{"_id":"69beeecd86a7f977c305e09a","slug":"navratri-is-a-festival-of-fasting-faith-and-belief-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-153191-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: व्रत, आस्था और विश्वास का पर्व है नवरात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: व्रत, आस्था और विश्वास का पर्व है नवरात्र
Sun, 22 Mar 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
सीमा चौधरी।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नवरात्र का पर्व महिलाओं की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इन नौ दिनों में महिलाएं अलग-अलग नियमों के साथ व्रत रखती हैं और मां दुर्गा से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करती हैं। तीसरे नवरात्र का विशेष महत्व होता है, इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है, जो साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं। इस अवसर पर महिलाओं का विश्वास और भी मजबूत हो जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
व्रत रखने से मजबूत होता है मन
ब्लड बैंक में कार्यरत सीमा चौधरी कहती हैं कि वे पिछले कई वर्षों से पूरे नौ दिन निर्जला व्रत रख रही हैं। सुबह और शाम मां दुर्गा की आरती करती हैं और घर में अखंड ज्योत जलाती हैं। कठिन व्रत रखने से मन मजबूत होता है और मां उनकी हर परेशानी दूर करती हैं।
रोज दुर्गा चालीसा का करती हूं पाठ
अधिवक्ता डिंपल मित्तल बताती हैं कि वे 35 साल से फलाहार व्रत रखती हैं और दिन में केवल फल, दूध और व्रत का खाना ही ग्रहण करती हैं। वे रोजाना दुर्गा चालीसा का पाठ करती हैं। मां के आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति है। मनोकामना कुछ ही समय में पूरी हो गई।
विज्ञापन
जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
अधिवक्ता किरण का कहना है कि वे एक समय भोजन करके व्रत रखती हैं और पूरे नौ दिन नियमपूर्वक पूजा करती हैं। तीसरे नवरात्र को वे विशेष महत्व देती हैं और इस दिन मंदिर जाकर मां के दर्शन करती हैं। नवरात्र व्रत से जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
व्रत रखने से बढ़ती है आत्मशक्ति
अधिवक्ता मधु चौधरी बताती हैं कि वे केवल शाम को एक समय फलाहार करती हैं और दिनभर मां का ध्यान करती हैं। व्रत रखने से आत्मशक्ति बढ़ती है और मन शांत रहता है। उन्होंने मां से अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए प्रार्थना की थी, जो धीरे-धीरे पूरी होती दिख रही है।
देवी मां भक्त की पूरी करती हैं हर इच्छा
अंशिता ढंग कहती हैं कि वे नवरात्र में बिना नमक का व्रत रखती हैं और केवल साबूदाना, कुट्टू के आटे और फलाहार से ही दिन बिताती हैं। उनका विश्वास है कि मां दुर्गा अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करती हैं। उनका विश्वास और भी मजबूत हो गया है और हर साल व्रत रखती हूं।
विज्ञापन
यमुनानगर। नवरात्र का पर्व महिलाओं की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इन नौ दिनों में महिलाएं अलग-अलग नियमों के साथ व्रत रखती हैं और मां दुर्गा से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करती हैं। तीसरे नवरात्र का विशेष महत्व होता है, इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है, जो साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं। इस अवसर पर महिलाओं का विश्वास और भी मजबूत हो जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
व्रत रखने से मजबूत होता है मन
ब्लड बैंक में कार्यरत सीमा चौधरी कहती हैं कि वे पिछले कई वर्षों से पूरे नौ दिन निर्जला व्रत रख रही हैं। सुबह और शाम मां दुर्गा की आरती करती हैं और घर में अखंड ज्योत जलाती हैं। कठिन व्रत रखने से मन मजबूत होता है और मां उनकी हर परेशानी दूर करती हैं।
विज्ञापन
रोज दुर्गा चालीसा का करती हूं पाठ
अधिवक्ता डिंपल मित्तल बताती हैं कि वे 35 साल से फलाहार व्रत रखती हैं और दिन में केवल फल, दूध और व्रत का खाना ही ग्रहण करती हैं। वे रोजाना दुर्गा चालीसा का पाठ करती हैं। मां के आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति है। मनोकामना कुछ ही समय में पूरी हो गई।
विज्ञापन
जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
अधिवक्ता किरण का कहना है कि वे एक समय भोजन करके व्रत रखती हैं और पूरे नौ दिन नियमपूर्वक पूजा करती हैं। तीसरे नवरात्र को वे विशेष महत्व देती हैं और इस दिन मंदिर जाकर मां के दर्शन करती हैं। नवरात्र व्रत से जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
व्रत रखने से बढ़ती है आत्मशक्ति
अधिवक्ता मधु चौधरी बताती हैं कि वे केवल शाम को एक समय फलाहार करती हैं और दिनभर मां का ध्यान करती हैं। व्रत रखने से आत्मशक्ति बढ़ती है और मन शांत रहता है। उन्होंने मां से अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए प्रार्थना की थी, जो धीरे-धीरे पूरी होती दिख रही है।
देवी मां भक्त की पूरी करती हैं हर इच्छा
अंशिता ढंग कहती हैं कि वे नवरात्र में बिना नमक का व्रत रखती हैं और केवल साबूदाना, कुट्टू के आटे और फलाहार से ही दिन बिताती हैं। उनका विश्वास है कि मां दुर्गा अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करती हैं। उनका विश्वास और भी मजबूत हो गया है और हर साल व्रत रखती हूं।

सीमा चौधरी।

सीमा चौधरी।

सीमा चौधरी।

सीमा चौधरी।