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Yamuna Nagar News: लोगों को भा रहा पानीपत का आचार
Tue, 14 Oct 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 14 Oct 2025 12:07 AM IST
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स्वदेशी मेले में स्टॉल पर जानकारी लेते लोग। संवाद
- फोटो : Katra news
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पेपर मिल के मैदान में स्वदेशी जागरण की ओर से लगाए गए स्वदेशी मेले में जहां देश की परंपरा व संस्कृति की सांस्कृतिक कार्यक्रम में झलक देखने को मिल रही। वहीं यहां आने वाले दर्शकों को गुजरात-महाराष्ट्र के हाथ से बने बंदनवार तो पानीपत का पंचरंगा आचार खूब भा रहा है।
इतना ही नहीं यहां लगे अन्य प्रकार के व्यंजनों का भी स्वाद चखने को मिल रहा। बात करें तो यहां मेले में लगे फलों का मुरब्बा, साजसज्जा का सामान, किंग साइज की चादरें, हैंडलूम का सामान इत्यादि मेले में पूरी तरह देसी व हस्त निर्मित उत्पाद हैं जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
स्वदेशी मेले में अलग से पंजाबी ढाबा भी बनाया हुआ है, जहां आने वाले दर्शक मक्की की रोटी और सरसों का साग चखने को मिल रहा है। यहां तक राजस्थान का जहाज कहलाने वाले ऊंटों की सवारी आदि भी बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा मेले में स्थानीय उद्योगों, गृह उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़ी और स्वयं सहायता समूह के बारे में दर्शकों को काफी कुछ सीखने के मिल रहा है।
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वहीं स्वदेशी जागरण मंच से मेला आयोजक डॉ. दीपमाला कांबोज का कहना है कि मेले के लिए 40 स्टॉल बुक हैं। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वदेशी उत्पाद, भारतीय एवं लोक परंपरा के व्यंजन, प्राकृतिक खेती के उत्पाद, गृह उद्योग, हस्त निर्मित वस्तुएं के स्टॉल लगाई गए हैं, जिन पर लोग खरीदारी कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने किया निरीक्षण
पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल ने मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देने वाले प्रतिभागियों के नृत्य का सराहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रकार के स्वदेशी मेले के आयोजन होते रहने चाहिए, इससे लोगों को अपनी देश में निर्मित वस्तुओं की तरफ रुझान बढ़ता है। इसके अलावा लोगों को काफी कुछ सीखने के लिए भी मिलता है।
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यमुनानगर। पेपर मिल के मैदान में स्वदेशी जागरण की ओर से लगाए गए स्वदेशी मेले में जहां देश की परंपरा व संस्कृति की सांस्कृतिक कार्यक्रम में झलक देखने को मिल रही। वहीं यहां आने वाले दर्शकों को गुजरात-महाराष्ट्र के हाथ से बने बंदनवार तो पानीपत का पंचरंगा आचार खूब भा रहा है।
इतना ही नहीं यहां लगे अन्य प्रकार के व्यंजनों का भी स्वाद चखने को मिल रहा। बात करें तो यहां मेले में लगे फलों का मुरब्बा, साजसज्जा का सामान, किंग साइज की चादरें, हैंडलूम का सामान इत्यादि मेले में पूरी तरह देसी व हस्त निर्मित उत्पाद हैं जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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स्वदेशी मेले में अलग से पंजाबी ढाबा भी बनाया हुआ है, जहां आने वाले दर्शक मक्की की रोटी और सरसों का साग चखने को मिल रहा है। यहां तक राजस्थान का जहाज कहलाने वाले ऊंटों की सवारी आदि भी बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा मेले में स्थानीय उद्योगों, गृह उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़ी और स्वयं सहायता समूह के बारे में दर्शकों को काफी कुछ सीखने के मिल रहा है।
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वहीं स्वदेशी जागरण मंच से मेला आयोजक डॉ. दीपमाला कांबोज का कहना है कि मेले के लिए 40 स्टॉल बुक हैं। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वदेशी उत्पाद, भारतीय एवं लोक परंपरा के व्यंजन, प्राकृतिक खेती के उत्पाद, गृह उद्योग, हस्त निर्मित वस्तुएं के स्टॉल लगाई गए हैं, जिन पर लोग खरीदारी कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने किया निरीक्षण
पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल ने मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देने वाले प्रतिभागियों के नृत्य का सराहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रकार के स्वदेशी मेले के आयोजन होते रहने चाहिए, इससे लोगों को अपनी देश में निर्मित वस्तुओं की तरफ रुझान बढ़ता है। इसके अलावा लोगों को काफी कुछ सीखने के लिए भी मिलता है।