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Yamuna Nagar News: महर्षि वाल्मीकि के प्राकट्य दिवस पर निकाली शोभायात्रा
Wed, 08 Oct 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 08 Oct 2025 11:57 PM IST
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शोभायात्रा के दौरान निकाली गई झांकी में लवकुश की वेशभूषा में बच्चे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में महर्षि वाल्मीकि सभा की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। शुभारंभ समाज सेवी विजयंत नेहरा ने रिबन काटकर किया। बैंड-बाजों के साथ शोभायात्रा छोटा बस स्टैंड महर्षि वाल्मीकि मंदिर से शुरू होकर मेन बाजार से होते हुए शिव चौक से कपाल मोचन रोड से गुजरते हुए मंदिर परिसर में संपन्न हुई। शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन से जुड़ी झांकियों को बड़े ही सुंदर ढंग से सजाया था। भगवान राम, लक्ष्मण और सीता जी के वनवास काल की झांकी तथा महर्षि वाल्मीकि आश्रम का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चे, महिलाएं, युवक और वृद्ध सभी शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। बाजार में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया। विजयंत नेहरा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को ज्ञान, साहित्य और धर्म का अमूल्य उपदेश दिया। उन्होंने रामायण की रचना कर मानवता को जीवन का आदर्श मार्ग दिखाया। इस दिवस पर समाज के हर वर्ग को उनके बताए हुए पथ पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
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व्यासपुर। महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में महर्षि वाल्मीकि सभा की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। शुभारंभ समाज सेवी विजयंत नेहरा ने रिबन काटकर किया। बैंड-बाजों के साथ शोभायात्रा छोटा बस स्टैंड महर्षि वाल्मीकि मंदिर से शुरू होकर मेन बाजार से होते हुए शिव चौक से कपाल मोचन रोड से गुजरते हुए मंदिर परिसर में संपन्न हुई। शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन से जुड़ी झांकियों को बड़े ही सुंदर ढंग से सजाया था। भगवान राम, लक्ष्मण और सीता जी के वनवास काल की झांकी तथा महर्षि वाल्मीकि आश्रम का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चे, महिलाएं, युवक और वृद्ध सभी शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। बाजार में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया। विजयंत नेहरा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को ज्ञान, साहित्य और धर्म का अमूल्य उपदेश दिया। उन्होंने रामायण की रचना कर मानवता को जीवन का आदर्श मार्ग दिखाया। इस दिवस पर समाज के हर वर्ग को उनके बताए हुए पथ पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

शोभायात्रा के दौरान निकाली गई झांकी में लवकुश की वेशभूषा में बच्चे। संवाद
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