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बिना वजह हार्ट स्टंट डालने का आरोप, अस्पताल के सामने प्रदर्शन
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- फोटो : Yamuna Nagar
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शहर के एक निजी अस्पताल के खिलाफ डीसी को दी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने वीरवार को अस्पताल के सामने छह घंटे प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे डीसी को मौके पर बुलाने के लिए अड़े रहे।
भाकियू सुबह रेलवे रोड स्थित हार्ट केयर सेंटर के सामने पहुंचे और दरियां बिछाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान सिंह पहुंचे। जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुभाषचंद गुर्जर ने की। किसानों ने अस्पताल व चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान थाना शहर यमुनानगर की ओर से पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शन को प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने भी समर्थन दिया। इस दौरान तहसीलदार छोटू राम, एसडीएम बीबी कौशिक, सीएमओ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने करीब आधा घंटा प्रदर्शनकारियों को समझाया। अस्पताल के खिलाफ एसडीएम ने सीएमओ को जांच करने के आदेश दिए हैं। 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। करीब तीन बजे प्रदर्शन समाप्त किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि 30 जनवरी दोपहर को वह शादी समारोह में शामिल होने छछरौली गया था। रात को जब वह घर पहुंचे तो उनके सीने में दर्द हुआ। जिस पर उनका भाई छत्रपाल व बेटा अनुराग उन्हें हार्ट केयर सेंटर ले आए। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया। ड्यूटी नी डॉक्टर ने उनके बेटे को कहा कि उनके पिता को हार्ट अटैक आया है। इंजोग्राफी के साथ स्टंट डालना होगा। जिस पर दो लाख रुपये खर्च आएगा। उन्होंने परिजनों को उनकी जान को खतरा बताकर डराया। हार्ट और नसें ब्लॉक होना बताकर चार लाख रुपये ले लिए। इस बारे 10 फरवरी को उन्होंने डीसी को शिकायत दी थी।
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-प्रदर्शन के दौरान करीब दस अन्य लोगों ने अस्पताल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। पीड़ितों ने बताया कि अस्पताल बिना किसी वजह व जरूरत के वहां आने वाले मरीज को स्टंट डाल देता है। एडवोकेट दिनेश खुराना ने बताया कि उसके पिता ओमप्रकाश खुराना को छह माह पहले स्टंट डाला गया। इसके बावजूद उनके पिता की मौत हो गई। इसके अलावा दीपांशु महेंद्रु, राजकुमार सहित अन्य लोगों ने अस्पताल पर उन्हें लाखों रुपये लेने के आरोप लगाए।
एसडीएम बीबी कौशिक ने कहा कि मामले की जांच सीएमओ को सौंप दी गई हे। 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट जारी की जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे। उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया गया। मोबाइल पर मैसेज भी किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। जवाब मिलने पर उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा।
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भाकियू सुबह रेलवे रोड स्थित हार्ट केयर सेंटर के सामने पहुंचे और दरियां बिछाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान सिंह पहुंचे। जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुभाषचंद गुर्जर ने की। किसानों ने अस्पताल व चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान थाना शहर यमुनानगर की ओर से पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शन को प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने भी समर्थन दिया। इस दौरान तहसीलदार छोटू राम, एसडीएम बीबी कौशिक, सीएमओ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने करीब आधा घंटा प्रदर्शनकारियों को समझाया। अस्पताल के खिलाफ एसडीएम ने सीएमओ को जांच करने के आदेश दिए हैं। 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। करीब तीन बजे प्रदर्शन समाप्त किया।
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भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि 30 जनवरी दोपहर को वह शादी समारोह में शामिल होने छछरौली गया था। रात को जब वह घर पहुंचे तो उनके सीने में दर्द हुआ। जिस पर उनका भाई छत्रपाल व बेटा अनुराग उन्हें हार्ट केयर सेंटर ले आए। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया। ड्यूटी नी डॉक्टर ने उनके बेटे को कहा कि उनके पिता को हार्ट अटैक आया है। इंजोग्राफी के साथ स्टंट डालना होगा। जिस पर दो लाख रुपये खर्च आएगा। उन्होंने परिजनों को उनकी जान को खतरा बताकर डराया। हार्ट और नसें ब्लॉक होना बताकर चार लाख रुपये ले लिए। इस बारे 10 फरवरी को उन्होंने डीसी को शिकायत दी थी।
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-प्रदर्शन के दौरान करीब दस अन्य लोगों ने अस्पताल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। पीड़ितों ने बताया कि अस्पताल बिना किसी वजह व जरूरत के वहां आने वाले मरीज को स्टंट डाल देता है। एडवोकेट दिनेश खुराना ने बताया कि उसके पिता ओमप्रकाश खुराना को छह माह पहले स्टंट डाला गया। इसके बावजूद उनके पिता की मौत हो गई। इसके अलावा दीपांशु महेंद्रु, राजकुमार सहित अन्य लोगों ने अस्पताल पर उन्हें लाखों रुपये लेने के आरोप लगाए।
एसडीएम बीबी कौशिक ने कहा कि मामले की जांच सीएमओ को सौंप दी गई हे। 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट जारी की जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे। उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया गया। मोबाइल पर मैसेज भी किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। जवाब मिलने पर उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा।