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Yamuna Nagar News: गैंगस्टरों से खौफजदा शराब ठेकेदार पहुंचे सीएम के पास
Tue, 03 Jun 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 03 Jun 2025 01:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शराब ठेकों पर हो रही फायरिंग व कारोबारियों को मिल रही धमकियों का मामला सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंच गया। शराब ठेकेदार मुख्यमंत्री से मिले। बातचीत के दौरान हरियाणा पुलिस के डीजीपी भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि सीएम ने सभी शराब कारोबारियों को मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन चार ठेकेदारों का प्रतिनिधिमंडल ही चंडीगढ़ पहुंचा।
सीएम के समक्ष ठेकेदारों ने गैंगस्टरों से लगातार मिल रही धमकियों का मामला उठाया। इस पर सीएम सैनी ने शराब कारोबारियों से कहा कि वह बिना डर के अपना कारोबार करें। सरकार की तरफ से उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी। ठेकेदारों के अनुसार मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वह शराब ठेकों की नीलामी में हिस्सा क्यों नहीं ले रहे हैं।
जिस पर ठेकेदारों ने उन्हें बताया कि डर के माहौल में वह काम नहीं कर सकते। पता नहीं कब कहां से ठेकेदारों पर गोली चल जाए। अब तक यमुनानगर में कई बार ठेकों पर फायरिंग हो चुकी है। परंतु आरोपी पकड़े नहीं जाते। गैंगस्टर फोन पर धमकी देकर रंगदारी मांगते हैं। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी मिलती है। ऐसी स्थिति में वह वह कारोबार कैसे करें। कारोबार में करोड़ों रुपये लगाकर भी वह सुरक्षित नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि शराब ठेकेदारों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएं।
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जिले में शराब के 55 जोन में स्थित ठेकों की नीलामी होनी है। सभी जोन के लिए आबकारी विभाग ने रिजर्व प्राइस 485 करोड़ रुपये रखा है। इस बार शराब ठेकों की नीलामी 21 माह के लिए हो रही है। ऐसे में आबकारी विभाग ने अंदाजा लगाया था कि ठेकेदार बढ़चढ़ कर बोली लगाएंगे। अधिक बोली लगाए जाने से सरकार को 500 से 525 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। पहले दिन 31 मई को हुई नीलामी में महज तीन जोन ही 27 करोड़ रुपये में बिके थे। कुल जोन की 25 प्रतिशत से कम संख्या होने के चलते इन तीन जोन की नीलामी को भी रद्द कर दिया गया। इसलिए अब सभी जोन की नीलामी चार जून को होगी। माना जा रहा है कि इस बार भी ठेकेदार पीछे हट सकते हैं।
12 से शुरू होने हैं नए ठेके
नई आबकारी पॉलिसी इस बार 12 जून से शुरू हो रही है। ऐसे में विभाग को इससे पहले सभी ठेकों की नीलामी करानी है। इस बार शराब का रेट भी बढ़ाया गया है। न्यूनतम सेल प्राइज नई पॉलिसी में बढ़ाया गया है। पहली बार क्वार्टरली कोटा फिक्स किया गया है। यदि किसी ठेकेदार को कोटा से अधिक शराब चाहिए तो उसे 720 प्रति पेटी एडिशनल ड्यूटी देनी होगी। इस बार सात क्वार्टर होंगें।
कार्यालय में पसरा सन्नाटा
डीईटीसी कार्यालय जगाधरी में सोमवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। जबकि नीलामी के दिनों में हर साल इस कार्यालय में खूब चहल पहल रहती है। शराब ठेकेदार कागजी कार्रवाई समेत अन्य कार्यों के लिए कार्यालय में चक्कर काटते रहते थे। परंतु, सोमवार को गिने-चुने लोग ही कार्यालय में दिखे। डीईटीसी समेत कई स्टाफ सदस्य चंडीगढ़ तलब किए गए। कयास तो यह भी लगाया जा रहा है कि यदि चार जून को भी ठेकों की नीलामी नहीं होती तो जिला कार्यालय में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
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यमुनानगर। शराब ठेकों पर हो रही फायरिंग व कारोबारियों को मिल रही धमकियों का मामला सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंच गया। शराब ठेकेदार मुख्यमंत्री से मिले। बातचीत के दौरान हरियाणा पुलिस के डीजीपी भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि सीएम ने सभी शराब कारोबारियों को मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन चार ठेकेदारों का प्रतिनिधिमंडल ही चंडीगढ़ पहुंचा।
सीएम के समक्ष ठेकेदारों ने गैंगस्टरों से लगातार मिल रही धमकियों का मामला उठाया। इस पर सीएम सैनी ने शराब कारोबारियों से कहा कि वह बिना डर के अपना कारोबार करें। सरकार की तरफ से उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी। ठेकेदारों के अनुसार मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वह शराब ठेकों की नीलामी में हिस्सा क्यों नहीं ले रहे हैं।
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जिस पर ठेकेदारों ने उन्हें बताया कि डर के माहौल में वह काम नहीं कर सकते। पता नहीं कब कहां से ठेकेदारों पर गोली चल जाए। अब तक यमुनानगर में कई बार ठेकों पर फायरिंग हो चुकी है। परंतु आरोपी पकड़े नहीं जाते। गैंगस्टर फोन पर धमकी देकर रंगदारी मांगते हैं। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी मिलती है। ऐसी स्थिति में वह वह कारोबार कैसे करें। कारोबार में करोड़ों रुपये लगाकर भी वह सुरक्षित नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि शराब ठेकेदारों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएं।
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जिले में शराब के 55 जोन में स्थित ठेकों की नीलामी होनी है। सभी जोन के लिए आबकारी विभाग ने रिजर्व प्राइस 485 करोड़ रुपये रखा है। इस बार शराब ठेकों की नीलामी 21 माह के लिए हो रही है। ऐसे में आबकारी विभाग ने अंदाजा लगाया था कि ठेकेदार बढ़चढ़ कर बोली लगाएंगे। अधिक बोली लगाए जाने से सरकार को 500 से 525 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। पहले दिन 31 मई को हुई नीलामी में महज तीन जोन ही 27 करोड़ रुपये में बिके थे। कुल जोन की 25 प्रतिशत से कम संख्या होने के चलते इन तीन जोन की नीलामी को भी रद्द कर दिया गया। इसलिए अब सभी जोन की नीलामी चार जून को होगी। माना जा रहा है कि इस बार भी ठेकेदार पीछे हट सकते हैं।
12 से शुरू होने हैं नए ठेके
नई आबकारी पॉलिसी इस बार 12 जून से शुरू हो रही है। ऐसे में विभाग को इससे पहले सभी ठेकों की नीलामी करानी है। इस बार शराब का रेट भी बढ़ाया गया है। न्यूनतम सेल प्राइज नई पॉलिसी में बढ़ाया गया है। पहली बार क्वार्टरली कोटा फिक्स किया गया है। यदि किसी ठेकेदार को कोटा से अधिक शराब चाहिए तो उसे 720 प्रति पेटी एडिशनल ड्यूटी देनी होगी। इस बार सात क्वार्टर होंगें।
कार्यालय में पसरा सन्नाटा
डीईटीसी कार्यालय जगाधरी में सोमवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। जबकि नीलामी के दिनों में हर साल इस कार्यालय में खूब चहल पहल रहती है। शराब ठेकेदार कागजी कार्रवाई समेत अन्य कार्यों के लिए कार्यालय में चक्कर काटते रहते थे। परंतु, सोमवार को गिने-चुने लोग ही कार्यालय में दिखे। डीईटीसी समेत कई स्टाफ सदस्य चंडीगढ़ तलब किए गए। कयास तो यह भी लगाया जा रहा है कि यदि चार जून को भी ठेकों की नीलामी नहीं होती तो जिला कार्यालय में बड़ा फेरबदल हो सकता है।