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Yamuna Nagar News: कच्चे माल की कीमतों ने बढ़ाई बर्तन नगरी की चिंता

Fri, 09 Jan 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 09 Jan 2026 01:35 AM IST
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Prices of raw materials have raised concerns in the utensils city.
फैक्टरी के अंदर कारीगरों द्वारा तैयार किए गए बर्तन। आर्काइव
यमुनानगर। कच्चे माल यानी पीतल, तांबा, एल्युमिनियम और स्टील की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने 1500 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाले जगाधरी की बर्तन नगरी के कारोबार को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उत्पादन लागत बढ़ने से जहां उद्योगों की कमर टूट रही है।
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वहीं बाजार में मांग पर भी असर साफ नजर आने लगा है। कच्चे माल की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने पर बर्तन कारोबार में लगभग 20 प्रतिशत तक गिरावट आई है। जगाधरी की बर्तन नगरी काफी हद तक पीतल और अन्य धातुओं पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी यहां के उद्योगों के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है।
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बर्तन कारोबारी एवं दी जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चरर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल का कहना है कि कच्चे माल के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। हालांकि बाजार में प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण वे तैयार बर्तनों के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़ा पा रहे हैं। इसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ रहा है और छोटे उद्योग सबसे ज्यादा दबाव में हैं। कारोबारियों के अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो कई यूनिटों पर काफी असर पड़ेगा, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ने की आशंका है। वहीं, कच्चे माल के दाम बढ़ने पर बर्तन नगरी के थोक और खुदरा बाजारों में भी सुस्ती देखी जा रही है।
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वहीं, मानकपुर इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उप प्रधान देवेंद्र सिंह का कहना है सरकार का उद्योगों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। कच्चे माल के लगातार रेट बढ़ रहे हैं, इससे इकाइयां लगातार घाटे में चल रही है। व्यापारी समय पर टैक्स जमा करा रहे, उसके बाद भी सुविधा शून्य के नाम पर है।


12 देशों में जगाधरी से होते निर्यात बर्तन
जानकारी के अनुसार जगाधरी में स्टील के बर्तन बनाने की भी 450 से 500 छोटी-बड़ी इकाइयां हैं। एल्युमिनियम की 125 से ज्यादा फैक्टरियां चल रही हैं। पीतल और तांबे की करीब 100 फैक्टरियां हैं। यहां से करीब 250 से ज्यादा इकाइयां बर्तनों का निर्यात करती हैं। इनमें 100 इकाइयां अरब देशों में काम कर रही हैं। बता दें यहां बने स्टील, पीतल और एल्युमिनियम के बर्तन करीब 12 से ज्यादा देशों में भेजे जाते हैं। इनमें सऊदी अरब, अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप के कई देश शामिल हैं। वहीं, यहां से उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात सहित दक्षिण भारत के राज्यों में बर्तन भेजे जाते हैं।
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