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Yamuna Nagar News: श्रद्धा और उल्लास से मनाई जन्माष्टमी
Sat, 05 Sep 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:56 AM IST
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में जन्माष्टमी पर्व पर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़। संस्थान
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम हनुमान गेट जगाधरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम सायं तीन से पांच बजे तक आयोजित हुआ। श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों से प्रेरणा ली।
कार्यक्रम में सत्संग, आध्यात्मिक प्रवचन और भजनों की प्रस्तुति हुई। बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और मानवता के संदेशों पर आधारित नाटक एवं नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। साध्वी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव मात्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। विपरीत परिस्थितियों में भी कर्तव्यों का पालन करते हुए सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना ही श्रीकृष्ण की शिक्षाओं का सार है। निष्काम भाव से कर्म करने और परमात्मा के प्रति समर्पित रहने से जीवन में शांति और संतुलन प्राप्त किया जा सकता है।
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जगाधरी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम हनुमान गेट जगाधरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम सायं तीन से पांच बजे तक आयोजित हुआ। श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों से प्रेरणा ली।
कार्यक्रम में सत्संग, आध्यात्मिक प्रवचन और भजनों की प्रस्तुति हुई। बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और मानवता के संदेशों पर आधारित नाटक एवं नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। साध्वी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव मात्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। विपरीत परिस्थितियों में भी कर्तव्यों का पालन करते हुए सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना ही श्रीकृष्ण की शिक्षाओं का सार है। निष्काम भाव से कर्म करने और परमात्मा के प्रति समर्पित रहने से जीवन में शांति और संतुलन प्राप्त किया जा सकता है।

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में जन्माष्टमी पर्व पर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़। संस्थान

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में जन्माष्टमी पर्व पर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़। संस्थान
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