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Yamuna Nagar News: बिना शिक्षक कैसे पास करेंगे शैक्षणिक मूल्यांकन परीक्षा

Fri, 13 Sep 2024 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 13 Sep 2024 02:51 AM IST
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How to pass the educational assessment exam without a teacher
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। शिक्षा विभाग की ओर से सितंबर के अंतिम दिनों में सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक मूल्यांकन परीक्षा (सैट) के टेस्ट लिए जाने थे। स्कूलों में टेस्ट करवाने के लिए अधिकारी तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों की तैयारी नहीं हो पा रही है। चूंकि सरकारी स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है।
परीक्षा के दिनों में पढ़ाने के बजाए शिक्षक घर-घर, गांव-गांव जाकर चुनावी काम कर रहे हैं। जिले के स्कूलों में पहले ही शिक्षकों का टोटा है। कई स्कूलों में एक ही टीचर है। कई स्कूल शिक्षक विहीन भी हैं। जिससे स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में परीक्षा विद्यार्थियों व अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
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जिले में शिक्षकों का टोटा विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों के साथ अधिकारियों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है। हालांकि पंचकूला से 87 जेबीटी आए थे, लेकिन इसके बाद भी जिले के सभी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पाई है। जिले में पहली से 12वीं तक कुल 918 स्कूल हैं, जिसमें 101245 विद्यार्थी हैं।
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शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्थिति ज्यादा खराब है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के कारण कई बार हंगामा भी हुआ है। कई गांवों में शिक्षक न होने से लोगों ने स्कूलों पर ताला तक लगा दिया था। बावजूद इसके अभी तक इन स्कूलों में शिक्षकों की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
अभिभावक राजेश कुमार, रवि कुमार, ललित, प्रदीप, मदन, संदीप, रशमी, महिमा, काजल ने कहा कि सत्र की शुरुआत में शिक्षक घर तक आए थे कि बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला करवाएं। जहां उन्हें निजी स्कूल की तरह सुविधा व बेहरतीन शिक्षा मिलेगी। दाखिला करवाने के बाद वास्तविक स्थिति का पता चला। जिले में करीब तीन दर्जन स्कूलों में शिक्षक ही नहीं है। जबकि बहुत स्कूल ऐसे हैं, जहां एक ही शिक्षक है। बच्चों को पढ़ाने के लिए ट्यूशन भेजा पड़ रहा है। जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

हर स्कूल बूथ, हर शिक्षक बीएलओ

जिले में कुल 592 प्राथमिक और 215 माध्यमिक स्कूल हैं। वहीं 111 उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। हर स्कूल में बूथ बनाए गए हैं। एक स्कूल में जितने बूथ हैं, उतने ही बीएलओ लगाए हैं। इसके अलावा शेष शिक्षकों काचुनावी प्रशिक्षण चल रहा है। प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में कुल 1690 शिक्षकों की आवश्यकता है। पंचकूला से 87 शिक्षक आने के बाद इन स्कूलों में शिक्षकों की कुल संख्या 1310 हो गई है। 380 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। 1310 में से 900 से ज्यादा शिक्षक बीएलओ की ड्यूटी दे रहे हैं, जबकि अन्य चुनाव की ट्रेनिंग में व्यस्त चल रहे हैं। जिले के प्राथमिक स्कूलों में कुल 41350 और माध्यमिक मेंं कुल 29106 विद्यार्थी हैं। जिले के 35 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं हैं और करीब 100 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक ही शिक्षक है।


स्कूलों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं और हर केंद्र पर एक बीएलओ नियुक्त है। जिसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। 900 से ज्यादा शिक्षक बीएलओ और अन्य चुनाव ट्रेनिंग में लगे हैं। ऐसे में तमाम स्कूलों में कलस्टर व खंड स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था की जा रही है। चुनावी ड्यूटी शिक्षकों की अलग-अलग समय पर है। शेड्यूल के अनुसार व्यवस्था की जा रही है। - धर्मवीर चौधरी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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