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जमीन बेचने के नाम पर 75 लाख हड़पे
यमुनानगर
Updated Wed, 30 Oct 2013 12:03 AM IST
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यमुनानगर शहर थाना पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर 75 लाख रुपये हड़पने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है।
आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल है। पुलिस से यह कार्रवाई हुडा सेक्टर-17 निवासी सत्यवान कौशिक की शिकायत पर की है। मामले के सभी आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
जगाधरी के हुडा सेक्टर-17 निवासी सत्यवान कौशिक ने बताया कि गांव पालेवाला निवासी यशपाल राणा और संदीप राणा का काफी समय से उसके घर आना-जाना था।
करीब आठ-नौ महीने पहले संदीप अपने पिता यशपाल राणा और बरवाला निवासी संजीव उर्फ बिट्टू के साथ उसके घर आया और उसे बताया कि कुरुक्षेत्र के गांव गोरखा में साढ़े तेरह एकड़ जमीन बिक रही है। यदि वह उस जमीन खरीद लें तो उसमें अच्छा खासा मुनाफा हो सकता है।
सत्यवान ने बताया कि वह आरोपियों के झांसे में आ गया और उसने जमीन का सौदा करने के लिए हामी भर दी। 26 नवंबर 2012 को आरोपी दोबारा उसके घर आए और उससे जमीन की साई के रुप में एक लाख रुपये ले लिए। इसके बाद तीन दिसंबर 2012 को आरोपियों ने फिर जमीन के कुछ दस्तावेज तैयार करने के लिए उससे दस हजार रुपये लिए और छह दिसंबर 2012 को आरोपियों ने उसके नाम जमीन का 75 लाख रुपये का ब्याना लिखवा दिया। उसने इस दौरान आरोपियों को दस लाख रुपये और आठ दिसंबर को 43 लाख 90 हजार रुपये दे दिए।
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इस दौरान उसने बयाने की शेष राशि को कुछ दिन बाद देने का वादा किया। इसके बाद उसने बयाने की शेष बची राशि भी 20 दिसंबर 2012 को आरोपियों को दे दी। आरोपियों ने उस समय उससे 12 अप्रैल 2012 को जमीन की रजिस्ट्री करवाने का वादा कर लिया।
रजिस्ट्री के दौरान चला धोखाधड़ी का पता
सत्यवान ने बताया कि जब वह जमीन की रजिस्ट्री करवाने तहसील में पहुंचा तो उन्हें पता चला कि आरोपियों ने जिस जमीन का बयाना उससे लिया है वह जमीन उन्होंने पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी है।
उसने आरोपियों के पास जाकर इस बात का विरोध जताया तो उन्होंने आनाकानी की। इस संबंध में कई बार पंचायत करके आरोपियों से उन्होंने बयाने के पैसे वापस दिए जाने की मांग की, लेकिन हर बार आरोपियों ने कोई न कोई बहाना बना दिया। सत्यवान ने आरोप लगाया कि एक दिन आरोपियों ने उसके बयाने के पैसे वापस देने से साफ मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद उसने उनकी पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने मामले में जांच के बाद संदीप राणा, उसके पिता यशपाल, भाई योगेश राणा, इंद्री निवासी नीरज, बरवाला निवासी संजीव उर्फ बिट्टू, गांव गोरखा निवासी चरणजीत सिंह, उसकी पत्नी परमजीत, चरणजीत के पिता गुलजार और गुलजार की पत्नी गुरमीत के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
जांच अधिकारी एसआई जोगिंद्र सिंह का कहना है कि केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल है। पुलिस से यह कार्रवाई हुडा सेक्टर-17 निवासी सत्यवान कौशिक की शिकायत पर की है। मामले के सभी आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
जगाधरी के हुडा सेक्टर-17 निवासी सत्यवान कौशिक ने बताया कि गांव पालेवाला निवासी यशपाल राणा और संदीप राणा का काफी समय से उसके घर आना-जाना था।
करीब आठ-नौ महीने पहले संदीप अपने पिता यशपाल राणा और बरवाला निवासी संजीव उर्फ बिट्टू के साथ उसके घर आया और उसे बताया कि कुरुक्षेत्र के गांव गोरखा में साढ़े तेरह एकड़ जमीन बिक रही है। यदि वह उस जमीन खरीद लें तो उसमें अच्छा खासा मुनाफा हो सकता है।
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सत्यवान ने बताया कि वह आरोपियों के झांसे में आ गया और उसने जमीन का सौदा करने के लिए हामी भर दी। 26 नवंबर 2012 को आरोपी दोबारा उसके घर आए और उससे जमीन की साई के रुप में एक लाख रुपये ले लिए। इसके बाद तीन दिसंबर 2012 को आरोपियों ने फिर जमीन के कुछ दस्तावेज तैयार करने के लिए उससे दस हजार रुपये लिए और छह दिसंबर 2012 को आरोपियों ने उसके नाम जमीन का 75 लाख रुपये का ब्याना लिखवा दिया। उसने इस दौरान आरोपियों को दस लाख रुपये और आठ दिसंबर को 43 लाख 90 हजार रुपये दे दिए।
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इस दौरान उसने बयाने की शेष राशि को कुछ दिन बाद देने का वादा किया। इसके बाद उसने बयाने की शेष बची राशि भी 20 दिसंबर 2012 को आरोपियों को दे दी। आरोपियों ने उस समय उससे 12 अप्रैल 2012 को जमीन की रजिस्ट्री करवाने का वादा कर लिया।
रजिस्ट्री के दौरान चला धोखाधड़ी का पता
सत्यवान ने बताया कि जब वह जमीन की रजिस्ट्री करवाने तहसील में पहुंचा तो उन्हें पता चला कि आरोपियों ने जिस जमीन का बयाना उससे लिया है वह जमीन उन्होंने पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी है।
उसने आरोपियों के पास जाकर इस बात का विरोध जताया तो उन्होंने आनाकानी की। इस संबंध में कई बार पंचायत करके आरोपियों से उन्होंने बयाने के पैसे वापस दिए जाने की मांग की, लेकिन हर बार आरोपियों ने कोई न कोई बहाना बना दिया। सत्यवान ने आरोप लगाया कि एक दिन आरोपियों ने उसके बयाने के पैसे वापस देने से साफ मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद उसने उनकी पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने मामले में जांच के बाद संदीप राणा, उसके पिता यशपाल, भाई योगेश राणा, इंद्री निवासी नीरज, बरवाला निवासी संजीव उर्फ बिट्टू, गांव गोरखा निवासी चरणजीत सिंह, उसकी पत्नी परमजीत, चरणजीत के पिता गुलजार और गुलजार की पत्नी गुरमीत के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
जांच अधिकारी एसआई जोगिंद्र सिंह का कहना है कि केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।