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Yamuna Nagar News: खाकी पर पराली न जलने देने का जिम्मा, निकालेंगे फ्लैग मार्च
Fri, 06 Oct 2023 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Oct 2023 02:28 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। जिले में पराली जलाने के मामले कम से कम आए इसके लिए प्रशासन अब सख्ती करने जा रहा है। इसके लिए गांवों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला जाएगा। इतना ही नही यदि खेत में पराली जलते हुए मिली तो इस बार जुर्माना लगाने के बजाय थाने में एफआईआर दर्ज कराने को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से एसपी को पत्र लिखा गया है। जिसमें सभी गांवों में फ्लैग मार्च निकालने तथा पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है। खेतों में पराली जलाने के वर्ष 2022 में 155 केस मिले थे, जबकि वर्ष 2021 में 148 केस सामने आए थे। जबकि इस बार आठ केस अभी तक सामने आ चुके हैं। हालांकि सेटेलाइट ने 12 लोकेशन पर पराली जलते हुए चिह्नित की थी। इनमें से आठ लोकेशन को कृषि विभाग ट्रेस नहीं कर सका।
जिला प्रशासन, कृषि एवं कल्याण विभाग के अलावा शिक्षा विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। जिनके माध्यम से किसानों से पराली न जलाने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद कुछ किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे, जबकि पराली जलने से पर्यावरण को तो नुकसान होता ही है, साथ में भूमि भी बंजर होती है। इसलिए ऐसे किसानों पर सख्ती करने का निर्णय प्रशासन ने लिया है।
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इन गांवों में जलती मिली पराली
सरस्वतीनगर के जागधाैली गांव, झाड़ चांदना, कुलचंदू, रादौर के सतगौली गांव, मोहड़ी गांव, छछरौली के चाउवाला, कनालसी व सलेमपुर बांगर गांव, साढौरा के इस्माइलपुर गांव में सेटेलाइट के माध्यम से खेतों में पराली जलती मिली। विभाग ने 2500 रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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फोटो: 29
फ्लैग मार्च निकालने को लिखा है: आत्मा राम
कृषि एंव किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक आत्मा राम गोदारा ने बताया कि अभी तक पराली जलाने के आठ केस सामने आ चुके हैं। अब प्रशासन ने पराली जलाने वालों पर सख्ती करने का निर्णय लिया है। इसके लिए गांवों फ्लैग मार्च निकाला जाएगा। साथ ही केस मिलने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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यमुनानगर। जिले में पराली जलाने के मामले कम से कम आए इसके लिए प्रशासन अब सख्ती करने जा रहा है। इसके लिए गांवों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला जाएगा। इतना ही नही यदि खेत में पराली जलते हुए मिली तो इस बार जुर्माना लगाने के बजाय थाने में एफआईआर दर्ज कराने को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से एसपी को पत्र लिखा गया है। जिसमें सभी गांवों में फ्लैग मार्च निकालने तथा पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है। खेतों में पराली जलाने के वर्ष 2022 में 155 केस मिले थे, जबकि वर्ष 2021 में 148 केस सामने आए थे। जबकि इस बार आठ केस अभी तक सामने आ चुके हैं। हालांकि सेटेलाइट ने 12 लोकेशन पर पराली जलते हुए चिह्नित की थी। इनमें से आठ लोकेशन को कृषि विभाग ट्रेस नहीं कर सका।
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जिला प्रशासन, कृषि एवं कल्याण विभाग के अलावा शिक्षा विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। जिनके माध्यम से किसानों से पराली न जलाने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद कुछ किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे, जबकि पराली जलने से पर्यावरण को तो नुकसान होता ही है, साथ में भूमि भी बंजर होती है। इसलिए ऐसे किसानों पर सख्ती करने का निर्णय प्रशासन ने लिया है।
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इन गांवों में जलती मिली पराली
सरस्वतीनगर के जागधाैली गांव, झाड़ चांदना, कुलचंदू, रादौर के सतगौली गांव, मोहड़ी गांव, छछरौली के चाउवाला, कनालसी व सलेमपुर बांगर गांव, साढौरा के इस्माइलपुर गांव में सेटेलाइट के माध्यम से खेतों में पराली जलती मिली। विभाग ने 2500 रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
फोटो: 29
फ्लैग मार्च निकालने को लिखा है: आत्मा राम
कृषि एंव किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक आत्मा राम गोदारा ने बताया कि अभी तक पराली जलाने के आठ केस सामने आ चुके हैं। अब प्रशासन ने पराली जलाने वालों पर सख्ती करने का निर्णय लिया है। इसके लिए गांवों फ्लैग मार्च निकाला जाएगा। साथ ही केस मिलने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।