{"_id":"6a2c6ac54b52d0512d0730e2","slug":"new-ambulances-sought-six-old-vehicles-sent-from-ncr-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-157738-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मांगीं नई एंबुलेंस, एनसीआर से भेज दिए छह पुराने वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मांगीं नई एंबुलेंस, एनसीआर से भेज दिए छह पुराने वाहन
Sat, 13 Jun 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में खड़ी एनसीआर से भेजी गई पुरानी एंबुलेंस। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई एंबुलेंस की मांग कर रहे स्वास्थ्य विभाग को राहत मिलने के बजाय नई चिंता मिल गई है। विभाग ने जहां जर्जर हो चुकी एंबुलेंसों के स्थान पर नए वाहनों की मांग की थी, वहीं मुख्यालय की ओर से एनसीआर क्षेत्र से छह पुरानी एंबुलेंस जिले को भेज दी गई हैं। ऐसे में मरीजों को समय पर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती और बढ़ गई है।
जिले में वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास 20 एंबुलेंस संचालित हैं, जिनमें से 13 एंबुलेंस जर्जर श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। अधिकांश एंबुलेंस वर्ष 2018 मॉडल की हैं और लगातार उपयोग के कारण उनकी तकनीकी स्थिति कमजोर हो चुकी है। कई एंबुलेंस चार लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार तीन लाख किलोमीटर के बाद वाहन जर्जर श्रेणी में माना जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने कई बार मुख्यालय को नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से 13 नई एंबुलेंस और 20 आधुनिक मोबाइल डाटा टर्मिनल सिस्टम (एमडीटीएस) से लैस वाहनों की मांग की गई थी। इन एंबुलेंसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रस्तावित थीं, ताकि कंट्रोल रूम को वाहनों की सटीक लोकेशन मिल सके और मरीजों तक तेजी से पहुंचा जा सके।
विज्ञापन
हालांकि अब तक नई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बजाय छह पुरानी एंबुलेंस भेजे जाने से विभाग के अधिकारियों में निराशा है। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी एंबुलेंसों में तकनीकी खराबी की आशंका बनी रहती है और कई बार इन्हें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ा करना पड़ता है।
नई एंबुलेंस उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यालय को लिखा है। उम्मीद है जल्द ही नई एंबुलेंस मिल जाएंगी। फिलहाल छह पुरानी एंबुलेंस मिली हैं जिन्हें चलाया जा रहा है।
- डॉ. सुशीला सैनी, नोडल अधिकारी, आपात सेवाएं।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई एंबुलेंस की मांग कर रहे स्वास्थ्य विभाग को राहत मिलने के बजाय नई चिंता मिल गई है। विभाग ने जहां जर्जर हो चुकी एंबुलेंसों के स्थान पर नए वाहनों की मांग की थी, वहीं मुख्यालय की ओर से एनसीआर क्षेत्र से छह पुरानी एंबुलेंस जिले को भेज दी गई हैं। ऐसे में मरीजों को समय पर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती और बढ़ गई है।
जिले में वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास 20 एंबुलेंस संचालित हैं, जिनमें से 13 एंबुलेंस जर्जर श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। अधिकांश एंबुलेंस वर्ष 2018 मॉडल की हैं और लगातार उपयोग के कारण उनकी तकनीकी स्थिति कमजोर हो चुकी है। कई एंबुलेंस चार लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार तीन लाख किलोमीटर के बाद वाहन जर्जर श्रेणी में माना जाता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने कई बार मुख्यालय को नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से 13 नई एंबुलेंस और 20 आधुनिक मोबाइल डाटा टर्मिनल सिस्टम (एमडीटीएस) से लैस वाहनों की मांग की गई थी। इन एंबुलेंसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रस्तावित थीं, ताकि कंट्रोल रूम को वाहनों की सटीक लोकेशन मिल सके और मरीजों तक तेजी से पहुंचा जा सके।
विज्ञापन
हालांकि अब तक नई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बजाय छह पुरानी एंबुलेंस भेजे जाने से विभाग के अधिकारियों में निराशा है। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी एंबुलेंसों में तकनीकी खराबी की आशंका बनी रहती है और कई बार इन्हें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ा करना पड़ता है।
नई एंबुलेंस उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यालय को लिखा है। उम्मीद है जल्द ही नई एंबुलेंस मिल जाएंगी। फिलहाल छह पुरानी एंबुलेंस मिली हैं जिन्हें चलाया जा रहा है।
- डॉ. सुशीला सैनी, नोडल अधिकारी, आपात सेवाएं।