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Yamuna Nagar News: लघु सचिवालय में बत्ती गुल, मोबाइल की रोशनी में किया कार्य
Tue, 02 Apr 2024 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 02 Apr 2024 02:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लघु सचिवालय में कब बत्ती गुल हो जाए, कुछ पता नहीं। एक दिन की बात हो तो चल जाता है, लेकिन अब तो यहां आम बात होने लगी है। इस समस्या से विभागीय कर्मचारी दिक्कत में हैं, वहीं आमजन भी परेशान है। इसका तरोताजा उदाहरण सोमवार को यहां देखने को मिला। जिला चुनाव कार्यालय की बात करें तो यहां नजारा देखने वाला था। कार्यालय में जहां बत्ती गुल होने से अंधेरा छाया हुआ था, वहीं गर्मी के चलते लोगों की हालत खराब थी।
हालांकि बिजली लगभग आधे घंटे बाद आ गई थी, लेकिन इस दौरान यहां अपने कार्य के लिए आए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को मोबाइल की टॉर्च से वोटर लिस्ट देखी। कईयों को लिस्ट को रूम के बाहर रोशनी में देखना पड़ा। तो कुछेक बिजली के चले जाने से कार्यालय में या बाहर बैठ गए।
इतना ही नहीं बत्ती गुल होने से कर्मचारियों के कंप्यूटर बंद हो गए, ऐसे में उन्हें भी अपना कार्य छोड़ कर इसी तरह बैठना पड़ा। एक कर्मचारी ने बताया कि इस तरह बत्ती चले जाना अब तो आम बात हो गई है। कुछ पता नहीं चलता लाइट कब चली जाए। कई बार तो बिजली के चले जाने से कंप्यूटर पर किया गया वर्क भी सेव न होने के कारण डिलीट हो जाता है, और बत्ती आने पर उसे दोबारा से बनाना पड़ता है।
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यमुनानगर। लघु सचिवालय में कब बत्ती गुल हो जाए, कुछ पता नहीं। एक दिन की बात हो तो चल जाता है, लेकिन अब तो यहां आम बात होने लगी है। इस समस्या से विभागीय कर्मचारी दिक्कत में हैं, वहीं आमजन भी परेशान है। इसका तरोताजा उदाहरण सोमवार को यहां देखने को मिला। जिला चुनाव कार्यालय की बात करें तो यहां नजारा देखने वाला था। कार्यालय में जहां बत्ती गुल होने से अंधेरा छाया हुआ था, वहीं गर्मी के चलते लोगों की हालत खराब थी।
हालांकि बिजली लगभग आधे घंटे बाद आ गई थी, लेकिन इस दौरान यहां अपने कार्य के लिए आए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को मोबाइल की टॉर्च से वोटर लिस्ट देखी। कईयों को लिस्ट को रूम के बाहर रोशनी में देखना पड़ा। तो कुछेक बिजली के चले जाने से कार्यालय में या बाहर बैठ गए।
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इतना ही नहीं बत्ती गुल होने से कर्मचारियों के कंप्यूटर बंद हो गए, ऐसे में उन्हें भी अपना कार्य छोड़ कर इसी तरह बैठना पड़ा। एक कर्मचारी ने बताया कि इस तरह बत्ती चले जाना अब तो आम बात हो गई है। कुछ पता नहीं चलता लाइट कब चली जाए। कई बार तो बिजली के चले जाने से कंप्यूटर पर किया गया वर्क भी सेव न होने के कारण डिलीट हो जाता है, और बत्ती आने पर उसे दोबारा से बनाना पड़ता है।
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