फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Mid-day meal will be served after inspection

Yamuna Nagar News: जांच के बाद परोसा जाएगा मिड-डे मील

Mon, 29 Sep 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 29 Sep 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
Mid-day meal will be served after inspection
जिला ​शिक्षा सदन। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जगाधरी। राजकीय स्कूलों में अब बिना जांच के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील नहीं परोसा जाएगा। यही नहीं मिड-डे-मील पकाने व इसके लिए उपयोग होने वाली सामग्री की भी जांच की जाएगी। बिना जांच के सामान न तो खरीदा जाएगा और न ही इसका उपयोग किया जाएगा। इसके लिए मौलिक शिक्षा महानिदेशक ने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। निदेशालय ने आदेश दिया है कि अधिकारियों को यह जांच प्रतिदिन करनी होगी।
निदेशालय के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी रोज एक स्कूल का निरीक्षण करेंगे। अधिकारियों को हर माह कम से कम 25 से 30 विद्यालयों का निरीक्षण जरूर करने के निदेशालय ने आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

अधिकारियों को रोजाना एक स्कूल का निरीक्षण कर यहां पर भोजन पकाने, राशन रखने की व्यवस्था, बर्तन धोने व रखने की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था का जायजा लेना होगा। इसके अलावा बच्चों को भोजन परोसने व खिलाने के तरीकों की भी समीक्षा करनी होगी। इस दौरान यह भी देखना होगा कि निदेशालय के मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। अधिकारियों को हर दिन एक स्कूल का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजकीय विद्यालयों में बच्चों को पोषण देने के उद्देश्य से मिड-डे-मील योजना के तहत पहली से आठवीं तक के बच्चों को रोज स्कूल में दोपहर का भोजन दिया जाता है। मिड-डे-मील की गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। वहीं भोजन पकाने में भी लापरवाही बरतने के आरोप लगते रहे हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए निदेशालय ने प्रतिदिन मिड-डे-मील की जांच करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को भोजन पकाने में उपयोग किए जा रहे राशन की भी जांच करनी होगी।
जिले में 68,000 विद्यार्थियों को मिल रहा दोपहर का खाना

जिले में कुल 592 और 221 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन्हीं में शिक्षा विभाग की ओर से बाल वाटिका भी चलाई जा रही है। इन विद्यालयों के करीब 68,000 विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की बाल वाटिकाओं में करीब 3,500 बच्चे हैं। वहीं, प्राथमिक पाठशाला में करीब 41,800 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में छठी से आठवीं कक्षा में करीब 21,200 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

स्कूलों में मिड-डे-मील के निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता के साथ अन्य मानकों का भी निरीक्षण किया जाएगा। निदेशालय के आदेशों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed