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एनजीटी के स्पेशल कमीशन ने किया खनन क्षेत्र का औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:33 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
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खिजराबाद। यमुना नदी और इसके आस-पास के इलाके में चल रही वैध व अवैध माइनिंग की जांच करने के लिए मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के तीन सदस्यीय स्पेशल कमीशन ने दौरा किया। कमीशन ने सभी प्वाइंटों का जायजा लिया। यहां शिकायतकर्ता व क्रेशर जोन से जुड़े लोगों ने अपने-अपने बयान दिए। टीम के आने से खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। छछरौली क्षेत्र में स्थित प्रदेश के सबसे बडे़ क्रेशर जोन बल्लेवाला व डोईवाला को एनजीटी की मंजूरी के बाद तीन महीने पहले खनन करने की अनुमति दी गई थी। इसी बीच जोगिंद्र सिंह द्वारा एनजीटी में अवैध खनन को लेकर याचिका दायर करने पर माननीय न्यायालय वकीलों का एक तीन सदस्यीय कमीशन बनाया गया था।
मंगलवार को वही कमीशन चुपचाप लाक्कड़ गांव से होता हुआ यमुना नदी में पहुंचा। देखते ही देखते एनजीटी की टीम के आने की खबर आग की तरह फैल गई। कमीशन सदस्यों में एडवोकेट रितविक दत्ता, सूर्यनारायण सिंह और आदित्य धवन शामिल रहे। एनजीटी के आदेश पर हिमाचल के शिमला से खनन अधिकारी को स्पेशल एक्सपर्ट के रूप में नियुक्त किया गया था। कमीशन ने यमुना नदी में खुदाई वाली जगहों का निरीक्षण किया। जहां शिकायतकर्ताओं जोगिंद्र सिंह, पूर्व सरपंच मुन्ना सिंह, बनीश, बिंद्र आदि का आरोप था कि यह खुदाई हरियाणा के खनन माफिया ने की है। वहीं क्रेशर जोन से जुड़े रामपाल, रामू, पूर्व सरपंच ओमकार, हरजीत सिंह, नरेंद्र गर्ग व प्रीतम सिंह आदि का कहना है कि यहां यूपी का खनन माफिया आज भी बदस्तूर खनन कर रहा है। हरियाणा में सात साल बाद खनन खुला है। यहां के ग्रामीण नियमों के मुताबिक ही खनन कर रहे हैं। टीम के समक्ष एक बार तो दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। मुश्किल से पुलिस ने हालात संभाले।
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मंगलवार को वही कमीशन चुपचाप लाक्कड़ गांव से होता हुआ यमुना नदी में पहुंचा। देखते ही देखते एनजीटी की टीम के आने की खबर आग की तरह फैल गई। कमीशन सदस्यों में एडवोकेट रितविक दत्ता, सूर्यनारायण सिंह और आदित्य धवन शामिल रहे। एनजीटी के आदेश पर हिमाचल के शिमला से खनन अधिकारी को स्पेशल एक्सपर्ट के रूप में नियुक्त किया गया था। कमीशन ने यमुना नदी में खुदाई वाली जगहों का निरीक्षण किया। जहां शिकायतकर्ताओं जोगिंद्र सिंह, पूर्व सरपंच मुन्ना सिंह, बनीश, बिंद्र आदि का आरोप था कि यह खुदाई हरियाणा के खनन माफिया ने की है। वहीं क्रेशर जोन से जुड़े रामपाल, रामू, पूर्व सरपंच ओमकार, हरजीत सिंह, नरेंद्र गर्ग व प्रीतम सिंह आदि का कहना है कि यहां यूपी का खनन माफिया आज भी बदस्तूर खनन कर रहा है। हरियाणा में सात साल बाद खनन खुला है। यहां के ग्रामीण नियमों के मुताबिक ही खनन कर रहे हैं। टीम के समक्ष एक बार तो दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। मुश्किल से पुलिस ने हालात संभाले।
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