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Yamuna Nagar News: पीएम समृद्धि केंद्रों का किया निरीक्षण
Sat, 11 Apr 2026 03:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:28 AM IST
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किसान केंद्रों का निरीक्षण करने के दौरान खाद के कट्टों की गिनती करते अधिकारी। स्वयं
यमुनानगर। भारत सरकार के मुख्य नियंत्रक लेखा कार्यालय की एक टीम ने शुक्रवार को जिले का दौरा कर प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। यह दौरा आंतरिक लेखा परीक्षा कार्यक्रम के तहत किया गया।
टीम का नेतृत्व मुख्य नियंत्रक लेखा संतोष कुमार ने किया। उनके साथ हरियाणा के राज्य डीबीटी समन्वयक राजेश कुमार तथा आंतरिक लेखा प्रकोष्ठ नई दिल्ली के कंसल्टेंट साइबल साहा भी शामिल रहे।
टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किसान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुल 12 रिटेलर, थोक विक्रेता, सहकारी समितियों और कंपनी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का दौरा किया गया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से पॉइंट ऑफ सेल मशीनों, स्कैनर व अन्य आईटी उपकरणों की स्थापना, संचालन और रख-रखाव की स्थिति की जांच की। साथ ही इन उपकरणों के लिए दिए गए प्रोत्साहन की लेखा जांच भी की गई। टीम ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन किया और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। संवाद
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टीम का नेतृत्व मुख्य नियंत्रक लेखा संतोष कुमार ने किया। उनके साथ हरियाणा के राज्य डीबीटी समन्वयक राजेश कुमार तथा आंतरिक लेखा प्रकोष्ठ नई दिल्ली के कंसल्टेंट साइबल साहा भी शामिल रहे।
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टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किसान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुल 12 रिटेलर, थोक विक्रेता, सहकारी समितियों और कंपनी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का दौरा किया गया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से पॉइंट ऑफ सेल मशीनों, स्कैनर व अन्य आईटी उपकरणों की स्थापना, संचालन और रख-रखाव की स्थिति की जांच की। साथ ही इन उपकरणों के लिए दिए गए प्रोत्साहन की लेखा जांच भी की गई। टीम ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन किया और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। संवाद
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