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हैफेड के गोदाम में कैल्शियम फैक्टरी के मजदूर की मौत, गैस चढ़ने की आशंका
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जगाधरी मार्ग पर स्थित एक कैल्शियम फैक्टरी में सफाई का काम करने वाले मजदूर की हैफेड के गोदाम में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि गैस चढ़ने से मजदूर की मौत हुई है। मजदूर बुधवार को ट्रैक्टर से कार में टक्कर लगने के बाद भाग कर हैफेड के गोदाम में छिप गया था। इसकी सूचना उसने अन्य मजदूरों को फोन पर दी। जब मजदूर गोदाम में पहुंचे तो वह बेसुध मिला। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर किया। मृतक मजदूर लगभग बीस दिन पहले ही बिहार के डूमरी मुजफ्फपुर से अपने चार पांच अन्य साथियों के साथ फैक्टरी में काम करने के लिए आया था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
जानकारी अनुसार बिहार के डुमरी मुजफ्फपुर निवासी सुजीत (21) लगभग बीस दिन पहले अपने साथियों के साथ जगाधरी मार्ग पर स्थित एक कैल्शियम फैक्टरी में काम करने के लिए आया था। फैक्टरी में सुजीत को साफ सफाई करने का काम मिला था। बुधवार दोपहर को सुजीत ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर ड्राइवर के साथ बिलासपुर बस स्टैंड के समीप आया था। ट्रैक्टर का ड्राइवर किसी काम से दुकान के अंदर गया तो सुजीत ने अचानक ट्रैक्टर में लगे सेल्फ से ट्रैक्टर स्टार्ट कर दिया। जिससे ट्रैक्टर सामने खड़ी एक कार में टकरा गया। कार में टक्कर लगने से सुजीत घबरा गया और भाग कर बस स्टैंड के समीप अनाज मंडी में बने हैफेड के गोदाम में जाकर छिप गया। उसके साथी ने उसे काफी देर तक खोजा, लेकिन उसका कुछ पता नही चला। शाम लगभग साढ़े सात बजे सुजीत ने अपने फोन से फैक्टरी में काम करने वाले एक अन्य मजदूर कुंदन को फोन कर सूचना दी। कुंदन ने अपने ठेकेदार राहुल को जानकारी दी। जिसके बाद फोन के माध्यम से सुजीत से बात कर अनाज मंडी में पहुंच कर गोदाम में तलाश किया तो वह गोदाम में बेसुध हालात में मिला। जिसको तुरंत बिलासपुर के निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर होती देख जगाधरी रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, जांच अधिकारी भूपिंद्र सिंह ने कहा कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने घटना स्थल का दौरा किया था। प्राथमिक जांच में मजदूर की मौत गैस चढ़ने या दम घुटने से हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सोलह घंटे स्ट्रेचर पर पड़ी रही लाश
सुजीत की मौत के बाद उसका शव सोलह घंटे अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। दरअसल रात को करीब दस बजे उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। उसके परिचित भी शव को छोड़कर घर चले गए। वीरवार दोपहर परिजन और पुलिसकर्मी पहुंचे। तब तक उसका शव स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। तीन बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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हैफेड के गोदाम से निकली गैस से कोई बेहोश नहीं होता : सुरेंद्र
अनाजमंडी बिलासपुर में हैफेड गोदाम के स्टोर कीपर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका स्वयं का कार्यालय गोदाम में बनाया हुआ है। जहां कर्मचारी पूरा दिन काम करते हैं। गोदाम में किसी प्रकार की कोई गैस नहीं है। कर्मचारियों के द्वारा गेहूं को कीडों से बचाने के लिए जिस दवाई को प्रयोग किया जाता है। उसे बड़ी सावधानी से गेहूं की बोरियों के बीच में रखा जाता है। उसके बाद पूरे ढेर को मोटी प्लास्टिक शीट से ढक कर साइडों पर मिट्टी लगाई जाती है। ताकि गैस बाहर न निकले। ताकि आसपास से गुजरने वाले को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जानकारी अनुसार बिहार के डुमरी मुजफ्फपुर निवासी सुजीत (21) लगभग बीस दिन पहले अपने साथियों के साथ जगाधरी मार्ग पर स्थित एक कैल्शियम फैक्टरी में काम करने के लिए आया था। फैक्टरी में सुजीत को साफ सफाई करने का काम मिला था। बुधवार दोपहर को सुजीत ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर ड्राइवर के साथ बिलासपुर बस स्टैंड के समीप आया था। ट्रैक्टर का ड्राइवर किसी काम से दुकान के अंदर गया तो सुजीत ने अचानक ट्रैक्टर में लगे सेल्फ से ट्रैक्टर स्टार्ट कर दिया। जिससे ट्रैक्टर सामने खड़ी एक कार में टकरा गया। कार में टक्कर लगने से सुजीत घबरा गया और भाग कर बस स्टैंड के समीप अनाज मंडी में बने हैफेड के गोदाम में जाकर छिप गया। उसके साथी ने उसे काफी देर तक खोजा, लेकिन उसका कुछ पता नही चला। शाम लगभग साढ़े सात बजे सुजीत ने अपने फोन से फैक्टरी में काम करने वाले एक अन्य मजदूर कुंदन को फोन कर सूचना दी। कुंदन ने अपने ठेकेदार राहुल को जानकारी दी। जिसके बाद फोन के माध्यम से सुजीत से बात कर अनाज मंडी में पहुंच कर गोदाम में तलाश किया तो वह गोदाम में बेसुध हालात में मिला। जिसको तुरंत बिलासपुर के निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर होती देख जगाधरी रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, जांच अधिकारी भूपिंद्र सिंह ने कहा कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने घटना स्थल का दौरा किया था। प्राथमिक जांच में मजदूर की मौत गैस चढ़ने या दम घुटने से हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सोलह घंटे स्ट्रेचर पर पड़ी रही लाश
सुजीत की मौत के बाद उसका शव सोलह घंटे अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। दरअसल रात को करीब दस बजे उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। उसके परिचित भी शव को छोड़कर घर चले गए। वीरवार दोपहर परिजन और पुलिसकर्मी पहुंचे। तब तक उसका शव स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। तीन बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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हैफेड के गोदाम से निकली गैस से कोई बेहोश नहीं होता : सुरेंद्र
अनाजमंडी बिलासपुर में हैफेड गोदाम के स्टोर कीपर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका स्वयं का कार्यालय गोदाम में बनाया हुआ है। जहां कर्मचारी पूरा दिन काम करते हैं। गोदाम में किसी प्रकार की कोई गैस नहीं है। कर्मचारियों के द्वारा गेहूं को कीडों से बचाने के लिए जिस दवाई को प्रयोग किया जाता है। उसे बड़ी सावधानी से गेहूं की बोरियों के बीच में रखा जाता है। उसके बाद पूरे ढेर को मोटी प्लास्टिक शीट से ढक कर साइडों पर मिट्टी लगाई जाती है। ताकि गैस बाहर न निकले। ताकि आसपास से गुजरने वाले को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।