समय इंतजार करना पड़ रहा है।
पोर्टल धीमा होने के कारण कई किसानों का डाटा समय पर सत्यापित नहीं हो सका। वहीं कुछ किसानों का डाटा मिसमैच होने से भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सतपाल, नरेश, पवन का कहना है कि जब तक पोर्टल पर डाटा सत्यापित नहीं होता, तब तक खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाने में दिक्कत आती है।
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दूसरे दिन ही मंडियां धान से अटीं
धान की आवक बढ़ने के साथ ही मंडियों में जगह की कमी भी सामने आने लगी है। दूसरे ही दिन कई मंडियों में धान की ढेरियां लग गईं। किसानों को फसल उतारने और उसे सुखाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही। बारिश के कारण खेतों से मंडियों में पहुंच रही धान में नमी की मात्रा भी अधिक है। कई स्थानों पर धान में करीब 23 प्रतिशत तक नमी दर्ज की जा रही है। निर्धारित नमी की मात्रा से अधिक होने के कारण किसानों को धान सुखाने में भी परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि बारिश के बाद धान में नमी बढ़ गई है। ऐसे में मंडियों में फसल पहुंचने के बाद उसे खुले में फैलाकर सुखाने के लिए पर्याप्त स्थान चाहिए, लेकिन आवक लगातार बढ़ने से मंडियों में जगह कम पड़ने लगी है। यदि आने वाले दिनों में धान की आवक और तेज होती है तो व्यवस्था और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
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सत्यापन में देरी से किसान परेशान
किसानों के लिए पोर्टल पर डाटा सत्यापन भी बड़ी समस्या बना हुआ है। कई किसानों का डाटा मिसमैच हो रहा है जबकि कई किसानों का डाटा पोर्टल पर समय पर सत्यापित नहीं हो पा रहा। इसके कारण खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। किसानों ने पोर्टल की तकनीकी समस्या दूर करने और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है, ताकि मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
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मंडियों में धान की खरीद शुरू हो चुकी है। जल्द ही सभी मंडियों में खरीद शुरू हो जाएगी। मंडियों में धान खरीद की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। - नितिश सिंगला, डीएफएससी।
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यमुनानगर। अनाज मंडियों में बुधवार को धान की खरीद शुरू होने के दूसरे दिन किसानों को कुछ राहत मिली। हालांकि जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में खरीद शुरू नहीं हो सकी। बुधवार को केवल रादौर, जगाधरी और सरस्वतीनगर अनाज मंडी में ही धान की खरीद हुई। तीनों मंडियों में कुल 973.39 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
इसमें सबसे अधिक 884 एमटी धान जगाधरी अनाज मंडी में खरीदा गया। इसके अलावा सरस्वतीनगर मंडी में 55 एमटी और रादौर मंडी में 34.59 एमटी धान की खरीद हुई। खरीद शुरू होने के बावजूद किसानों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। धान लेकर मंडियों में पहुंचे किसानों को पोर्टल पर डाटा सत्यापन की प्रक्रिया के कारण काफी समय इंतजार करना पड़ रहा है।
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पोर्टल धीमा होने के कारण कई किसानों का डाटा समय पर सत्यापित नहीं हो सका। वहीं कुछ किसानों का डाटा मिसमैच होने से भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सतपाल, नरेश, पवन का कहना है कि जब तक पोर्टल पर डाटा सत्यापित नहीं होता, तब तक खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाने में दिक्कत आती है।
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दूसरे दिन ही मंडियां धान से अटीं
धान की आवक बढ़ने के साथ ही मंडियों में जगह की कमी भी सामने आने लगी है। दूसरे ही दिन कई मंडियों में धान की ढेरियां लग गईं। किसानों को फसल उतारने और उसे सुखाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही। बारिश के कारण खेतों से मंडियों में पहुंच रही धान में नमी की मात्रा भी अधिक है। कई स्थानों पर धान में करीब 23 प्रतिशत तक नमी दर्ज की जा रही है। निर्धारित नमी की मात्रा से अधिक होने के कारण किसानों को धान सुखाने में भी परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि बारिश के बाद धान में नमी बढ़ गई है। ऐसे में मंडियों में फसल पहुंचने के बाद उसे खुले में फैलाकर सुखाने के लिए पर्याप्त स्थान चाहिए, लेकिन आवक लगातार बढ़ने से मंडियों में जगह कम पड़ने लगी है। यदि आने वाले दिनों में धान की आवक और तेज होती है तो व्यवस्था और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सत्यापन में देरी से किसान परेशान
किसानों के लिए पोर्टल पर डाटा सत्यापन भी बड़ी समस्या बना हुआ है। कई किसानों का डाटा मिसमैच हो रहा है जबकि कई किसानों का डाटा पोर्टल पर समय पर सत्यापित नहीं हो पा रहा। इसके कारण खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। किसानों ने पोर्टल की तकनीकी समस्या दूर करने और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है, ताकि मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
मंडियों में धान की खरीद शुरू हो चुकी है। जल्द ही सभी मंडियों में खरीद शुरू हो जाएगी। मंडियों में धान खरीद की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। - नितिश सिंगला, डीएफएससी।