{"_id":"6ab1832f879259ebb60507aa","slug":"athletes-from-the-district-lagged-behind-due-to-a-lack-of-facilities-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-163279-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सुविधाओं के अभाव में पिछड़े रहे जिले के खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सुविधाओं के अभाव में पिछड़े रहे जिले के खिलाड़ी
Tue, 22 Sep 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
संवाद कार्यक्रम के दौरान कार्यालय में उपस्थित खिलाड़ी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के खिलाड़ियों का प्रदर्शन सही मार्गदर्शन व उचित सुविधाएं न मिल पाने के कारण औसत रह गया है। यदि खिलाड़ियों को स्टेडियम और नर्सरियों में बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी, तो उनका खेल सुधरेगा। जिले के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर देश व विदेश में जिले का नाम रोशन करेंगे। यह बातें खिलाड़ियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कहीं।
खिलाड़ियों ने कहा कि सरकारी नर्सरियों के कोच प्रतिभा को तराशने में समय तो दे रहे हैं लेकिन खेल के उपकरण पूरे नहीं हैं। नर्सरियों में खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, बेहतर उपकरण मिले तो प्रदर्शन और बेहतर किया जा सकता है। इस दौरान खिलाड़ियों ने मासिक खुराक भत्ता, कोच की कमी, अव्यवस्थित मैदान, मूल सुविधाओं की कमी की समस्याओं पर अपने विचार व सुझाव रखे।
नहीं मिलता उचित सम्मान
खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार सम्मान भी नहीं मिलता। बेहतर मंच न मिलने से अभ्यास करना ही छोड़ जाते हैं। सभी खिलाड़ियों को उनकी मेहनत व प्रदर्शन के लिए उचित सम्मान अवश्य मिलना चाहिए। - योगेश।
विज्ञापन
समय पर मिले भत्ता
खिलाड़ियों को मिलने वाली खुराक राशि व अन्य सहायता में देरी नहीं होनी चाहिए। कई बार छह-छह महीने से खिलाड़ियों को भत्ता नहीं मिल पाता है। सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों के लिए है। - संजू।
पूरे होने चाहिए उपकरण
खेलों में खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए उचित व पूरे उपकरण होना आवश्यक है। जिला खेल विभाग के पास कई खेलों के उपकरण नहीं हैं। काफी समय से उपकरण न होने से परेशानी होती है। - रजत बक्शी।
मैदानों पर दिया जाए ध्यान
विभाग को खेल मैदानों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिले के खेल स्टेडियम के मैदान खस्ता हैं। कहीं पानी की निकासी नहीं है तो कहीं जमीन उबड़-खाबड़ है। ऐसे मैदान में प्रशिक्षण करना मुश्किल है। - विकास कुमार।
समन्वय बनाया जाए आसान
अधिकारियों, विभाग और खिलाड़ियों के बीच समन्वय की काफी समस्या है। संवाद व समन्वय न सही न होने के कारण सभी को दिक्कत होती है। विभाग को इसे आसान बनाना चाहिए। खिलाड़ियों की पहुंच सीधे अधिकारी तक होनी चाहिए। - भावेश।
खेल सामग्री में मिले छूट
सभी प्रकार के खेल उपकरण काफी महंगे हैं। मध्यम व निम्न वर्गीय परिवार के खिलाड़ियों के लिए यह खरीदना बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। कई खिलाड़ी इस अभाव में खेलों से ही दूर हो जाते हैं। खेल सामग्री में छूट होनी चाहिए। - देव।
पहले ही मिले धनराशि
खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में चयन होने के बाद सरकार की ओर से उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाए। वहीं, खेलों में बाहर जाने पर खिलाड़ियों को पहले से ही खर्च दिया जाए। इससे खिलाड़ियों को सुविधा होगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। - अनुज।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले के खिलाड़ियों का प्रदर्शन सही मार्गदर्शन व उचित सुविधाएं न मिल पाने के कारण औसत रह गया है। यदि खिलाड़ियों को स्टेडियम और नर्सरियों में बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी, तो उनका खेल सुधरेगा। जिले के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर देश व विदेश में जिले का नाम रोशन करेंगे। यह बातें खिलाड़ियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कहीं।
खिलाड़ियों ने कहा कि सरकारी नर्सरियों के कोच प्रतिभा को तराशने में समय तो दे रहे हैं लेकिन खेल के उपकरण पूरे नहीं हैं। नर्सरियों में खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, बेहतर उपकरण मिले तो प्रदर्शन और बेहतर किया जा सकता है। इस दौरान खिलाड़ियों ने मासिक खुराक भत्ता, कोच की कमी, अव्यवस्थित मैदान, मूल सुविधाओं की कमी की समस्याओं पर अपने विचार व सुझाव रखे।
विज्ञापन
नहीं मिलता उचित सम्मान
खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार सम्मान भी नहीं मिलता। बेहतर मंच न मिलने से अभ्यास करना ही छोड़ जाते हैं। सभी खिलाड़ियों को उनकी मेहनत व प्रदर्शन के लिए उचित सम्मान अवश्य मिलना चाहिए। - योगेश।
विज्ञापन
समय पर मिले भत्ता
खिलाड़ियों को मिलने वाली खुराक राशि व अन्य सहायता में देरी नहीं होनी चाहिए। कई बार छह-छह महीने से खिलाड़ियों को भत्ता नहीं मिल पाता है। सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों के लिए है। - संजू।
पूरे होने चाहिए उपकरण
खेलों में खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए उचित व पूरे उपकरण होना आवश्यक है। जिला खेल विभाग के पास कई खेलों के उपकरण नहीं हैं। काफी समय से उपकरण न होने से परेशानी होती है। - रजत बक्शी।
मैदानों पर दिया जाए ध्यान
विभाग को खेल मैदानों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिले के खेल स्टेडियम के मैदान खस्ता हैं। कहीं पानी की निकासी नहीं है तो कहीं जमीन उबड़-खाबड़ है। ऐसे मैदान में प्रशिक्षण करना मुश्किल है। - विकास कुमार।
समन्वय बनाया जाए आसान
अधिकारियों, विभाग और खिलाड़ियों के बीच समन्वय की काफी समस्या है। संवाद व समन्वय न सही न होने के कारण सभी को दिक्कत होती है। विभाग को इसे आसान बनाना चाहिए। खिलाड़ियों की पहुंच सीधे अधिकारी तक होनी चाहिए। - भावेश।
खेल सामग्री में मिले छूट
सभी प्रकार के खेल उपकरण काफी महंगे हैं। मध्यम व निम्न वर्गीय परिवार के खिलाड़ियों के लिए यह खरीदना बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। कई खिलाड़ी इस अभाव में खेलों से ही दूर हो जाते हैं। खेल सामग्री में छूट होनी चाहिए। - देव।
पहले ही मिले धनराशि
खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में चयन होने के बाद सरकार की ओर से उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाए। वहीं, खेलों में बाहर जाने पर खिलाड़ियों को पहले से ही खर्च दिया जाए। इससे खिलाड़ियों को सुविधा होगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। - अनुज।