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Yamuna Nagar News: निजी बस में सात से ज्यादा पासधारक छात्राओं को नहीं बैठा रहे

Sun, 20 Jul 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 20 Jul 2025 12:36 AM IST
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No more than seven pass holders are allowed to seat girl students in private buses
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। निजी बसों में कॉलेजों में पढ़ने वाली पास धारक छात्राओं को सफर नहीं करने दिया जा रहा है। निजी बस संचालक गिनकर छह या सात छात्राओं को बैठाते हैं। यदि एक छात्रा भी ज्यादा चढ़ जाती है तो बस से नीचे उतार दिया जाता है। बस संचालकों का तर्क है कि यदि वह ज्यादा पास धारकों को बैठाएंगे तो उन्हें काफी नुकसान होगा।
यह रोडवेज के यमुनानगर व जगाधरी बस स्टैंड पर हो रहा है, लेकिन अधिकारी मूक दर्शक बने हैं। अधिकारियों का एक ही जवाब होता है कि किसी छात्रा की तरफ से इस बारे में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं हरियाणा रोडवेज से अब 150 किलोमीटर दूरी तक का बस पास बनवा सकते हैं। यह पास हरियाणा रोडवेज व प्राइवेट को-ऑप्रेटिव बसों में भी मान्य होता है।
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परंतु निजी बसों में छात्राओं को नहीं बिठाया जा रहा। दोपहर को कॉलेजों से छुट्टी के समय जब छात्राएं प्राइवेट बस में चढ़ती हैं तो पिछली खिड़की के पास खड़ा परिचालक साफ शब्दों में बोल देता है छह से ज्यादा छात्राएं न चढ़े। इतना ही नहीं उन्हें सबसे आखिरी सीट पर बैठाया जाता है। यदि छह या सात से ज्यादा छात्राएं चढ़ जाती हैं तो उन्हें बस से नीचे उतार दिया जाता है। छात्राएं यह कहती हैं कि वह टिकट ले लेंगी तो उन्हें बस में चढ़ा लिया जाता है।
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जिले में चल रही 32 निजी बसें
को-ऑप्रेटिव सोसाइटी की जिले में 32 निजी बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। व्यासपुर व साढौरा क्षेत्र की छात्राएं निकिता, सीमा, प्रीति व पायल ने बताया कि वह यमुनानगर के कॉलेजों में पढ़ने के लिए आती हैं। दोपहर को जब छुट्टी होती है तो प्राइवेट बस में केवल छह या सात छात्राओं को ही चढ़ने दिया जाता है। उन्हें सबसे पीछे की सीट पर बिठाया जाता है। दोपहर के समय भीड़ ज्यादा हो जाती है। समय पर बस नहीं मिलने से छात्राएं अपने घर भी देरी से पहुंचती हैं। परिचालक कहता है कि यदि सारी सवारी पास वाली बैठेंगी तो में डीजल कहां से डलवाएंगे।
किसी प्राइवेट बस में छह-सात से ज्यादा छात्राओं को चढ़ने नहीं दिया जा रहा, इस तरह की कोई शिकायत कभी हमारे पास नहीं आई है। बसों में सबसे आखिर में पास धारकों के बैठने के लिए 10 सीट निर्धारित कर रखी हैं। यदि इससे ज्यादा छात्राएं चढ़ती हैं वह दूसरी सवारियों की तरह खड़े होकर सफर कर सकती हैं। कोई उन्हें बस से नीचे नहीं उतारेगा। - देवेंद्र मलिक, प्रधान, दी हरियाणा वेलफेयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।

यदि कोई निजी बस संचालक पास धारक छात्राओं को नहीं बैठाता है तो इस संबंध में छात्राएं डीटीओ से शिकायत कर सकती हैं। - संजय रावल, रोडवेज महाप्रबंधक, यमुनानगर।
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