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सचिवालय पहुंचे किसानों को नहीं मिले डीसी तो हाईवे किया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 02:06 AM IST
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If the farmers did not get the DC who reached the secretariat, the highway was jammed
If the farmers did not get the DC who reached the secretariat, the highway was jammed - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। बंगलूरू में किसान नेता राकेश टिकैत पर स्याही फेंकने व सरावां में मीट फैक्टरी खोेले जाने के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा सदस्यों ने लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने डीसी को ज्ञापन देने की मांग रखी। डीसी नहीं पहुंचे तो किसान वहीं धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद किसान नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे-73 पर आ गए। उन्होंने हाईवे पर जाम लगा दिया। कुछ देर बाद ही डीसी ने किसानों के बीच पहुंच कर उनकी बात को सुना। तब जाकर किसान शांत हुए।
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किसानों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर राकेश टिकैत पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। किसानों ने साढौरा के गांव सरावां में बनाई जा रही मीट फैक्टरी का लाइसेंस रद्द करने की भी मांग उठाई। डीसी ने किसानों को उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिला प्रधान संजू गुंदियाना और टिकैत गुट के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर, किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष अधिवक्ता धर्मपाल व अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष जरनैल सिंह सांगवान ने किया।
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प्रचंड गर्मी के बाद भी हाईवे पर डटे रहे किसान
भाकियू के दोनों गुटों के नेता व किसान जगाधरी अनाज मंडी पर जुटे थे। पहले तो किसानों ने यहां धरना देकर सरकार को कोसा। उसके बाद नारेबाजी भी की। काफी देर तक धरना देने के बाद किसान लघु सचिवालय की तरफ चले। लेकिन यहां डीसी न मिलने के बाद आक्रोशित हो उठे और सड़क पर धरना देकर जाम लगा दिया। हालांकि इस दौरान काफी प्रचंड गर्मी भी पड़ रही थी, किसान हाइवे के बीच में ही डटे रहे। बाद में डीसी किसानों के बीच पहुंचे और उनकी बात को सुना तब वे शांत हुए और जाम को खोला।
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सरावां की फैक्टरी की जाए बंद
भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना व सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसान नेता राकेश टिकैत पर स्याही फेंकने के मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि कांजनू में मीट फैक्टरी लगाई जा रही थी। कड़े विरोध के बाद इसे बंद कर दिया गया, लेकिन अब वही कंपनी सरावां में फैक्टरी खोल रही है। जब कांजनू में फैक्टरी बंद कर दी गई, तो सरावां के लिए अनुमति किस प्रकार दी गई। फैक्टरी स्कूल के पास बनाई जा रही है, जो नियमों के खिलाफ है। इसका लाइसेंस रद्द किया जाए।
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