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Yamuna Nagar News: निजी स्कूलों ने नहीं दिया नोटिस का जवाब, कार्रवाई करना भूला दमकल विभाग
Sat, 25 Oct 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:27 AM IST
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जिला दमकल केंद्र का भवन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला में काफी निजी स्कूलों में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। इसके लिए दमकल विभाग ने निजी स्कूलों में जाकर सर्वे किया। जिसके बाद सभी को नोटिस जारी किया गया था। करीब 50 प्रतिशत स्कूलों ने ही नोटिस का जवाब देते हुए आग से निपटने के इंतजाम करने की बात कही। परंतु बाकी ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया। इससे साफ है कि इन स्कूलों में आग से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त नहीं है। वहीं दमकल विभाग भी इन स्कूलों पर कार्रवाई करना भूल गया। नोटिस में जल्द इंतजाम पूरे न करने पर फायर एनओसी रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।निजी स्कूलों ने जो प्रबंध दिखाकर दमकल विभाग से फायर एनओसी ली थी, उनमें से कुछ भी स्कूलों में नहीं है। आग बुझाने के नाम पर केवल दो-चार सिलिंडर लगे हैं। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम समय-समय पर जिले का दौरा करती रहती है। इसी साल जून माह में टीम ने कई निजी स्कूलों में पहुंच कर बसों के चालान भी काटे थे। क्योंकि स्कूल बसों में बहुत सारी कमियां थी। इसी के साथ ही आयोग के सदस्य अनिल लाठर ने दमकल विभाग को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी थी कि वह सभी निजी स्कूलों में जाकर जांच करें। यह देखें कि फायर एनओसी लेने के लिए निजी स्कूलों ने जो दस्तावेज जमा करवा रखे हैं उनके हिसाब से स्कूलों में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं। इस पर दमकल विभाग की टीम ने जिले के निजी स्कूलों में जाकर जांच की।
जांच में पता चला था कि 90 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जिनमें फायर लाइन ही नहीं थी। इसके अलावा अन्य उपकरणों का भी अभाव है। स्कूलों ने दिखावे के नाम पर केवल फायर सिलिंडर रखे मिले। ताकि कोई बाहर से जांच करने आए तो उन्हें यह सिलिंडर दिखाए जा सके। अनिल लाठर ने दमकल अधिकारी को शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इन स्कूलों में फायर सुरक्षा के प्रबंध कराने को कहा था। जो ऐसा नहीं करता उसकी फायर एनओसी रद्द की जाए। करीब 45 स्कूलों ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है।
जिन निजी स्कूलों में फायर एनओसी के हिसाब से आग से निपटने के प्रबंध नहीं हैं, उन्हें नोटिस जारी किया था। आधे स्कूलों ने तो नोटिस का जवाब देते हुए आग से निपटने के सभी इंतजाम करने की बात कही थी। परंतु कुछ स्कूल अभी रहते हैं जिन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया। जल्द ही इनके यहां जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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- पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिला में काफी निजी स्कूलों में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। इसके लिए दमकल विभाग ने निजी स्कूलों में जाकर सर्वे किया। जिसके बाद सभी को नोटिस जारी किया गया था। करीब 50 प्रतिशत स्कूलों ने ही नोटिस का जवाब देते हुए आग से निपटने के इंतजाम करने की बात कही। परंतु बाकी ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया। इससे साफ है कि इन स्कूलों में आग से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त नहीं है। वहीं दमकल विभाग भी इन स्कूलों पर कार्रवाई करना भूल गया। नोटिस में जल्द इंतजाम पूरे न करने पर फायर एनओसी रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।निजी स्कूलों ने जो प्रबंध दिखाकर दमकल विभाग से फायर एनओसी ली थी, उनमें से कुछ भी स्कूलों में नहीं है। आग बुझाने के नाम पर केवल दो-चार सिलिंडर लगे हैं। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम समय-समय पर जिले का दौरा करती रहती है। इसी साल जून माह में टीम ने कई निजी स्कूलों में पहुंच कर बसों के चालान भी काटे थे। क्योंकि स्कूल बसों में बहुत सारी कमियां थी। इसी के साथ ही आयोग के सदस्य अनिल लाठर ने दमकल विभाग को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी थी कि वह सभी निजी स्कूलों में जाकर जांच करें। यह देखें कि फायर एनओसी लेने के लिए निजी स्कूलों ने जो दस्तावेज जमा करवा रखे हैं उनके हिसाब से स्कूलों में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं। इस पर दमकल विभाग की टीम ने जिले के निजी स्कूलों में जाकर जांच की।
जांच में पता चला था कि 90 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जिनमें फायर लाइन ही नहीं थी। इसके अलावा अन्य उपकरणों का भी अभाव है। स्कूलों ने दिखावे के नाम पर केवल फायर सिलिंडर रखे मिले। ताकि कोई बाहर से जांच करने आए तो उन्हें यह सिलिंडर दिखाए जा सके। अनिल लाठर ने दमकल अधिकारी को शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इन स्कूलों में फायर सुरक्षा के प्रबंध कराने को कहा था। जो ऐसा नहीं करता उसकी फायर एनओसी रद्द की जाए। करीब 45 स्कूलों ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है।
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जिन निजी स्कूलों में फायर एनओसी के हिसाब से आग से निपटने के प्रबंध नहीं हैं, उन्हें नोटिस जारी किया था। आधे स्कूलों ने तो नोटिस का जवाब देते हुए आग से निपटने के सभी इंतजाम करने की बात कही थी। परंतु कुछ स्कूल अभी रहते हैं जिन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया। जल्द ही इनके यहां जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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- पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी, यमुनानगर।