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नर्सिंग छात्राओं ने एनएच पर लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Sat, 27 Jun 2015 11:57 PM IST
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एएनएम व जीएनएम की पहले सेमेस्टर की परीक्षा को रद करने के विरोध में शनिवार को नर्सिंग छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। जिले के करीब छह नर्सिंग कॉलेजों की सैकड़ों छात्राओं ने नेशनल हाईवे स्थित कमानी चौक पर करीब आधे घंटे तक जाम लगाया। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला फूंका। सीटीएम विजेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर जोगिंद्र शर्मा व डीएसपी अजय राणा ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
सैकड़ों नर्सिंग छात्राएं शनिवार दोपहर 12 बजे कमानी चौक पर पहुंचीं। छात्राओं ने हाथों में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला उठाया हुआ था। छात्राएं कतारबद्ध होकर चौक पर चारों और खड़ी हो गईं। इससे नेशनल हाईवे 73 और जगाधरी वर्कशाप रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्राओं ने प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मानी चौक के बीचों बीच विज का पुतला फूंक कर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने करीब आधे घंटे तक किसी भी वाहन को नहीं गुजरने दिया। जाम की सूचना मिलने पर सीटीएम विजेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर जोगिंद्र शर्मा, डीएसपी अजय राणा, डीएसपी निशा, फर्कपुर थाना प्रभारी दयाल सिंह, शहर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीटीएम ने छात्राओं को जाम खोलने को कहा, लेकिन छात्राओं ने कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल जाता वह जाम नहीं खोलेंगे। करीब आधे घंटे तक बहस के बाद सीटीएम ने उन्हें डीसी से मिलवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। इसके बाद सीटीएम कुछ छात्राओं को डीसी से मिलवाने के लिए साथ ले गए।
एक जुलाई को सीएम आवास का करेंगी घेराव :
डीसी ने छात्राओं को बताया कि परीक्षा रद करवाने या शुरू करवाने का मामला प्रदेश सरकार का है। डीसी ने कहा कि वे उनका ज्ञापन सरकार को भेज देंगे। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांग पूरी न की गई तो वे एक जुलाई को सीएम आवास का घेराव करेंगी।
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कैमरों की निगरानी में हुई परीक्षा तो रद क्यों
छात्रा कंचन, स्वाती, ममता, पिंकी, सुजाता, कनिका, सुमित्रा, पूजा, नेहा, तान्या, टीना, हिना व गुरप्रीत कौर ने बताया कि उन्होंने सितंबर, 2013 में अपने कोर्स के लिए जिले के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लिया था। उसके बाद उनके प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा नवंबर, 2014 में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में दी थी जिसका अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया गया। जब परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई तो इसे रद क्यों किया गया।
बंद करो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम
छात्राओं ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का जोरदार नारा लगा रही है, वहीं जो बेटियां पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती हैं, सरकार उन्हीं का परीक्षा परिणाम घोषित होने नहीं दे रही। विरोध करने पर उनके साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार कर अपमानित किया जा रहा है। इसलिए वे मांग करती हैं कि सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को बंद कर दें।
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सैकड़ों नर्सिंग छात्राएं शनिवार दोपहर 12 बजे कमानी चौक पर पहुंचीं। छात्राओं ने हाथों में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला उठाया हुआ था। छात्राएं कतारबद्ध होकर चौक पर चारों और खड़ी हो गईं। इससे नेशनल हाईवे 73 और जगाधरी वर्कशाप रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्राओं ने प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मानी चौक के बीचों बीच विज का पुतला फूंक कर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने करीब आधे घंटे तक किसी भी वाहन को नहीं गुजरने दिया। जाम की सूचना मिलने पर सीटीएम विजेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर जोगिंद्र शर्मा, डीएसपी अजय राणा, डीएसपी निशा, फर्कपुर थाना प्रभारी दयाल सिंह, शहर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीटीएम ने छात्राओं को जाम खोलने को कहा, लेकिन छात्राओं ने कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल जाता वह जाम नहीं खोलेंगे। करीब आधे घंटे तक बहस के बाद सीटीएम ने उन्हें डीसी से मिलवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। इसके बाद सीटीएम कुछ छात्राओं को डीसी से मिलवाने के लिए साथ ले गए।
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एक जुलाई को सीएम आवास का करेंगी घेराव :
डीसी ने छात्राओं को बताया कि परीक्षा रद करवाने या शुरू करवाने का मामला प्रदेश सरकार का है। डीसी ने कहा कि वे उनका ज्ञापन सरकार को भेज देंगे। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांग पूरी न की गई तो वे एक जुलाई को सीएम आवास का घेराव करेंगी।
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कैमरों की निगरानी में हुई परीक्षा तो रद क्यों
छात्रा कंचन, स्वाती, ममता, पिंकी, सुजाता, कनिका, सुमित्रा, पूजा, नेहा, तान्या, टीना, हिना व गुरप्रीत कौर ने बताया कि उन्होंने सितंबर, 2013 में अपने कोर्स के लिए जिले के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लिया था। उसके बाद उनके प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा नवंबर, 2014 में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में दी थी जिसका अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया गया। जब परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई तो इसे रद क्यों किया गया।
बंद करो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम
छात्राओं ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का जोरदार नारा लगा रही है, वहीं जो बेटियां पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती हैं, सरकार उन्हीं का परीक्षा परिणाम घोषित होने नहीं दे रही। विरोध करने पर उनके साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार कर अपमानित किया जा रहा है। इसलिए वे मांग करती हैं कि सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को बंद कर दें।