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...मैडम, हमारी तो कोई अधिकारी नहीं सुनता
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Wed, 02 Dec 2015 11:37 PM IST
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नगर निगम के वार्डों में सफाई व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति व विकास कार्यों को लेकर नगर निगम विकास मोर्चा से जुड़े नौ पार्षद बुधवार को नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व सीटीएम पूजा चावरिया से मिले। पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर उनकी बात न सुनने व बहानेबाजी का आरोप मढा।
इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने फोन पर निगम के एक्सईएन को पहले कटाक्ष किया कि पार्षद आपकी तारीफ कर रहे हैं, इसके बाद सभी अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
नगर निगम विकास मोर्चा की प्रधान कुसुम त्यागी के नेतृत्व में पार्षद अपनी शिकायत लेकर डीसी से मिलने आए थे। लेकिन डीसी के कार्यालय में न होने पर वे निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व सीटीएम पूजा चावरिया के पास पहुंच गए। यहां एक-एक कर सभी पार्षदों ने अपनी शिकायत ज्वाइंट कमिश्नर के समक्ष रखी।
पार्षदों में इस बात का खासा रोष था कि निगम अधिकारी उनकी बात को तवज्जो नहीं देतें। पार्षदों ने निगम के एक्सईएन व दो एमई की कई मामलों में शिकायत की, जिस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने उन्हें फोन कर जमकर लताड़ लगाई।
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ज्वाइंट कमिश्नर ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि उनकी हर बात सुनी जाएगी। अधिकारियों के रवैये को लेकर उन्होंने कहा कि वे हर वीरवार को निगम कार्यालय में निगम अधिकारियों के साथ मीटिंग कर विकास कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट लेंगी। पार्षदों की विकास कार्यों व अन्य मुद्दों को लेकर जो भी शिकायतें हैं, उनके बारे में वे उन्हें बताए ताकि अधिकारियों से जवाब मांगा जा सके।
वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान सहित अन्य पार्षदों ने उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति के बार में बताया। इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि यमुनानगर के 14 वार्डों में कांट्रेक्ट बेसिस पर 156 सफाई कर्मचारी रखे जा रहे हैं। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी को आई कार्ड दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक वार्ड में कूड़ा उठाने के लिए एक-एक ट्राली दी जाएगी।
पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के वार्डाें में विकास कार्यों को लेकर भेदभाव किया जाता रहा है। सभी वार्डों में एक समान राशि से विकास कार्य नहीं करवाए गए। मुख्यमंत्री द्वारा सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है, यह ग्रांट सभी वार्डों में बराबर-बराबर जारी होनी चाहिए। पार्षदों ने कहा कि आईएचएसडीपी स्कीम के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर हुए हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक वर्क आर्डर जारी नहीं किए हैं। इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने जल्द काम शुरू करवाने का भरोसा दिया।
वार्ड नंबर चार के पार्षद मौजी सेठी ने कहा कि उनके वार्ड में सड़कों के पैचवर्क के लिए पांच लाख रुपये के टेंडर हुए है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं वार्ड नंबर 18 के पार्षद कर्मवीर ने कहा कि उनके वार्ड के जौहड़ की पिछले डेढ़ साल से सफाई नहीं हुई है।
निगम अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि उनके वार्ड में डस्टबिन पिछले काफी समय से टूटे पड़े हैं, जिस कारण कूड़ा सड़क पर बिखर जाता है। निगम के अधिकारियों को कई बार डस्टबिन बदलने को कहा, लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर से मिलने आए पार्षदों में कुसुम त्यागी, निर्मल चौहान, नवनीत शर्मा, कर्मवीर, नीरज राणा, राम स्वरूप, मौजी सेठी के अलावा पार्षद सुशील जावला के पति अमन जावला व निशा जड़ोदा के पति महेंद्र जड़ोदा शामिल थे।
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इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने फोन पर निगम के एक्सईएन को पहले कटाक्ष किया कि पार्षद आपकी तारीफ कर रहे हैं, इसके बाद सभी अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
नगर निगम विकास मोर्चा की प्रधान कुसुम त्यागी के नेतृत्व में पार्षद अपनी शिकायत लेकर डीसी से मिलने आए थे। लेकिन डीसी के कार्यालय में न होने पर वे निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व सीटीएम पूजा चावरिया के पास पहुंच गए। यहां एक-एक कर सभी पार्षदों ने अपनी शिकायत ज्वाइंट कमिश्नर के समक्ष रखी।
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पार्षदों में इस बात का खासा रोष था कि निगम अधिकारी उनकी बात को तवज्जो नहीं देतें। पार्षदों ने निगम के एक्सईएन व दो एमई की कई मामलों में शिकायत की, जिस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने उन्हें फोन कर जमकर लताड़ लगाई।
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ज्वाइंट कमिश्नर ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि उनकी हर बात सुनी जाएगी। अधिकारियों के रवैये को लेकर उन्होंने कहा कि वे हर वीरवार को निगम कार्यालय में निगम अधिकारियों के साथ मीटिंग कर विकास कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट लेंगी। पार्षदों की विकास कार्यों व अन्य मुद्दों को लेकर जो भी शिकायतें हैं, उनके बारे में वे उन्हें बताए ताकि अधिकारियों से जवाब मांगा जा सके।
वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान सहित अन्य पार्षदों ने उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति के बार में बताया। इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि यमुनानगर के 14 वार्डों में कांट्रेक्ट बेसिस पर 156 सफाई कर्मचारी रखे जा रहे हैं। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी को आई कार्ड दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक वार्ड में कूड़ा उठाने के लिए एक-एक ट्राली दी जाएगी।
पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के वार्डाें में विकास कार्यों को लेकर भेदभाव किया जाता रहा है। सभी वार्डों में एक समान राशि से विकास कार्य नहीं करवाए गए। मुख्यमंत्री द्वारा सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है, यह ग्रांट सभी वार्डों में बराबर-बराबर जारी होनी चाहिए। पार्षदों ने कहा कि आईएचएसडीपी स्कीम के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर हुए हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक वर्क आर्डर जारी नहीं किए हैं। इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने जल्द काम शुरू करवाने का भरोसा दिया।
वार्ड नंबर चार के पार्षद मौजी सेठी ने कहा कि उनके वार्ड में सड़कों के पैचवर्क के लिए पांच लाख रुपये के टेंडर हुए है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं वार्ड नंबर 18 के पार्षद कर्मवीर ने कहा कि उनके वार्ड के जौहड़ की पिछले डेढ़ साल से सफाई नहीं हुई है।
निगम अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि उनके वार्ड में डस्टबिन पिछले काफी समय से टूटे पड़े हैं, जिस कारण कूड़ा सड़क पर बिखर जाता है। निगम के अधिकारियों को कई बार डस्टबिन बदलने को कहा, लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर से मिलने आए पार्षदों में कुसुम त्यागी, निर्मल चौहान, नवनीत शर्मा, कर्मवीर, नीरज राणा, राम स्वरूप, मौजी सेठी के अलावा पार्षद सुशील जावला के पति अमन जावला व निशा जड़ोदा के पति महेंद्र जड़ोदा शामिल थे।