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जगाधरी का बर्तन बाजार : 10 घंटे में बिक गए पांच करोड़ के बर्तन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 04:29 AM IST
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Jagadhri utensils market: utensils worth five crores sold in 10 hours
जगाधरी। श्री कपालमोचन से घर वापसी करते हुए विभिन्न राज्यों के लगभग 30 हजार श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को जगाधरी में रुक कर बर्तन खरीदे। इसके लिए जगाधरी की 200 स्थायी व सैंकड़ों अस्थायी दुकानोें पर सुबह सात बजे से श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी, जो देर शाम तक जारी रही। कारोबारियों की मानें तो शाम पांच बजे तक 10 घंटे में करीब पांच करोड़ रुपये के बर्तनों की बिक्री हो गई।
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उल्लेखनीय है कि कपालमोचन मेले से बहुत पुरानी परंपरा जुड़ी है कि मेले में आए श्रद्धालु आखिरी दिन घर वापसी के समय जगाधरी के बर्तन बाजार से मेले की निशानी के तौर पर बर्तन जरूर खरीदते हैं। इसी के चलते 11 नवंबर से जगाधरी में यह बर्तन बाजार लगा हुआ है। बिलासपुर में कपालमोचन मेले से लाैटते वक्त विशेष रूप से श्रद्धालु बसों, ट्रकों व अन्य वाहनों के जरिये जगाधरी के बर्तन बाजार में पहुंचे और बर्तनों की जमकर खरीदारी की। इस दाैरान जगाधरी में खासी राैनक देखने लायक थी।
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उधर पांच दिन तक चले इस मेले में आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बर्तन व्यापारियों के अनुसार इनमें से यदि दो लाख श्रद्धालुओं ने भी औसतन 300 से 400 रुपये के भी बर्तन खरीदे होंगे तो बर्तन बाजार में अभी तक कुल कारोबार छह से आठ करोड़ के आसपास हो चुका है। मेले के पहले दो दिन मेला क्षेत्र में लगी दुकानों में बर्तनों की खरीद कम रही पर आखिरी तीन दिनों में बर्तन बाजार में जबरदस्त ग्राहक उमड़ा।
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श्रद्धालु बोले- पूर्वजों से सुनी परंपरा को वर्षों से निभा रहे

स्वर्णजीत व बिंदर कौर ने बताया कि मेले से घर वापसी के समय जगाधरी में रुक कर यहां बने बर्तनों की मेले की निशानी की तौर पर खरीदने की परंपरा है। इस बारे में पूर्वजों से भी सुना है। इसलिए परिवार के लोग वर्षों से यह परंपरा निभा रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि मेले से बर्तन खरीद कर ले जाने से वापस घर ले जाने से परिवार में बरकत होती है।





मेले का रहता है बेसब्री से इंतजार

उद्योगपति कृपाल सिंह ने बताया कि हर साल धनतेरस दिवाली की तरह कपाल मोचन मेले का इंतजार रहता है, क्योंकि इसमें आने वाले खासकर पंजाब के श्रद्धालु बर्तन जरूरत खरीद ले जाते हैं। इस बार भी उन्होंने ऐसा किया, जिससे व्यापारियों के लिए दिवाली की बर्तन बिक्री की रही कसर पूरी हुई।
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