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Yamuna Nagar News: रामलीला में श्रीराम ने तोड़ा शिव का धनुष
Sun, 11 Oct 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 11 Oct 2026 12:28 AM IST
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नाचरौन में चल रही रामलीला में अभिनय करते कलाकार। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। ग्रामीण रामा ड्रामेटिक क्लब नाचरौन की ओर से आयोजित रामलीला में शुक्रवार की रात सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ने और इसके बाद महर्षि परशुराम व लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का मंचन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
रामलीला में दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला नगरी पहुंचते हैं। राजा जनक ने राजकुमारी सीता के स्वयंवर के लिए शिव धनुष रखा था। शर्त थी कि जो वीर धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में पहुंचे राजा-महाराजा धनुष हिला तक नहीं सके।
महर्षि विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम उठते हैं और शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट जाता है और सभा जयकारों से गूंज उठती है। धनुष टूटने की आवाज सुनकर महर्षि परशुराम क्रोधित होकर सभा में पहुंचते हैं। यहां लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखी नोकझोंक होती है। बाद में श्रीराम विनम्रता से परशुराम से क्षमा याचना करते हैं। श्रीराम को पहचानने के बाद परशुराम शांत होकर चले जाते हैं।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि जिला परिषद के उपाध्यक्ष अग्नि विजय रामलीला का शुभारंभ ने किया। इस अवसर पर क्लब के प्रधान डॉ. लाभ सिंह नाचरौन, चंद्रपाल कोच, सेठपाल शर्मा, राज शर्मा, मुकेश जेलदार, राहुल पुंडीर, धर्मबीर, सोमनाथ, पवन सिंह, गोविंद, संदीप, प्रदीप राणा और चंद्रपाल कश्यप सहित अन्य मौजूद रहे।
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रादौर। ग्रामीण रामा ड्रामेटिक क्लब नाचरौन की ओर से आयोजित रामलीला में शुक्रवार की रात सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ने और इसके बाद महर्षि परशुराम व लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का मंचन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
रामलीला में दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला नगरी पहुंचते हैं। राजा जनक ने राजकुमारी सीता के स्वयंवर के लिए शिव धनुष रखा था। शर्त थी कि जो वीर धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में पहुंचे राजा-महाराजा धनुष हिला तक नहीं सके।
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महर्षि विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम उठते हैं और शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट जाता है और सभा जयकारों से गूंज उठती है। धनुष टूटने की आवाज सुनकर महर्षि परशुराम क्रोधित होकर सभा में पहुंचते हैं। यहां लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखी नोकझोंक होती है। बाद में श्रीराम विनम्रता से परशुराम से क्षमा याचना करते हैं। श्रीराम को पहचानने के बाद परशुराम शांत होकर चले जाते हैं।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि जिला परिषद के उपाध्यक्ष अग्नि विजय रामलीला का शुभारंभ ने किया। इस अवसर पर क्लब के प्रधान डॉ. लाभ सिंह नाचरौन, चंद्रपाल कोच, सेठपाल शर्मा, राज शर्मा, मुकेश जेलदार, राहुल पुंडीर, धर्मबीर, सोमनाथ, पवन सिंह, गोविंद, संदीप, प्रदीप राणा और चंद्रपाल कश्यप सहित अन्य मौजूद रहे।