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Yamuna Nagar News: 1021 किशोरियों को ही लगा एचपीवी टीका, 12 हजार का लक्ष्य
Thu, 23 Apr 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:31 AM IST
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स्वास्थ्य केंद्र खदरी में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगवाती किशोरी। विभाग
यमुनानगर। जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान अभी तक तय लक्ष्य से काफी पीछे है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष शिविर लगाए जाने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। अब अभियान को गति देने के लिए विभाग ने 22 से 24 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की करीब 12 हजार किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन 28 फरवरी 2026 को अभियान शुरू होने के बाद से अब तक केवल 1021 किशोरियों का ही टीकाकरण हो पाया है। ऐसे में लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति में बदलाव करते हुए स्कूलों में पहुंचकर टीकाकरण कराने की योजना बनाई है। इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें सीधे विद्यालयों में जाकर किशोरियों का टीकाकरण करेंगी। इसके साथ ही एसएमओ, एमओ, एएनएम, सीएचओ और आरबीएसके टीमें स्कूलों में काउंसलिंग भी कर रही हैं।
काउंसलिंग के दौरान यह स्पष्ट किया जा रहा है कि एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले बच्चेदानी यानी सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी है। साथ ही टीके को लेकर फैल रही भ्रांतियों को भी दूर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और अफवाहों के कारण ही टीकाकरण की गति धीमी रही है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और आमजन से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और पात्र बालिकाओं का टीकाकरण निर्धारित तिथियों के दौरान अवश्य करवाएं।
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यह अभियान बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में सहायक सिद्ध होगा। तीन दिवसीय विशेष अभियान के माध्यम से टीकाकरण की रफ्तार बढ़ेगी और लक्ष्य के करीब पहुंचा जा सकेगा। यह टीका लगने से स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। -डॉ. पुनीत कालरा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
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जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की करीब 12 हजार किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन 28 फरवरी 2026 को अभियान शुरू होने के बाद से अब तक केवल 1021 किशोरियों का ही टीकाकरण हो पाया है। ऐसे में लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति में बदलाव करते हुए स्कूलों में पहुंचकर टीकाकरण कराने की योजना बनाई है। इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें सीधे विद्यालयों में जाकर किशोरियों का टीकाकरण करेंगी। इसके साथ ही एसएमओ, एमओ, एएनएम, सीएचओ और आरबीएसके टीमें स्कूलों में काउंसलिंग भी कर रही हैं।
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काउंसलिंग के दौरान यह स्पष्ट किया जा रहा है कि एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले बच्चेदानी यानी सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी है। साथ ही टीके को लेकर फैल रही भ्रांतियों को भी दूर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और अफवाहों के कारण ही टीकाकरण की गति धीमी रही है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और आमजन से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और पात्र बालिकाओं का टीकाकरण निर्धारित तिथियों के दौरान अवश्य करवाएं।
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यह अभियान बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में सहायक सिद्ध होगा। तीन दिवसीय विशेष अभियान के माध्यम से टीकाकरण की रफ्तार बढ़ेगी और लक्ष्य के करीब पहुंचा जा सकेगा। यह टीका लगने से स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। -डॉ. पुनीत कालरा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।

स्वास्थ्य केंद्र खदरी में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगवाती किशोरी। विभाग