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2225 बेटियों की शादी में सात करोड़ से अधिक दिया जा चुका शगुन
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यमुनानगर। अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों के अलावा विभिन्न आय वर्ग की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना लाभकारी साबित हो रही है। जिले कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2225 बेटियों की शादी में सात करोड़ 69 लाख 88 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जा चुकी है। यह राशि उन परिवारों को दी गई जिन्हें बेटी की शादी के लिए धन की आवश्यकता है।
जिले में अभी भी बहुत से परिवार ऐसे हैं जो किसी न किसी कारण से योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं। नियमानुसार योजना के लाभ के लिए प्रार्थी को शादी के एक माह पहले और शादी के बाद एक माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। शादी के छह माह तक आवेदन करने पर उसका ठोस कारण बताना होगा। वहीं, शादी के छह माह बाद आवेदन स्वीकार प्रति नहीं किए जाते।
विभाग की योजना के तहत अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों को 71 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है और सभी जातियों की विधवा महिला जिनका बीपीएल सूची में नाम है या नहीं है, लेकिन परिवार की सालाना आमदनी 1 लाख 80 हजार से कम है। उसकी लड़की की शादी पर 51 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है तथा पिछड़े वर्ग व सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों तथा सभी जातियों के व्यक्तियों को जिनका बीपीएल सूची में नाम नहीं है, परंतु परिवार की सालाना आमदनी 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है या जमीन 2.5 एकड़ से कम है। लड़की की शादी पर 31 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। फॉर्म ऑनलाइन प्राप्त किये जाते हैं।
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आवेदन के लिए यह दस्तावेज आवश्यक
प्रार्थी हरियाणा सरकार की ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदन पत्र अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए वर-वधू की जन्म तिथि का प्रमाण जाति का प्रमाण, रिहायशी प्रमाण पत्र की फोटो प्रति, आधार लिंक बैंक पासबुक की फोटो प्रति और राशन कार्ड की आवश्यकता होती है।
योजना काफी कारगर साबित हो रही है। जिले में 2225 पात्रों को सात करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। दस्तावेजों की पूरी गहनता से जांच करने के बाद ही राशि दी जाती है। इसके अलावा कईं बार विभाग की तरफ से गांव-गांव में जागरूक करने के लिए टीमें भेजी जाती हैं।
-अनु बंसल, जिला कल्याण अधिकारी।
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जिले में अभी भी बहुत से परिवार ऐसे हैं जो किसी न किसी कारण से योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं। नियमानुसार योजना के लाभ के लिए प्रार्थी को शादी के एक माह पहले और शादी के बाद एक माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। शादी के छह माह तक आवेदन करने पर उसका ठोस कारण बताना होगा। वहीं, शादी के छह माह बाद आवेदन स्वीकार प्रति नहीं किए जाते।
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विभाग की योजना के तहत अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों को 71 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है और सभी जातियों की विधवा महिला जिनका बीपीएल सूची में नाम है या नहीं है, लेकिन परिवार की सालाना आमदनी 1 लाख 80 हजार से कम है। उसकी लड़की की शादी पर 51 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है तथा पिछड़े वर्ग व सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों तथा सभी जातियों के व्यक्तियों को जिनका बीपीएल सूची में नाम नहीं है, परंतु परिवार की सालाना आमदनी 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है या जमीन 2.5 एकड़ से कम है। लड़की की शादी पर 31 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। फॉर्म ऑनलाइन प्राप्त किये जाते हैं।
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आवेदन के लिए यह दस्तावेज आवश्यक
प्रार्थी हरियाणा सरकार की ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदन पत्र अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए वर-वधू की जन्म तिथि का प्रमाण जाति का प्रमाण, रिहायशी प्रमाण पत्र की फोटो प्रति, आधार लिंक बैंक पासबुक की फोटो प्रति और राशन कार्ड की आवश्यकता होती है।
योजना काफी कारगर साबित हो रही है। जिले में 2225 पात्रों को सात करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। दस्तावेजों की पूरी गहनता से जांच करने के बाद ही राशि दी जाती है। इसके अलावा कईं बार विभाग की तरफ से गांव-गांव में जागरूक करने के लिए टीमें भेजी जाती हैं।
-अनु बंसल, जिला कल्याण अधिकारी।