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गर्भपात करने का इंजेक्शन लगाते हुए महिला डॉक्टर को रंगे हाथ काबू
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Wed, 25 Jan 2017 12:23 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। माडल टाउन में डेरा संतपुरा गुरुद्वारा के नजदीक स्थित मग्गो अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबिश देकर डिकोय को गर्भपात करने का इंजेक्शन लगाते हुए अस्पताल की डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ा। डाक्टर महिला को इंजेक्शन लगाने की वाली थी कि टीम ने उसे दबोच लिया। डॉक्टर ने गर्भपात करने के लिए 12 हजार रुपये लिए थे। जिन्हें विभागीय टीम ने बरामद कर लिया है। विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीएनडीटी इंचार्ज सुनील कुमार को सूचना मिली थी कि माडल टाउन स्थित में भगत सिंह पार्क के नजदीक क्लीनिक चलाने वाली डॉ. इकबाल कौर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का गर्भपात कराने का काम हो रहा है। डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए टीम बनाई, वहीं एक डिकोय को तैयार किया गया। टीम में डॉ. सुनील, सीडीपीओ प्रवीण छाबड़ा, डा. राजेश और अन्य थे। एक महिला डिकोय को सोमवार को डॉ. इकबाल कौर के पास भेजा गया। डिकोय ने डॉक्टर को बताया कि वह ढाई माह के गर्भ से है। उसके पास पहले से दो बच्चे हैं। इसलिए वह तीसरा बच्चा नहीं चाहती। वह अब गर्भपात कराना चाहती है। क्लीनिक की डॉक्टर इकबाल कौर ने इस पर आठ हजार रुपये खर्च आने की बात कही। दो हजार रुपये उसकी पीए ने एडवांस ले लिए। पर्ची बनाकर डिकोय को डॉ. ऋतू मग्गो के पास भेज दिया। डॉ. ऋतू मग्गो ने डिकोय का अल्ट्रासाउंड करने के बाद बताया कि उसके गर्भ में भ्रूण ढाई माह का नहीं बल्कि 12 हफ्ते से ज्यादा का है। अब गर्भपात करने में रिस्क है। इसलिए इस पर 12 हजार रुपये खर्च आएगा। डिकोय ने सहमति जताते हुए 12 हजार रुपये देने पर राजी हो गई। डा. मग्गो ने डिकोय को मंगलवार को आने को कहा। इस दौरान डाक्टर ने उसे एक गोली भी दी। मंगलवार को डिकोय डॉ. ऋतू मग्गो के पास पहुंची। उसके पीछे ही डॉक्टरों की टीम भी अस्पताल के नजदीक पहुंच गई। डॉक्टर ने गर्भपात के लिए डिकोय को इंजेक्शन लगाने की तैयारी कर ली थी। इसी दौरान डिकोय ने टीम को आने का संकेत दे दिया। जैसे ही डॉक्टर डिकोय को इंजेक्शन लगाने लगी तभी टीम मौके पर पहुंच गई और डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने यहां से डिकोय से लिए गए 12 हजार रुपये भी बरामद कर लिए। सभी नोट दो हजार के थे। टीम इंचार्ज सुनील कुमार ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
बॉक्स
तीसरा बच्चा नहीं चाहती थी महिला :
डॉ. ऋतू मग्गो का कहना है कि वे भ्रूण की लिंग जांच नहीं करती। महिला ने उसे बताया था कि उसके पहले से दो बच्चे हैं। लड़की अभी बहुत छोटी है। इसलिए वह तीसरा बच्चा नहीं चाहती थी। महिला का गर्भपात करना था या नहीं इससे पहले वह कुछ करती स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में आ गई। उन्होंने माना की अस्पताल में हर माह पांच से दस केस गर्भपात के आते हैं।
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कमीशन मिलता था :
डाक्टर इकबाल कौर का कहना है कि महिला उसके पास गर्भपात के लिए आई थी। लेकिन वह खुद नहीं करती। उसने महिला को डॉ. ऋतू मग्गो के पास भेज दिया था। मरीज रेफर करने पर उसे कमीशन मिलता है।
वर्जन
एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद अगामी कार्रवाई :
पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ. सुनील ने बताया कि मग्गो अस्पताल में एक गर्भवती महिला को डिकोय बनाकर भेजा गया था। डॉ. ऋतू मग्गो ने अवैध रूप से गर्भपात करने के 12 हजार रुपये लिए थे। ये रुपये बरामद हो गए हैं। डाक्टर द्वारा डिकोय को दी गई दवाई व इंजेक्शन को भी कब्जे में ले लिया है। अभी मामले में कागजी कार्रवाई चल रही है। इसके बाद शिकायत पुलिस को दी जाएगी। बुधवार को एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर। माडल टाउन में डेरा संतपुरा गुरुद्वारा के नजदीक स्थित मग्गो अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबिश देकर डिकोय को गर्भपात करने का इंजेक्शन लगाते हुए अस्पताल की डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ा। डाक्टर महिला को इंजेक्शन लगाने की वाली थी कि टीम ने उसे दबोच लिया। डॉक्टर ने गर्भपात करने के लिए 12 हजार रुपये लिए थे। जिन्हें विभागीय टीम ने बरामद कर लिया है। विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीएनडीटी इंचार्ज सुनील कुमार को सूचना मिली थी कि माडल टाउन स्थित में भगत सिंह पार्क के नजदीक क्लीनिक चलाने वाली डॉ. इकबाल कौर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का गर्भपात कराने का काम हो रहा है। डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए टीम बनाई, वहीं एक डिकोय को तैयार किया गया। टीम में डॉ. सुनील, सीडीपीओ प्रवीण छाबड़ा, डा. राजेश और अन्य थे। एक महिला डिकोय को सोमवार को डॉ. इकबाल कौर के पास भेजा गया। डिकोय ने डॉक्टर को बताया कि वह ढाई माह के गर्भ से है। उसके पास पहले से दो बच्चे हैं। इसलिए वह तीसरा बच्चा नहीं चाहती। वह अब गर्भपात कराना चाहती है। क्लीनिक की डॉक्टर इकबाल कौर ने इस पर आठ हजार रुपये खर्च आने की बात कही। दो हजार रुपये उसकी पीए ने एडवांस ले लिए। पर्ची बनाकर डिकोय को डॉ. ऋतू मग्गो के पास भेज दिया। डॉ. ऋतू मग्गो ने डिकोय का अल्ट्रासाउंड करने के बाद बताया कि उसके गर्भ में भ्रूण ढाई माह का नहीं बल्कि 12 हफ्ते से ज्यादा का है। अब गर्भपात करने में रिस्क है। इसलिए इस पर 12 हजार रुपये खर्च आएगा। डिकोय ने सहमति जताते हुए 12 हजार रुपये देने पर राजी हो गई। डा. मग्गो ने डिकोय को मंगलवार को आने को कहा। इस दौरान डाक्टर ने उसे एक गोली भी दी। मंगलवार को डिकोय डॉ. ऋतू मग्गो के पास पहुंची। उसके पीछे ही डॉक्टरों की टीम भी अस्पताल के नजदीक पहुंच गई। डॉक्टर ने गर्भपात के लिए डिकोय को इंजेक्शन लगाने की तैयारी कर ली थी। इसी दौरान डिकोय ने टीम को आने का संकेत दे दिया। जैसे ही डॉक्टर डिकोय को इंजेक्शन लगाने लगी तभी टीम मौके पर पहुंच गई और डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने यहां से डिकोय से लिए गए 12 हजार रुपये भी बरामद कर लिए। सभी नोट दो हजार के थे। टीम इंचार्ज सुनील कुमार ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
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तीसरा बच्चा नहीं चाहती थी महिला :
डॉ. ऋतू मग्गो का कहना है कि वे भ्रूण की लिंग जांच नहीं करती। महिला ने उसे बताया था कि उसके पहले से दो बच्चे हैं। लड़की अभी बहुत छोटी है। इसलिए वह तीसरा बच्चा नहीं चाहती थी। महिला का गर्भपात करना था या नहीं इससे पहले वह कुछ करती स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में आ गई। उन्होंने माना की अस्पताल में हर माह पांच से दस केस गर्भपात के आते हैं।
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कमीशन मिलता था :
डाक्टर इकबाल कौर का कहना है कि महिला उसके पास गर्भपात के लिए आई थी। लेकिन वह खुद नहीं करती। उसने महिला को डॉ. ऋतू मग्गो के पास भेज दिया था। मरीज रेफर करने पर उसे कमीशन मिलता है।
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एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद अगामी कार्रवाई :
पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ. सुनील ने बताया कि मग्गो अस्पताल में एक गर्भवती महिला को डिकोय बनाकर भेजा गया था। डॉ. ऋतू मग्गो ने अवैध रूप से गर्भपात करने के 12 हजार रुपये लिए थे। ये रुपये बरामद हो गए हैं। डाक्टर द्वारा डिकोय को दी गई दवाई व इंजेक्शन को भी कब्जे में ले लिया है। अभी मामले में कागजी कार्रवाई चल रही है। इसके बाद शिकायत पुलिस को दी जाएगी। बुधवार को एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।