{"_id":"68001e57469ef4d61901c390","slug":"injured-by-stabbing-in-the-back-with-a-needle-two-named-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1019-136287-2025-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: पीठ में सुआ घोंप किया घायल, दो नामजद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: पीठ में सुआ घोंप किया घायल, दो नामजद
Thu, 17 Apr 2025 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 17 Apr 2025 02:47 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। रंजिशन कुछ युवकों ने जोमेटो कंपनी में कार्य करने वाले हरनौली निवासी इशु की पीठ में सुंआ घोंपकर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले में दो युवकों को नामजद करते हुए कई अन्य युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरनौली गांव निवासी इशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जोमेटो कंपनी में काम करता है। इसके अलावा वह हारट्रोन से कंप्यूटर कोर्स भी कर रहा है। सात अप्रैल की शाम को वह अपने भाई सौरभ व सागर के साथ अपने घर के बाहर खड़ा था।
तभी उनके गांव के अभिषेक, अफरोज अपने तीन-चार साथियों के साथ उनके पास आए और आरोपियों ने बिना बात के उनसे गाली गलौज करनी शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उनसे मारपीट की। इस पर उसके पिता मामचंद ने आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी।
विज्ञापन
आठ अप्रैल को दोनों पक्षों का पंचायती तौर पर समझौता हो गया था। इसके बाद 10 अप्रैल को वह अपने दोस्त मनजीत, गौरव आबीद के साथ बाइकों पर शाहपुर से घर लौट रहे थे। संवाद
विज्ञापन
हरनौली गांव निवासी इशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जोमेटो कंपनी में काम करता है। इसके अलावा वह हारट्रोन से कंप्यूटर कोर्स भी कर रहा है। सात अप्रैल की शाम को वह अपने भाई सौरभ व सागर के साथ अपने घर के बाहर खड़ा था।
विज्ञापन
तभी उनके गांव के अभिषेक, अफरोज अपने तीन-चार साथियों के साथ उनके पास आए और आरोपियों ने बिना बात के उनसे गाली गलौज करनी शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उनसे मारपीट की। इस पर उसके पिता मामचंद ने आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी।
विज्ञापन
आठ अप्रैल को दोनों पक्षों का पंचायती तौर पर समझौता हो गया था। इसके बाद 10 अप्रैल को वह अपने दोस्त मनजीत, गौरव आबीद के साथ बाइकों पर शाहपुर से घर लौट रहे थे। संवाद