{"_id":"ddda2583da7211eeacff048f376297dd","slug":"kapalmochan-mela-deevotes-insured","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपालमोचन मेले के श्रद्धालुओं का होगा बीमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कपालमोचन मेले के श्रद्धालुओं का होगा बीमा
यमुनानगर
Updated Wed, 13 Nov 2013 04:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपाल मोचन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का प्रशासन ने बीमा करवाया है। यदि मेले के दौरान हादसे में किसी भी श्रद्धालु की मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को एक लाख रुपये मिलेंगे।
जिला प्रशासन की ओर से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का बीमा किया गया है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में दुकान लगाने वालों को भी आग से नुकसान होने पर 30 हजार रुपये तक की राशि मिलेगी। कपाल मोचन मेले के इतिहास में इस तरह की व्यवस्था पहली बार की गई है।
इसके लिए जिला प्रशासन ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी से टाई अप किया है। श्रद्धालुओं का बीमा करने के लिए प्रीमियम राशि का भुगतान जिला प्रशासन करेगा। जबकि दुकानदारों को बीमा के दायरे में लाने के लिए उनसे करीब सौ रुपये प्रति दुकानदार लिए जाएंगे।
विज्ञापन
बीमे का क्लेम मेला क्षेत्र में ही लागू होगा। मेला क्षेत्र के बाहर किसी श्रद्धालु की मौत होने पर उसे बीमे का लाभ नहीं मिलेगा।
मेले में आते हैं लाखों श्रद्धालु
कपाल मोचन मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह मेला करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में लगता है। हर साल ही मेले में श्रद्धालुओं की मौत के मामले सामने आते हैं।
इनमें कुछ मेले में आने या जाने के दौरान सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं। वहीं मेला क्षेत्र में जहरखुरानी गिरोह के सक्रिय होने के कारण भी श्रद्धालु की मौतें हो चुकी हैं। इस गिरोह के सदस्य श्रद्धालुओं को नशीला पदार्थ खिलाकर उनका सामान लूट ले जाते हैं।
नशे की अधिक डोज होने के कारण कई बार श्रद्धालु की मौत भी हो चुकी है। पिछली बार एक युवक की ऋणमोचन सरोवर में डूबने से मौत हो गई थी। मेले के बाद मेला क्षेत्र में खेतों से मेले में श्रद्धालुओं के शव भी मिलते रहे हैं।
विज्ञापन
जिला प्रशासन की ओर से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का बीमा किया गया है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में दुकान लगाने वालों को भी आग से नुकसान होने पर 30 हजार रुपये तक की राशि मिलेगी। कपाल मोचन मेले के इतिहास में इस तरह की व्यवस्था पहली बार की गई है।
विज्ञापन
इसके लिए जिला प्रशासन ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी से टाई अप किया है। श्रद्धालुओं का बीमा करने के लिए प्रीमियम राशि का भुगतान जिला प्रशासन करेगा। जबकि दुकानदारों को बीमा के दायरे में लाने के लिए उनसे करीब सौ रुपये प्रति दुकानदार लिए जाएंगे।
विज्ञापन
बीमे का क्लेम मेला क्षेत्र में ही लागू होगा। मेला क्षेत्र के बाहर किसी श्रद्धालु की मौत होने पर उसे बीमे का लाभ नहीं मिलेगा।
मेले में आते हैं लाखों श्रद्धालु
कपाल मोचन मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह मेला करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में लगता है। हर साल ही मेले में श्रद्धालुओं की मौत के मामले सामने आते हैं।
इनमें कुछ मेले में आने या जाने के दौरान सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं। वहीं मेला क्षेत्र में जहरखुरानी गिरोह के सक्रिय होने के कारण भी श्रद्धालु की मौतें हो चुकी हैं। इस गिरोह के सदस्य श्रद्धालुओं को नशीला पदार्थ खिलाकर उनका सामान लूट ले जाते हैं।
नशे की अधिक डोज होने के कारण कई बार श्रद्धालु की मौत भी हो चुकी है। पिछली बार एक युवक की ऋणमोचन सरोवर में डूबने से मौत हो गई थी। मेले के बाद मेला क्षेत्र में खेतों से मेले में श्रद्धालुओं के शव भी मिलते रहे हैं।