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संपत्ति कर न जमा करने पर 570 बकाएदारों को नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ने दो लाख रुपये से अधिक संपत्तिकर बकाया वाले संपत्ति धारकों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। संपत्तिकर जमा न करवाने पर निगम इनकी संपत्ति सील करेंगा। निगम की ओर से ऐसे 570 संपत्ति धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर दो लाख रुपये से अधिक संपत्ति कर बकाया है। इन संपत्ति धारकों पर निगम का करीब 26 करोड़ रुपये बकाया हैं। निगम की तरफ से अंतिम नोटिस भेजे गए हैं।
नगर निगम क्षेत्र में एक लाख 60 हजार संपत्ति धारक हैं। क्षेत्र के हिसाब से संपत्तिधारक से कर लिया जाता है। करोड़ों रुपये की संपत्ति लेकर भी कुछ लोगों निगम का मामूली कर जमा करवाने से गुरेज करते है। ऐसे में कई-कई साल का संपत्तिकर रुका हुआ है। बीते वर्ष निगम की ओर से बकाया संपत्तिकर जमा न करवाने वाले सैकड़ों संपत्ति धारकों की संपत्ति सील की थी। इस बार भी निगम बकाया जमा न करवाने वालों की संपत्ति सील करने की तैयारी है। निगम की ओर से पहले दो लाख रुपये से अधिक बकाया संपत्ति कर वाले 570 संपत्ति धारकों पर कार्रवाई की जाएगी। निगम ने इन्हें अब अंतिम नोटिस भेजाहै। इसके बाद एक लाख रुपये तक के बकायादारों की सूची तैयार कर उनकी संपत्ति सील की जाएगी।
पिछले वर्ष निगम की ओर से बकाया संपत्ति धारकों पर कार्रवाई करते हुए कई बड़े शोरूम, मैरिज पैलेस व एजेंसियों को सील किया था। हालांकि संपत्तिकर जमा करवाने के बाद इन्होंने इन्हें खोलने की अनुमति मिल गई थी। इस बार भी निगम की सूची में कई बड़े शोरूम, दुकानें, पैलेस है। जिनपर निगम जल्द ही कार्रवाई करेगा। बकाएदार यदि समय पर अपना संपत्ति कर जमा करवा देते है तो नगर निगम की बजट की कमी दूर हो जाएगी। क्योंकि सरकार ने नगर निगमों को दी जाने वाली ग्रांट से हाथ खींच लिया है। निगम को विकास कार्यों के लिए बजट की कमी खल रही है। ऐसी स्थिति में निगम के संसाधनों से आमदन पर ही नजर टिकी हुई है। इसके लिए निगम अब दुकानों का किराया, संपत्ति कर व ट्रेड लाइसेंस की फीस से आर्थिक स्थिति में सुधार करने की उम्मीद जमा रहा है।
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सरकारी विभागों पर भी होगी कार्रवाई
संपत्तिकर केवल शहर के दुकानदारों, शोरूम संचालकों व अन्य संपत्ति धारकों पर ही बकाया नहीं। जिले के सरकारी विभाग भी निगम का लगभग 14 करोड़ रुपये संपत्ति कर दबाए बैठे है। इनकी रिकवरी को लेकर भी निगम की ओर से कदम उठाया गया है। निगम आयुक्त की ओर से इन विभागों को रिकवरी के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है जल्दी ही इन विभागों से संपत्ति कर की रिकवरी हो जाएगी।
नगर निगम के आयुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि नगर निगम का संपत्ति कर जमा न करवाने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। दो लाख से अधिक का बकाया कर जमा न करवाने वालों को नोटिस भेजे गए हैं। निर्धारित समय में यदि बकाया जमा नहीं करवाया तो प्रापर्टी व दुकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर। नगर निगम ने दो लाख रुपये से अधिक संपत्तिकर बकाया वाले संपत्ति धारकों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। संपत्तिकर जमा न करवाने पर निगम इनकी संपत्ति सील करेंगा। निगम की ओर से ऐसे 570 संपत्ति धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर दो लाख रुपये से अधिक संपत्ति कर बकाया है। इन संपत्ति धारकों पर निगम का करीब 26 करोड़ रुपये बकाया हैं। निगम की तरफ से अंतिम नोटिस भेजे गए हैं।
नगर निगम क्षेत्र में एक लाख 60 हजार संपत्ति धारक हैं। क्षेत्र के हिसाब से संपत्तिधारक से कर लिया जाता है। करोड़ों रुपये की संपत्ति लेकर भी कुछ लोगों निगम का मामूली कर जमा करवाने से गुरेज करते है। ऐसे में कई-कई साल का संपत्तिकर रुका हुआ है। बीते वर्ष निगम की ओर से बकाया संपत्तिकर जमा न करवाने वाले सैकड़ों संपत्ति धारकों की संपत्ति सील की थी। इस बार भी निगम बकाया जमा न करवाने वालों की संपत्ति सील करने की तैयारी है। निगम की ओर से पहले दो लाख रुपये से अधिक बकाया संपत्ति कर वाले 570 संपत्ति धारकों पर कार्रवाई की जाएगी। निगम ने इन्हें अब अंतिम नोटिस भेजाहै। इसके बाद एक लाख रुपये तक के बकायादारों की सूची तैयार कर उनकी संपत्ति सील की जाएगी।
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पिछले वर्ष निगम की ओर से बकाया संपत्ति धारकों पर कार्रवाई करते हुए कई बड़े शोरूम, मैरिज पैलेस व एजेंसियों को सील किया था। हालांकि संपत्तिकर जमा करवाने के बाद इन्होंने इन्हें खोलने की अनुमति मिल गई थी। इस बार भी निगम की सूची में कई बड़े शोरूम, दुकानें, पैलेस है। जिनपर निगम जल्द ही कार्रवाई करेगा। बकाएदार यदि समय पर अपना संपत्ति कर जमा करवा देते है तो नगर निगम की बजट की कमी दूर हो जाएगी। क्योंकि सरकार ने नगर निगमों को दी जाने वाली ग्रांट से हाथ खींच लिया है। निगम को विकास कार्यों के लिए बजट की कमी खल रही है। ऐसी स्थिति में निगम के संसाधनों से आमदन पर ही नजर टिकी हुई है। इसके लिए निगम अब दुकानों का किराया, संपत्ति कर व ट्रेड लाइसेंस की फीस से आर्थिक स्थिति में सुधार करने की उम्मीद जमा रहा है।
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सरकारी विभागों पर भी होगी कार्रवाई
संपत्तिकर केवल शहर के दुकानदारों, शोरूम संचालकों व अन्य संपत्ति धारकों पर ही बकाया नहीं। जिले के सरकारी विभाग भी निगम का लगभग 14 करोड़ रुपये संपत्ति कर दबाए बैठे है। इनकी रिकवरी को लेकर भी निगम की ओर से कदम उठाया गया है। निगम आयुक्त की ओर से इन विभागों को रिकवरी के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है जल्दी ही इन विभागों से संपत्ति कर की रिकवरी हो जाएगी।
नगर निगम के आयुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि नगर निगम का संपत्ति कर जमा न करवाने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। दो लाख से अधिक का बकाया कर जमा न करवाने वालों को नोटिस भेजे गए हैं। निर्धारित समय में यदि बकाया जमा नहीं करवाया तो प्रापर्टी व दुकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।