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जिले के तीन हजार नेत्र रोगियों का होगा मुफ्त इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 10 Oct 2015 12:15 AM IST
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जिले के नेत्र रोगियों के लिए खुशखबरी है। उनकी पहचान कर सिविल अस्पताल में मुफ्त इलाज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर एम्स के चिकित्सक भी नेत्र रोगियों का इलाज करेंगे। दरअसल राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत हरियाणा में केवल यमुनानगर जिले का चयन किया गया है।
इसके तहत एम्स नई दिल्ली की टीम जिले में 50 साल से अधिक उम्र के नेत्र रोगियों को तलाशेगी। पूरे देश के 30 जिलों में यह सर्वे किया जा रहा है।
यह सर्वे आचार्य प्रवीण वशिष्ठ, सामुदायिक नेत्र विज्ञान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली की देखरेख में शनिवार से शुरू किया जाएगा। इसके तहत एम्स की टीम जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाएगी, जहां 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की आंखों का चेकअप किया जाएगा।
एम्स के 15 डॉक्टरों की टीम द्वारा 20 दिन में 50 गांवों में सुबह सात से लेकर शाम सात बजे तक चेकअप किया जाएगा। टीम 30 अक्तूबर तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे करेगी। इस दौरान तीन हजार नेत्र रोगियों की पहचान की जाएगी।
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इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य अंधता के कारणों का पता लगाना है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर अंधता के लिए बनाए जा रहे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिल सके।
सर्वे के दौरान आंखों का चेकअप करने के उपरांत नेत्र रोगियों को सिविल अस्पताल यमुनानगर में भेजा जाएगा, जहां पर उनका इलाज मुफ्त किया जाएगा। अगर किसी मरीज को एम्स में इलाज की जरूरत होगी तो उसे इलाज के लिए एम्स में भेजा जाएगा।
डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने बताया कि 10 अक्तूबर से यह सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। टीम के सदस्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नेत्र रोगियों का पता लगाएंगे।
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इसके तहत एम्स नई दिल्ली की टीम जिले में 50 साल से अधिक उम्र के नेत्र रोगियों को तलाशेगी। पूरे देश के 30 जिलों में यह सर्वे किया जा रहा है।
यह सर्वे आचार्य प्रवीण वशिष्ठ, सामुदायिक नेत्र विज्ञान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली की देखरेख में शनिवार से शुरू किया जाएगा। इसके तहत एम्स की टीम जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाएगी, जहां 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की आंखों का चेकअप किया जाएगा।
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एम्स के 15 डॉक्टरों की टीम द्वारा 20 दिन में 50 गांवों में सुबह सात से लेकर शाम सात बजे तक चेकअप किया जाएगा। टीम 30 अक्तूबर तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे करेगी। इस दौरान तीन हजार नेत्र रोगियों की पहचान की जाएगी।
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इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य अंधता के कारणों का पता लगाना है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर अंधता के लिए बनाए जा रहे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिल सके।
सर्वे के दौरान आंखों का चेकअप करने के उपरांत नेत्र रोगियों को सिविल अस्पताल यमुनानगर में भेजा जाएगा, जहां पर उनका इलाज मुफ्त किया जाएगा। अगर किसी मरीज को एम्स में इलाज की जरूरत होगी तो उसे इलाज के लिए एम्स में भेजा जाएगा।
डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने बताया कि 10 अक्तूबर से यह सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। टीम के सदस्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नेत्र रोगियों का पता लगाएंगे।