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दूसरे के साथ इकरारनामा कर जमीन बेचने के नाम पर व्यक्ति ने ठगे आठ लाख
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यमुनानगर/छछरौली। पहले से दूसरे को बेची जमीन को बेचने का इकरारनामा तैयार करवा एक व्यक्ति ने बदनपुरी निवासी अंकुश चौधरी से आठ लाख रुपये लेकर हड़प लिए। आरोपी ने 11 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन का सौदा कर लिया। इकरारनामा होने के चार साल बाद भी जब आरोपी ने रजिस्ट्री नहीं करवाई तो पीड़ित ने अपने स्तर पर जांच की। जांच में पता चला कि जिस जमीन को बेचने के नाम पर आरोपी ने उससे आठ लाख रुपये लिए थे, उस जमीन को बेचने का इकरारनामा आरोपी पहले से किसी और के साथ कर चुका है। इसके अलावा जमीन पर बैंक से लोन भी लिया हुआ है। पता चलने पर पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बदनपुरी निवासी अंकुश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात जयधरी निवासी ओमप्रकाश के माध्यम से लाहोरीवाला निवासी समय सिंह के साथ हुई। आरोपी ने उसे समय सिंह ने उसे बताया कि वह अपनी बीचपुड़ी स्थित छह कनाल भूमि बेचना चाहता है। बातचीत के दौरान 11 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन बेचने का सौदा तय हो गया। तब पांच अक्तूबर 2016 को जमीन का इकरारनामा तहरीर करवाने का समय तय किया गया। तय समय अनुसार पांच अक्तूबर को आरोपी समय सिंह उसे छछरौली में मिला। समय सिंह अपने साथ पहले से ही एक 100 रुपये का स्टांप पेपर एग्रीमेंट के लिए ले रहा था। गवाह ओमप्रकाश व अन्य गवाहों को भी उन्होंने छछरौली ही बुला लिया था। समय सिंह के कहे मुताबिक उसकी छह कनाल भूमि बीचपुड़ी का इकरारनामा 11 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से उसके हक में तहरीर करवा दिया गया। तब उन्होंने आरोपी समय सिंह को छह लाख रुपये नकद मौके पर ही दे दिए। इसके बाद रजिस्ट्री की तारीख पांच अक्तूबर 2017 तय कर ली गई। जमीन के सौदे का इकरारनामा होने पर आरोपी ने उस पर अपने हस्ताक्षर किए और छह लाख रुपये नकद वसूलने की बात भी लिखी, लेकिन इसके बाद समय सिंह किसी न किसी बहाने से रजिस्ट्री की तारीख आगे बढ़वाता रहा। 30 मई 2019 को आरोपी समय सिंह ने उससे 2 लाख रुपये बतौर पार्ट पेमेंट लेकर रजिस्ट्री की तारीख 14 फरवरी 2021 को तय कर ली गई। तय समय पर जब उसने आरोपी समय सिंह को रजिस्ट्री करवाने की बात कही तो आरोपी उससे टाल मटोल करने लगा। आरोपी की नीयत पर शक होने पर उसने अपने स्तर पर जांच की और आसपास के लोगों से आरोपी की जमीन के बारे में पूछताछ की। तब उसे पता चला कि आरोपी समय सिंह ने जो भूमि बेचने का इकरारनामा करके उससे आठ लाख रुपये ले लिए हैं। वह भूमि बेचने का इकरारनामा आरोपी समय सिंह पहले से ही शहजादवाला निवासी पूर्ण सिंह के साथ 13 अगस्त 2015 को कर चुका है। आरोपी, पूर्ण सिंह से भी जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये पहले ही प्राप्त कर चुका है। इतना ही नहीं आरोपी समय सिंह ने इस भूमि पर बैंक से भी लोन लिया हुआ है। पीड़ित पूर्ण सिंह ने भी समय सिंह के खिलाफ दीवानी न्यायालय बिलासपुर में रजिस्ट्री बनवाने के बारे में दावा दायर किया हुआ है। जो न्यायालय में विचाराधीन है। खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने पर अंकुश चौधरी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी समय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी प्रवीण का कहना है कि मामले की जांच कर रहे है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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बदनपुरी निवासी अंकुश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात जयधरी निवासी ओमप्रकाश के माध्यम से लाहोरीवाला निवासी समय सिंह के साथ हुई। आरोपी ने उसे समय सिंह ने उसे बताया कि वह अपनी बीचपुड़ी स्थित छह कनाल भूमि बेचना चाहता है। बातचीत के दौरान 11 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन बेचने का सौदा तय हो गया। तब पांच अक्तूबर 2016 को जमीन का इकरारनामा तहरीर करवाने का समय तय किया गया। तय समय अनुसार पांच अक्तूबर को आरोपी समय सिंह उसे छछरौली में मिला। समय सिंह अपने साथ पहले से ही एक 100 रुपये का स्टांप पेपर एग्रीमेंट के लिए ले रहा था। गवाह ओमप्रकाश व अन्य गवाहों को भी उन्होंने छछरौली ही बुला लिया था। समय सिंह के कहे मुताबिक उसकी छह कनाल भूमि बीचपुड़ी का इकरारनामा 11 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से उसके हक में तहरीर करवा दिया गया। तब उन्होंने आरोपी समय सिंह को छह लाख रुपये नकद मौके पर ही दे दिए। इसके बाद रजिस्ट्री की तारीख पांच अक्तूबर 2017 तय कर ली गई। जमीन के सौदे का इकरारनामा होने पर आरोपी ने उस पर अपने हस्ताक्षर किए और छह लाख रुपये नकद वसूलने की बात भी लिखी, लेकिन इसके बाद समय सिंह किसी न किसी बहाने से रजिस्ट्री की तारीख आगे बढ़वाता रहा। 30 मई 2019 को आरोपी समय सिंह ने उससे 2 लाख रुपये बतौर पार्ट पेमेंट लेकर रजिस्ट्री की तारीख 14 फरवरी 2021 को तय कर ली गई। तय समय पर जब उसने आरोपी समय सिंह को रजिस्ट्री करवाने की बात कही तो आरोपी उससे टाल मटोल करने लगा। आरोपी की नीयत पर शक होने पर उसने अपने स्तर पर जांच की और आसपास के लोगों से आरोपी की जमीन के बारे में पूछताछ की। तब उसे पता चला कि आरोपी समय सिंह ने जो भूमि बेचने का इकरारनामा करके उससे आठ लाख रुपये ले लिए हैं। वह भूमि बेचने का इकरारनामा आरोपी समय सिंह पहले से ही शहजादवाला निवासी पूर्ण सिंह के साथ 13 अगस्त 2015 को कर चुका है। आरोपी, पूर्ण सिंह से भी जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये पहले ही प्राप्त कर चुका है। इतना ही नहीं आरोपी समय सिंह ने इस भूमि पर बैंक से भी लोन लिया हुआ है। पीड़ित पूर्ण सिंह ने भी समय सिंह के खिलाफ दीवानी न्यायालय बिलासपुर में रजिस्ट्री बनवाने के बारे में दावा दायर किया हुआ है। जो न्यायालय में विचाराधीन है। खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने पर अंकुश चौधरी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी समय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी प्रवीण का कहना है कि मामले की जांच कर रहे है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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