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Yamuna Nagar News: बिजली वितरण के निजीकरण से नाराज कर्मचारियों ने फूंके पुतले
Wed, 21 Oct 2026 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:46 AM IST
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भाई कन्हैया साहिब चौक के पास बने पार्क में नारेबाजी कर रोष प्रकट करते कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सर्कल कार्यालय यमुनानगर पर प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष मुकेश गर्ग के खिलाफ नारेबाजी कर पुतले दहन किए।
कर्मचारियों ने फैसले को सार्वजनिक बिजली व्यवस्था पर हमला बताते हुए 22, 23 और 24 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का एलान किया। प्रदर्शन की संयुक्त अगुवाई सर्कल सचिव विक्रम कांबोज और मनदीप शर्मा ने की। वक्ताओं ने ने कहा कि 19 अक्तूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस देने का फैसला बिजली कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। आंदोलन को निर्णायक दिशा देने के लिए करनाल में आपात बैठक भी बुलाई गई है।
ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य उपप्रधान मनजिंद्र सिंह, राज्य ऑडिटर सतीश जांगड़ा और एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान अशोक शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जैसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में निजी कंपनी को बिजली वितरण का अधिकार देने से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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इन क्षेत्रों से निगम को अधिक राजस्व मिलता है। आशंका जताई कि भविष्य में दूसरे जिलों में भी निजी कंपनियों को वितरण का जिम्मा सौंपने का रास्ता खुल सकता है। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण से आम उपभोक्ताओं, किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों के हित प्रभावित होने की आशंका है। बिजली दरों में बढ़ोतरी और सब्सिडी पर असर पड़ने की चिंता जताई।
वक्ताओं ने प्रदेश के करीब 40 हजार नियमित, कच्चे और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों तथा इंजीनियरों के रोजगार और भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से तैयार बिजली नेटवर्क का इस्तेमाल निजी कंपनियों के व्यावसायिक हितों के लिए करना उचित नहीं है। अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों के काम करने से सरकारी निगमों पर ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों की जिम्मेदारी का आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
सर्व कर्मचारी संघ ने किया समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, जिला प्रधान महिपाल सोदे और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह रावत ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। प्रदर्शन में एसडीओ अमित कुमार, एसडीओ नेहुल चौधरी, पवन हांडा, विजय प्रकाश, अमीर चंद, माया राम, कर्म सिंह, राजेश कुमार सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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यमुनानगर। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सर्कल कार्यालय यमुनानगर पर प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष मुकेश गर्ग के खिलाफ नारेबाजी कर पुतले दहन किए।
कर्मचारियों ने फैसले को सार्वजनिक बिजली व्यवस्था पर हमला बताते हुए 22, 23 और 24 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का एलान किया। प्रदर्शन की संयुक्त अगुवाई सर्कल सचिव विक्रम कांबोज और मनदीप शर्मा ने की। वक्ताओं ने ने कहा कि 19 अक्तूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस देने का फैसला बिजली कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। आंदोलन को निर्णायक दिशा देने के लिए करनाल में आपात बैठक भी बुलाई गई है।
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ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य उपप्रधान मनजिंद्र सिंह, राज्य ऑडिटर सतीश जांगड़ा और एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान अशोक शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जैसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में निजी कंपनी को बिजली वितरण का अधिकार देने से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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इन क्षेत्रों से निगम को अधिक राजस्व मिलता है। आशंका जताई कि भविष्य में दूसरे जिलों में भी निजी कंपनियों को वितरण का जिम्मा सौंपने का रास्ता खुल सकता है। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण से आम उपभोक्ताओं, किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों के हित प्रभावित होने की आशंका है। बिजली दरों में बढ़ोतरी और सब्सिडी पर असर पड़ने की चिंता जताई।
वक्ताओं ने प्रदेश के करीब 40 हजार नियमित, कच्चे और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों तथा इंजीनियरों के रोजगार और भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से तैयार बिजली नेटवर्क का इस्तेमाल निजी कंपनियों के व्यावसायिक हितों के लिए करना उचित नहीं है। अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों के काम करने से सरकारी निगमों पर ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों की जिम्मेदारी का आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
सर्व कर्मचारी संघ ने किया समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, जिला प्रधान महिपाल सोदे और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह रावत ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। प्रदर्शन में एसडीओ अमित कुमार, एसडीओ नेहुल चौधरी, पवन हांडा, विजय प्रकाश, अमीर चंद, माया राम, कर्म सिंह, राजेश कुमार सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।

भाई कन्हैया साहिब चौक के पास बने पार्क में नारेबाजी कर रोष प्रकट करते कर्मचारी। संवाद