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Yamuna Nagar News: आदेशों की परवाह नहीं, खुले रहे निजी विद्यालय
Tue, 28 May 2024 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 28 May 2024 06:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। प्रचंड गर्मी और भयंकर लू की चपेट में है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में हीट वेव व प्रचंड गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रचंड गर्मी को देखते हुए डीसी ने रविवार को जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों की आठवीं तक की कक्षाओं की छुट्टी घोषित की थी। वहीं निजी स्कूलों ने डीसी के आदेशों को ठेंगा दिखाकर प्री-नर्सरी के बच्चों तक को स्कूल बुलाया लिया।
गर्मी का प्रकोप ऐसा है कि सुबह नौ बजे ही गर्म हवा चलने लगी थी, जो 11 बजे तक भयंकर लू में बदल गई। लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना शहर के कई स्कूल खुले और छोटे बच्चों को बुलाया गया। गर्मी में बेहाल बच्चे स्कूल पहुंचे और 12 बजे उनकी छुट्टी कर दी गई। प्रचंड गर्मी के बीच अभिभावक अपने नन्हें मुन्नों को लेने स्कूल पहुंचे। ऐसे में गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावक कई प्रयास करते नजर आए। लेकिन ऐसी कमरों में बैठे स्कूल संचालकों पर न तो गर्मी का और न ही सरकारी आदेशों का असर दिखाई दिया।
सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा गर्मी ज्यादा रही। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। वहीं 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लू चली। जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में रहे और बाहर निकलने से परहेज किया। वहीं कुछ स्कूलों की मनमर्जी के चलते बच्चों व अभिभावकों को परेशान किया गया। छुट्टी के बाद चिलचिलाती धूप व त्वचा झुलसा देने वाली लू के बीच मासूम कंधे पर बैग लादे घर जाते दिखे।
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ऐसे में अभिभावकों ने इस पर रोष जताया है। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जो आदेशों के बाद बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। यही इतना ही नहीं जिले में गर्मी का प्रकोप देखते हुए डीसी व स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी एडवाइजरी जारी की गई है।
एडवाइजरी में बच्चों व बुजुर्गों को धूप में निकलने से रोकने की हिदायत है। बावजूद इसके स्कूलों को इसकी बिल्कुल परवाह नहीं है। अभिभावक सेवा मंच के संजय मित्तल, संदीप गांधी, अधिवक्ता साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि स्कूलों की मनमानी अब बच्चों के स्वास्थ्य पर आ गई है। इसमें शिक्षा विभाग को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रचंड गर्मी व मौसम विभाग के आदेशों के बाद शिक्षा निदेशालय ने सभी कक्षाओं का अवकाश घोषित कर दिया है। निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया है। पत्र में गर्मी के चलते 28 से 30 मई तक सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं विद्यार्थियों को सोमवार को ही छुट्टियों का गृह कार्य देने के आदेश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि एक जुलाई से स्कूल नियमित रूप से स्कूल खुलेंगे।
गर्मी के चलते आठवीं तक के सभी बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। वहीं अब 12वीं तक के विद्यार्थियों का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। छोटे बच्चों के स्कूल खुलने की सूचना नहीं है। इसकी जांच की जाएगी और स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। - शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। प्रचंड गर्मी और भयंकर लू की चपेट में है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में हीट वेव व प्रचंड गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रचंड गर्मी को देखते हुए डीसी ने रविवार को जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों की आठवीं तक की कक्षाओं की छुट्टी घोषित की थी। वहीं निजी स्कूलों ने डीसी के आदेशों को ठेंगा दिखाकर प्री-नर्सरी के बच्चों तक को स्कूल बुलाया लिया।
गर्मी का प्रकोप ऐसा है कि सुबह नौ बजे ही गर्म हवा चलने लगी थी, जो 11 बजे तक भयंकर लू में बदल गई। लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना शहर के कई स्कूल खुले और छोटे बच्चों को बुलाया गया। गर्मी में बेहाल बच्चे स्कूल पहुंचे और 12 बजे उनकी छुट्टी कर दी गई। प्रचंड गर्मी के बीच अभिभावक अपने नन्हें मुन्नों को लेने स्कूल पहुंचे। ऐसे में गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावक कई प्रयास करते नजर आए। लेकिन ऐसी कमरों में बैठे स्कूल संचालकों पर न तो गर्मी का और न ही सरकारी आदेशों का असर दिखाई दिया।
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सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा गर्मी ज्यादा रही। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। वहीं 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लू चली। जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में रहे और बाहर निकलने से परहेज किया। वहीं कुछ स्कूलों की मनमर्जी के चलते बच्चों व अभिभावकों को परेशान किया गया। छुट्टी के बाद चिलचिलाती धूप व त्वचा झुलसा देने वाली लू के बीच मासूम कंधे पर बैग लादे घर जाते दिखे।
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ऐसे में अभिभावकों ने इस पर रोष जताया है। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जो आदेशों के बाद बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। यही इतना ही नहीं जिले में गर्मी का प्रकोप देखते हुए डीसी व स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी एडवाइजरी जारी की गई है।
एडवाइजरी में बच्चों व बुजुर्गों को धूप में निकलने से रोकने की हिदायत है। बावजूद इसके स्कूलों को इसकी बिल्कुल परवाह नहीं है। अभिभावक सेवा मंच के संजय मित्तल, संदीप गांधी, अधिवक्ता साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि स्कूलों की मनमानी अब बच्चों के स्वास्थ्य पर आ गई है। इसमें शिक्षा विभाग को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रचंड गर्मी व मौसम विभाग के आदेशों के बाद शिक्षा निदेशालय ने सभी कक्षाओं का अवकाश घोषित कर दिया है। निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया है। पत्र में गर्मी के चलते 28 से 30 मई तक सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं विद्यार्थियों को सोमवार को ही छुट्टियों का गृह कार्य देने के आदेश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि एक जुलाई से स्कूल नियमित रूप से स्कूल खुलेंगे।
गर्मी के चलते आठवीं तक के सभी बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। वहीं अब 12वीं तक के विद्यार्थियों का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। छोटे बच्चों के स्कूल खुलने की सूचना नहीं है। इसकी जांच की जाएगी और स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। - शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।