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कुट्टू का आटा खाने से लोगों ने पकड़ा बिस्तर, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
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कुट्टू का आटा खाने से एक ही परिवार के चार समेत 18 लोग बीमार
फोटो-6,7,8, 9, 21 व 22
शनिवार को हालत बिगड़ने पर 32 लोगों को सिविल अस्पताल में कराया गया था भर्ती, उपचार के बाद दी गई छुट्टी ,आटा खाने के कुछ देर बाद ही लोगों को हो गई थी उल्टियां शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चैत्र नवरात्र के चलते उपवास रख रहे लोगों में शामिल एक ही परिवार के चार लोगों समेत 18 लोग कुट्टू के आटे का सेवन करने से बीमार पड़ गए। हालत बिगड़ने पर पीड़ितों को ट्विन सिटी के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। शनिवार को हालत बिगड़ने पर 32 लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उनको उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
आनंद मार्केट में ही रहने वाले राजकुमार ने बताया कि उसकी पत्नी रितू रानी, बेटी साक्षी, बेटा अभिषेक और पुत्रवधू भावना ने नवरात्र का व्रत रखा हुआ है। नजदीक की दुकान से वह दोपहर को कुट्टू का आटा लेकर आया था। डेढ़ घंटे बाद ही सभी को उल्टियां व पेट में मरोड़े लगने शुरू हो गए। इसके कुछ देर बाद ही सभी की हालत खराब हो गई। इसके बाद वह किसी तरह से उन्हें ईएसआई अस्पताल के सामने इंद्रा अस्पताल लेकर गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। इतना ही नहीं छोटा मॉडल टाउन, सेक्टर 18 व आनंद मार्केट में ही कईं जगहों पर लोग कुट्टू का आटा खाने से बीमार हैं।
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शनिवार से चैत्र नवरात्रि महोत्सव आरंभ हो गया है। 9 दिनों तक श्रद्धालु मां भगवती की आराधना करते हुए अन्न का त्याग कर उपवास कर रहे हैं। कुछ लोगों ने किसी दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा और शाम को उसके व्यंजन बनाकर उपवास खोलने के लिए सेवन कर लिया। कुछ समय बाद ही लोगों की तबीयत खराब होने लगी। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया है। शनिवार शाम को 32 लोगों की कुट्टू का आटा खाने के बार सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालांकि इन सभी को स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी दे दी गई है।
एक घंटे बाद ही होने लगी थीं उल्टियां
आनंद मार्केट में रहने वाली गीतिका ने बताया कि वह पास की दुकान से ही कुट्टू का आटा लेकर आई थी। शाम तीन बजे जब कुछ व्यंजन बनाकर उसने और पति राजेंद्र सिंह ने खाया तो एक घंटे बाद दोनों को उल्टियां लगनी शुरू हो गई। इसके बाद परिजन उन्हें प्राइवेट अस्पताल लेकर गए हैं। जहां से उसे तो छुट्टी दे दी गई, जबकि पति राजेंद्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बाक्स
मिलावट की वजह से लोग हो रहे बीमार
कुट्टू का आटा बकवीट के पौधों के बीजों से बनता है। कुट्टू कहे जाने वाले आटे को अंग्रेजी में बकवीट, तो पंजाब में ओखला के नाम से जाना जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में फैगोपाइरम एसक्युल्युटम कहते हैं। मिलावटखोरों की वजह से पिछले कुछ सालों से नवरात्र में व्रत रखने वालों के लिए कई बार कुट्टू के आटे से बना खाना जहर साबित हुआ है। कुट्टू का आटा अपने अंदर बहुत से गुण छिपाए हुए है। 75 प्रतिशत कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और 25 प्रतिशत हाई क्वालिटी प्रोटीन होते हैं, जो वजन कम करने में सहायक होते हैं। इसके प्रयोग के कुछ घंटे के बाद एलर्जिक एक्टिविटीज होती है। इससे रिएक्शन जैसे लक्षण दिखते हैं। पेट में तीव्र मरोड़ के साथ दर्द, उल्टी, दस्त, मतिभ्रम (बौखलाहट व स्मृति दोष) हो जाता है। मूत्र से नियंत्रण कम होने लगता है। यहां तक कि मस्तिष्क में खून की नलियों में इसका अत्यधिक असर पड़ता है। यहां बता दें कुट्टू का प्रयोग करने से पहले खाली पेट इसको थोड़ी मात्रा में सेवन करके देख लें। बच्चों को इसको बिल्कुल न दें। एलर्जी होने पर इस्तेमाल से बचें।
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वर्जन
रात भी 32 केस सामने आए थे। उन सभी को उपचार देकर छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा खाद्य विभाग को सूचित कर सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए बोल दिया गया है। इसके अलावा लोग कुट्टू का आटा लेने से पहले उसे अच्छे से परख लें तथा उसके व्यंजनों को पहले थोड़ा सेवन करें।
-पूनम चौधरी, कार्यवाहक सिविल सर्जन।
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फोटो-6,7,8, 9, 21 व 22
शनिवार को हालत बिगड़ने पर 32 लोगों को सिविल अस्पताल में कराया गया था भर्ती, उपचार के बाद दी गई छुट्टी ,आटा खाने के कुछ देर बाद ही लोगों को हो गई थी उल्टियां शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चैत्र नवरात्र के चलते उपवास रख रहे लोगों में शामिल एक ही परिवार के चार लोगों समेत 18 लोग कुट्टू के आटे का सेवन करने से बीमार पड़ गए। हालत बिगड़ने पर पीड़ितों को ट्विन सिटी के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। शनिवार को हालत बिगड़ने पर 32 लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उनको उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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आनंद मार्केट में ही रहने वाले राजकुमार ने बताया कि उसकी पत्नी रितू रानी, बेटी साक्षी, बेटा अभिषेक और पुत्रवधू भावना ने नवरात्र का व्रत रखा हुआ है। नजदीक की दुकान से वह दोपहर को कुट्टू का आटा लेकर आया था। डेढ़ घंटे बाद ही सभी को उल्टियां व पेट में मरोड़े लगने शुरू हो गए। इसके कुछ देर बाद ही सभी की हालत खराब हो गई। इसके बाद वह किसी तरह से उन्हें ईएसआई अस्पताल के सामने इंद्रा अस्पताल लेकर गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। इतना ही नहीं छोटा मॉडल टाउन, सेक्टर 18 व आनंद मार्केट में ही कईं जगहों पर लोग कुट्टू का आटा खाने से बीमार हैं।
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शनिवार से चैत्र नवरात्रि महोत्सव आरंभ हो गया है। 9 दिनों तक श्रद्धालु मां भगवती की आराधना करते हुए अन्न का त्याग कर उपवास कर रहे हैं। कुछ लोगों ने किसी दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा और शाम को उसके व्यंजन बनाकर उपवास खोलने के लिए सेवन कर लिया। कुछ समय बाद ही लोगों की तबीयत खराब होने लगी। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया है। शनिवार शाम को 32 लोगों की कुट्टू का आटा खाने के बार सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालांकि इन सभी को स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी दे दी गई है।
एक घंटे बाद ही होने लगी थीं उल्टियां
आनंद मार्केट में रहने वाली गीतिका ने बताया कि वह पास की दुकान से ही कुट्टू का आटा लेकर आई थी। शाम तीन बजे जब कुछ व्यंजन बनाकर उसने और पति राजेंद्र सिंह ने खाया तो एक घंटे बाद दोनों को उल्टियां लगनी शुरू हो गई। इसके बाद परिजन उन्हें प्राइवेट अस्पताल लेकर गए हैं। जहां से उसे तो छुट्टी दे दी गई, जबकि पति राजेंद्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बाक्स
मिलावट की वजह से लोग हो रहे बीमार
कुट्टू का आटा बकवीट के पौधों के बीजों से बनता है। कुट्टू कहे जाने वाले आटे को अंग्रेजी में बकवीट, तो पंजाब में ओखला के नाम से जाना जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में फैगोपाइरम एसक्युल्युटम कहते हैं। मिलावटखोरों की वजह से पिछले कुछ सालों से नवरात्र में व्रत रखने वालों के लिए कई बार कुट्टू के आटे से बना खाना जहर साबित हुआ है। कुट्टू का आटा अपने अंदर बहुत से गुण छिपाए हुए है। 75 प्रतिशत कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और 25 प्रतिशत हाई क्वालिटी प्रोटीन होते हैं, जो वजन कम करने में सहायक होते हैं। इसके प्रयोग के कुछ घंटे के बाद एलर्जिक एक्टिविटीज होती है। इससे रिएक्शन जैसे लक्षण दिखते हैं। पेट में तीव्र मरोड़ के साथ दर्द, उल्टी, दस्त, मतिभ्रम (बौखलाहट व स्मृति दोष) हो जाता है। मूत्र से नियंत्रण कम होने लगता है। यहां तक कि मस्तिष्क में खून की नलियों में इसका अत्यधिक असर पड़ता है। यहां बता दें कुट्टू का प्रयोग करने से पहले खाली पेट इसको थोड़ी मात्रा में सेवन करके देख लें। बच्चों को इसको बिल्कुल न दें। एलर्जी होने पर इस्तेमाल से बचें।
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वर्जन
रात भी 32 केस सामने आए थे। उन सभी को उपचार देकर छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा खाद्य विभाग को सूचित कर सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए बोल दिया गया है। इसके अलावा लोग कुट्टू का आटा लेने से पहले उसे अच्छे से परख लें तथा उसके व्यंजनों को पहले थोड़ा सेवन करें।
-पूनम चौधरी, कार्यवाहक सिविल सर्जन।