फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Incomplete drainage works, questions will be raised in the house tomorrow

Yamuna Nagar News: अधूरे पड़े जलनिकासी के काम, कल सदन में उठेंगे सवाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 May 2023 12:33 AM IST
विज्ञापन
Incomplete drainage works, questions will be raised in the house tomorrow
मानसून सिर पर है और शहर के नालों की सफाई से लेकर पानी निकासी के काम अधूरे हैं। बावजूद इसके नगर निगम सदन की एक जून (कल) को प्रस्तावित बैठक के एजेंडे में पानी निकासी का मुद्दा प्राथमिकता में नहीं है। इस पर विपक्षी पार्षद सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि उनके प्रस्ताव लिए बिना एजेंडा तैयार किया गया। इस कारण उनके वार्डों के पानी निकासी सहित अन्य काम एजेंडे में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन के मद्देनजर पानी निकासी के अधूरे कामों पर निगम अफसरों को सवालों से घेरेंगे।
विज्ञापन

बता दें कि कल की सदन बैठक के एजेंडे में पानी निकासी से संबंधित तीन ही प्रस्ताव हैं, वह भी एक जगह नाले व दूसरी जगह नालियों में पाइप डाल कवर करने और टूटी पुलिया व नाले को ठीक करने के हैं। ये देख विपक्षी पार्षदों में वार्ड-4 से देवेंद्र सिंह, पांच से विनय कांबोज, सात से रामआसरा भारद्वाज, आठ से विनोद मरवाह, 13 से निर्मल चौहान एजेंडे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि मानसून करीब है, इसलिए एजेंडे में पानी निकासी संबंधित प्रस्ताव आने चाहिए थे पर ज्यादातर पार्षदों से प्रस्ताव लिए बिना ही एजेंडा तैयार कर लिया गया। इसलिए एजेंडे से पानी निकासी के प्रस्ताव नदारद हैं। जबकि अभी तक न निगम के नालों की और न पब्लिक हेल्थ की सीवरेज लाइनों की सफाई हुई है। यही नहीं नगर निगम के छोटी स्टॉर्म ड्रेन सहित नाले-नालियों के निर्माण कार्य भी अधूरे हैं। इसका खामियाजा शहर के लोगों को मानसून की बरसात में जलभराव के रूप में भुगतना पड़ेगा, जिनकी परेशानी को देखते हुए कल की सदन बैठक में भले प्रस्ताव नहीं है पर पानी निकासी का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे।
विज्ञापन


कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन शहर की सबसे बड़ी जल निकासी परियोजना है, जिसका काम नगर निगम ने अमृत (अटल मिशन फॉर रेजूवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) में वर्ष-2019 में लगा दिया था, पर चार साल बाद भी चांदपुर समीप 280 मीटर (70 मीटर रेलवे व 210 मीटर निजी जमीन) हिस्से में ड्रेन नहीं बन पाई है। इसमें निजी जमीन पर ड्रेन डालना अफसरों के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि लोगों ने (निजी जमीन मालिक) जमीन देने से इंकार कर दिया है, जबकि नगर निगम की ओर से 280 मीटर हिस्से को छोड़ दोनों ओर करीब 4200 मीटर ड्रेन डालने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में एनएच-73 पर डायवर्ट कर एसटीपी तक ले जाना है। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 15 अगस्त 2019 में पूरा करने का लक्ष्य था पर अब तक यह पूरा नहीं हुआ। जबकि जगाधरी बस स्टैंड से कन्हैया साहिब चौक तक अन्य ड्रेन तैयार हो गई। पार्षदों की मानें तो उनके वार्डों में नालों व सीवरेज लाइनों की सफाई से लेकर ड्रेन व नाले-नालियों के निर्माण कार्य भी अधूरे पड़े हैं, जो मानसून की बरसात में बड़ी मुसीबत साबित होंगे।

मानसून से पहले नालों की सफाई से लेकर पानी निकासी के अन्य कार्य पूरे करने का प्रयास है, जिससे शहर में कहीं भी लोगों को जलभराव की दिक्कत ना झेलनी पड़े।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed