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सिविल अस्पताल में मरीज बढ़े, डाक्टर घटे

Wed, 06 Jul 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर Updated Wed, 06 Jul 2016 12:24 AM IST
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डाक्टर - फोटो : ब्यूरो
यमुनानगर। सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर में डाक्टरों की कमी मरीजों का मर्ज बढ़ा रही है। मौसम में बदलाव होते ही अस्पताल में बुखार व अन्य संक्रामक रोगों के मरीजों की आमद बढ़ने लगी है। ऐसे में मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है।
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सिविल अस्पताल यमुनानगर में इन दिनों बुखार, खांसी व अन्य संक्रामक रोगी काफी संख्या में आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक इन बीमारियों से संबंधित प्रतिदिन 250-300 मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा भी अन्य रोगों से संबंधित मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पताल में आते हैं। अस्पताल में डाक्टरों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतान पड़ रहा है।
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इन दिनों अस्पताल में सबसे बड़ी दिक्कत फिजिशियन न होने से हो रही है। कुछ महीने पहले कुरुक्षेत्र से एक फिजिशियन को यहां डेपूटेशन पर भेजा गया था, लेकिन 60 दिन बाद वह वापस चले गए। कुछ दिनों पहले रोहतक से एक फिजिशियन का यमुनानगर ट्रांसफर हुआ है। लेकिन ज्वाइनिंग के फौरन बाद ही वे लंबी छुट्टी पर चले गए हैं।
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अस्पताल में होने वाले आपरेशन के लिए भी फिजिशियन की अहम भूमिका होती है। फिजिशियन की रिपोर्ट के आधार पर ही सर्जन मरीज का आपरेशन करते हैं। फिजिशियन के अभाव में अस्पताल में आने वाले मरीजों को दूसरे डाक्टरों के पास भेजा जाता है। या फिर उन्हें आयुर्वेदिक डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।


42 डाक्टरों के पद, 20 खाली
सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर में डाक्टरों की 42 पोस्ट हैं, जिनमें से 20 खाली पड़ी है। अकेले ट्रामा सेंटर में 14 डाक्टरों के पद हैं, जिनमें से सात खाली पड़े हैं। इससे सबसे बड़ी दिक्कत ट्रामा सेटर की इमरजेंसी में हो रही है। जिले में कही भी होने वाले सड़क हादसों में घायलों को ट्रामा सेंटर रेफर किया जाता है। इमरजेंसी में डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अन्य डाक्टरों की यहां ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन इससे ओपीडी में आने वाले मरीज प्रभावित होते हैं।


अस्पताल में प्रतिदिन आ रहे 1300 मरीज, 300 संक्रामक रोगों से ग्रस्त
बरसात का मौसम शुरू होते ही सिविल अस्पताल में बुखार, खांसी व अन्य संक्रामक बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इन दिनों अस्पताल में आने वाले कुल मरीजों में करीब 25 फीसदी संक्रामक रोगग्रस्त हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर की ओपीडी में प्रतिदिन औसत एक हजार मरीज आते थे। पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या 1200 से 1300 तक पहुंच गई है। इनमें 250-300 मरीज बुखार, खांसी व अन्य संक्रामक रोगों से ग्रस्त आ रहे हैं। जिले में मलेरिया रोगियों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। हालांकि मलेरिया के रोगी रूरल इलाकों में अधिक सामने आ रहे हैं।

प्रतिदिन 125 मरीज देख रहे डाक्टर
सिविल अस्पताल में लगभग सभी डाक्टर ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक हैं। सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर में मौजूद डाक्टर अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर में डाक्टरों की कमी होने के कारण प्रत्येक डाक्टर प्रतिदिन करीब 125 मरीजों को देख रहे है।





वर्जन ::::::::
यह सही है कि सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर में डाक्टरों की कमी है। इसके लिए सरकार को रिपोर्ट भेज दी गई है। रोहतक से ट्रांसफर होकर आए फिजिशियन फिलहाल छुट्टी पर है। उनके ड्यूटी पर आने से सुधार आ जाएगा।
डॉ रमेश, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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