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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू होगा कपालमोचन मेला
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 21 Nov 2015 12:20 AM IST
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प्रशासन दावा कर रहा है कि राज्यस्तरीय कपालमोचन मेले के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं लेकिन वास्तविकता इन दावों से कोसों दूर है। ऋण मोचन सरोवर में पानी कम भरा होने के कारण श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ी सबसे प्रमुख बात सरोवर में डुबकी लगाना शायद ही पूरी हो पाए।
सरोवर की सीढ़ियों के किनारे अभी तक पहली सीढ़ी तक भी पानी नहीं भर पाया है। महिला घाट में अब तक मात्र नौ से दस इंच ही पानी भर पाया है, इतने कम पानी में किस तरह से श्रद्धालु अपनी आस्था की डुबकी लगाकर अपनी मन्नत कैसे पूरी करेंगे। इसके साथ प्रशासनिक खंड की ओर सरोवर में पानी की मात्रा डेढ़ से दो फीट तक ही है।
गंदे पानी में डुबकी लगा कर कमाएंगे पुण्य
ऋण मोचन सरोवर में पानी की मात्रा कम होने के साथ काई व गंदगी का फैलाव भी बहुत अधिक है। सरोवर में सैन धर्मशाला की ओर स्थित महिला घाट में के समीप सरोवर में गंदगी व काई जमा है। ऐसे में श्रद्धालु गंदे पानी में स्नान करके अपने ऋणों से मुक्ति प्राप्त करेेंगे। संगरूर से आए हरजिंदर सिंह, हरजीत कौर, लुधियाना से आए राज सिंह, सिमरन जीत सिंह, परमजीत कौर ने बताया कि ऋण मोचन में गंदगी व काई को देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ।
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तीन किलोमीटर दूर चलना पड़ेगा पैदल
बिलासपुर शिव चौक से मेला परिसर तक पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि बिलासपुर से मेला परिसर की दूरी लगभग तीन किलोमीटर की है और इतनी दूरी तक अधिकतर श्रद्धालु पैदल चल कर ही मेला परिसर में पहुंचते हैं और इतने अधिक रास्ते में कहीं पर भी श्रद्धालुओं के लिए बैठने की, पीने के पानी की व शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है।
नहीं है पर्याप्त सुविधाएं
पंजाब के सुखजोत सिंह, हरनाम सिंह का कहना कि वे इस मेले में लगभग पंद्रह साल से आ रहे हैं, पहले प्रशासन की ओर से कपाल मोचन के रास्ते में अस्थायी शौचालय, पीने के पानी के लिए हैंडपंप व टूंटियां व बैठने के लिए अस्थायी सीटें लगाई जाती थीं लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है। मेला कपाल मोचन में साधु प्रवेश व शाही स्नान 22 नवंबर को किया जाएगा।
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सरोवर की सीढ़ियों के किनारे अभी तक पहली सीढ़ी तक भी पानी नहीं भर पाया है। महिला घाट में अब तक मात्र नौ से दस इंच ही पानी भर पाया है, इतने कम पानी में किस तरह से श्रद्धालु अपनी आस्था की डुबकी लगाकर अपनी मन्नत कैसे पूरी करेंगे। इसके साथ प्रशासनिक खंड की ओर सरोवर में पानी की मात्रा डेढ़ से दो फीट तक ही है।
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गंदे पानी में डुबकी लगा कर कमाएंगे पुण्य
ऋण मोचन सरोवर में पानी की मात्रा कम होने के साथ काई व गंदगी का फैलाव भी बहुत अधिक है। सरोवर में सैन धर्मशाला की ओर स्थित महिला घाट में के समीप सरोवर में गंदगी व काई जमा है। ऐसे में श्रद्धालु गंदे पानी में स्नान करके अपने ऋणों से मुक्ति प्राप्त करेेंगे। संगरूर से आए हरजिंदर सिंह, हरजीत कौर, लुधियाना से आए राज सिंह, सिमरन जीत सिंह, परमजीत कौर ने बताया कि ऋण मोचन में गंदगी व काई को देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ।
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तीन किलोमीटर दूर चलना पड़ेगा पैदल
बिलासपुर शिव चौक से मेला परिसर तक पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि बिलासपुर से मेला परिसर की दूरी लगभग तीन किलोमीटर की है और इतनी दूरी तक अधिकतर श्रद्धालु पैदल चल कर ही मेला परिसर में पहुंचते हैं और इतने अधिक रास्ते में कहीं पर भी श्रद्धालुओं के लिए बैठने की, पीने के पानी की व शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है।
नहीं है पर्याप्त सुविधाएं
पंजाब के सुखजोत सिंह, हरनाम सिंह का कहना कि वे इस मेले में लगभग पंद्रह साल से आ रहे हैं, पहले प्रशासन की ओर से कपाल मोचन के रास्ते में अस्थायी शौचालय, पीने के पानी के लिए हैंडपंप व टूंटियां व बैठने के लिए अस्थायी सीटें लगाई जाती थीं लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है। मेला कपाल मोचन में साधु प्रवेश व शाही स्नान 22 नवंबर को किया जाएगा।