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Yamuna Nagar News: महिला सरपंचों को बताए पंचायती अधिकार
Wed, 08 Jan 2025 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 08 Jan 2025 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा राज्य महिला आयोग और मार्था फैरल फाउंडेशन की तरफ से मंगलवार को सेक्टर-17 स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में महिला सरपंचों के साथ महिला सुरक्षा विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने महिला सरपंचों को उनके अधिकार बताए।
चेयरपर्सन भाटिया ने महिला सरपंचों को महिला आयोग की कार्यशैली के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आयोग महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा के खिलाफ है। जो ऐसी हिंसा को करता है, आयोग उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सरपंच होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने पंचायत में बाल विवाह को पूर्णत रोके और इसके लिए लोगों को जागरूक करें।
पिछले दिनों राष्ट्रपति भवन में हुए एक कार्यक्रम पंचायत से पार्लियामेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने बहुत साफ संदेश दिया है कि महिला सरपंचों की पंचायतों में पुरुषों की किसी भी तरीके से दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। महिला सरपंच अपनी पंचायतों का निर्णय स्वतंत्रता से लें और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन करें।
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भाटिया ने कहा कि आज परिवार टूटने की वजह पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं है। महिलाओं को सरपंच बनाकर सरकार ने लोगों की सेवा करने का मौका दिया है। महिलाओं को परिवार और समाज में कैसे तालमेल बनाकर काम करना है इसके बारे में पता होना चाहिए। यूट्यूब पर बेकार के वीडियो देखने के बजाय ऐसी चीजें देखे जिससे समाज को फायदा हो सके।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज में बहू द्वारा दहेज नहीं लाने जैसे समस्याएं देखने को मिल रही हैं। आज महिलाओं के उत्पीड़न का कारण शहर व ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग है। कार्यक्रम में मार्था फैरल फाउंडेशन से आई रिद्धिमा राठी ने लिंग आधारित हिंसा पर महिलाओं को स्वयं के लिए खड़े रहने और लड़ने के लिए प्रेरित किया।
इसी संस्था से आए पीयूष पोद्दार ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के बारे में विस्तार से बताया और सरपंच होने के नाते महिला हितैषी पंचायत बनाने में ग्राम पंचायत विकास योजना का उपयोग किया जा सकता है। यमुनानगर की पुलिस प्रोटेक्शन ऑफिसर अरविंद्र कौर ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी को घर से ही सुरक्षा की शुरुआत करनी है। इस मौके पर मुख्य रूप से डीडीपीओ नरेंद्र सिंह, एसएचओ बलजीत कौर, सीडीपीओ तरविंद्र कौर, अंकुर भारद्वाज सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों की महिला सरपंच उपस्थित रहीं।
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यमुनानगर। हरियाणा राज्य महिला आयोग और मार्था फैरल फाउंडेशन की तरफ से मंगलवार को सेक्टर-17 स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में महिला सरपंचों के साथ महिला सुरक्षा विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने महिला सरपंचों को उनके अधिकार बताए।
चेयरपर्सन भाटिया ने महिला सरपंचों को महिला आयोग की कार्यशैली के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आयोग महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा के खिलाफ है। जो ऐसी हिंसा को करता है, आयोग उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सरपंच होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने पंचायत में बाल विवाह को पूर्णत रोके और इसके लिए लोगों को जागरूक करें।
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पिछले दिनों राष्ट्रपति भवन में हुए एक कार्यक्रम पंचायत से पार्लियामेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने बहुत साफ संदेश दिया है कि महिला सरपंचों की पंचायतों में पुरुषों की किसी भी तरीके से दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। महिला सरपंच अपनी पंचायतों का निर्णय स्वतंत्रता से लें और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन करें।
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भाटिया ने कहा कि आज परिवार टूटने की वजह पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं है। महिलाओं को सरपंच बनाकर सरकार ने लोगों की सेवा करने का मौका दिया है। महिलाओं को परिवार और समाज में कैसे तालमेल बनाकर काम करना है इसके बारे में पता होना चाहिए। यूट्यूब पर बेकार के वीडियो देखने के बजाय ऐसी चीजें देखे जिससे समाज को फायदा हो सके।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज में बहू द्वारा दहेज नहीं लाने जैसे समस्याएं देखने को मिल रही हैं। आज महिलाओं के उत्पीड़न का कारण शहर व ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग है। कार्यक्रम में मार्था फैरल फाउंडेशन से आई रिद्धिमा राठी ने लिंग आधारित हिंसा पर महिलाओं को स्वयं के लिए खड़े रहने और लड़ने के लिए प्रेरित किया।
इसी संस्था से आए पीयूष पोद्दार ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के बारे में विस्तार से बताया और सरपंच होने के नाते महिला हितैषी पंचायत बनाने में ग्राम पंचायत विकास योजना का उपयोग किया जा सकता है। यमुनानगर की पुलिस प्रोटेक्शन ऑफिसर अरविंद्र कौर ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी को घर से ही सुरक्षा की शुरुआत करनी है। इस मौके पर मुख्य रूप से डीडीपीओ नरेंद्र सिंह, एसएचओ बलजीत कौर, सीडीपीओ तरविंद्र कौर, अंकुर भारद्वाज सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों की महिला सरपंच उपस्थित रहीं।