जमीन की अधिसूचना रद्द नहीं तो आंदोलन

यमुनानगर Updated Thu, 23 Jan 2014 05:09 PM IST
हुडा सेक्टर 13, 14 और 19 के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होते ही विरोध के सुर भी उड़ने लगे हैं। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसान आगबबूले हो रहे हैं।

किसानों का कहना है कि यह अधिसूचना रद्द की जाए। जमीन को किसी भी कीमत पर अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा। अधिसूचना रद्द कराने के लिए विरोध की रणनीति बनाने के लिए बुधवार को गांव रटौली में भाकियू के ब्लॉक प्रधान हरपाल सुढैल की अध्यक्षता में बैठक हुई और बैठक के बाद किसान मांग पत्र देने के लिए डीसी कार्यालय पहुंचे। यहां पर किसानों ने डीसी कार्यालय में मांग पत्र दिया।

हुडा सेक्टर को लेकर गांव रटौली, गोबंदपुरा, हुंडेवाला और फार्म की 188 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जानी है। इसकी अधिसूचना पिछले दिनों जारी की गई थी। इससे पहले भी किसान डीसी को अधिसूचना रद्द करने के लिए मांग पत्र दे चुके हैं। भाकियू ब्लॉक प्रधान हरपाल सुढैल, राकेश त्यागी, नरेंद्र सिंह और हरप्रीत सिंह का कहना है कि भूमि अर्जन अधिकारी की ओर से गांवों की भूमि सेक्टर-19, 14 और 13 के लिए अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की है। जो सरासर गलत और निराधार है।

भूमि अर्जन अधिकारी ने जानबूझकर यह अधिसूचना 31 दिसंबर को जारी की ताकि किसानों को नए जमीन अधिग्रहण रूल के तहत फायदा न मिल सके। यह किसानों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि छोटे किसान खेती कर अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनसे रोजीरोटी का साधन छीनना चाहते हैं। जो होने नहीं दिया जाएगा। गांव के कुछ किसान तो ऐसे है कि जिनका परिवार खेती के सहारे ही है।

इनका अन्य कोई आय का साधन भी नहीं है। अगर सरकार की अेार से नए बिल के अनुसार जमीन अधिग्रहण करती है तो किसानों को इसमें लाभ मिल पाएगा। किसानों का यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभक्त कर भू माफिया से जमीन पर कब्जा कराया है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी जमीन की अधिसूचना रद्द नहीं की जाती तो उनकी ओर से आंदोलन किया जाएगा। किसी भी कीमत पर जमीन का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए चाहे किसानों को किसी भी हद तक जाने पड़े उनकी ओर से पीछे नहीं हटा जाएगा।

हम नहीं देना चाहते जमीन 
किसान निक्का सिंह, सुरजीत सिंह, सोहन सिंह, सुखदेव सिंह, सतवंत सिंह, चंदन सिंह, अमरजीत सिंह, गुरदीप सिंह का कहना है कि सरकार की नई पॉलिसी में है कि जब तक किसान अपनी जमीन देने के पक्ष न हो तो उनकी जमीन को अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। यहां पर सभी किसान जमीन न देने के पक्ष में हैं। उसके बाद भी अधिसूचना जारी कर दी गई है। उनका कहना है कि वे किसी की कीमत पर अपनी जमीन को इस तरह से मनमाने ढंग से अधिग्रहण नहीं होने देंगे। अगर सरकार की ओर से मनमर्जी की जाती है तो किसान सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।

इन किसानों की इतनी एकड़ जा रही जमीन
बैठक में उपस्थित किसान नरेंद्र सिंह की एक एकड़, निक्का सिंह और हरप्रीत सिंह की डेढ़-डेढ़ एकड़, गुरमेल और सुरजीत की एक एक एकड़, सोहन सिंह की पांच एकड़, सुखदेव सिंह की दस एकड़, गुरदीप सिंह की नौ एकड़, सतवंत सिंह की 13 एकड़, चंदन सिंह की दो एकड़, अमरजीत की नौ एकड़ और गुरदीप की छह एकड़ जमीन अधिग्रहण किए जाने का नोटिफिकेशन आया है। हुड सेक्टरों के लिए करीब 200 किसानों की जमीन अधिग्रहण किए जाने की अधिसूचना जारी हुई है।

बाईपास के लिए भी हुआ था विरोध
पिछले वर्ष बाईपास के लिए अधिग्रहण की जा रही जमीन को लेकर भी विरोध हुआ था। किसानों ने कई बार प्रदर्शन किए थे और अवार्ड भी नहीं सुने थे। जिसके बाद सरकार के साथ बातचीत हुई थी और किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाया गया था, तब जाकर मामला शांत हुए था। माना जा रहा है इस बार भी ऐसा ही होने वाला है।

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