{"_id":"67269f4d76f18a2097014294","slug":"health-hazard-due-to-explosion-of-firecrackers-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-127804-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: पटाखों के धमाकों से सेहत पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: पटाखों के धमाकों से सेहत पर संकट
Sun, 03 Nov 2024 03:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 03 Nov 2024 03:23 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। असमंजस की स्थिति में लोगों ने वीरवार और शुक्रवार को दिवाली मनाई। इस पर लगातार दूसरी रात जमकर पटाखे चलाए गए और आतिशबाजी हुई। इससे जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार दो दिन से सामान्य से पांच-छह गुना अधिक पर बरकरार है। वीरवार रात 12 बजे 239 तक रहा एक्यूआई शुक्रवार सुबह 10 बजे 284 और रात 12 बजे 294 हो गया, वहीं शनिवार सुबह 10 बजे यह 240 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ।
इस तरह बढ़े वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। सांस लेने की परेशानी के साथ कई लोगों को आंखों में जलन की समस्या हो रही है। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ गई है।चिकित्सक लोगों को मास्क व चश्मे इस्तेमाल करने से लेकर अन्य एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि एक्यूआई 50 तक सामान्य माना जाता है। इसके आगे 50 से 100 मध्यम, 100 से 150 संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर, 150 से 200 सभी के लिए अस्वास्थ्यकर और 200 से 300 बहुत ही अस्वास्थ्यकर माना गया है। 12 अक्तूबर को दशहरा के बाद से ही जिले का एक्यूआई 100 से अधिक यानी येलो (100 से 200) व ऑरेंज जोन (200 से 300) में है।
विज्ञापन
इसमें सबसे अधिक एक्यूआई शुक्रवार रात 12 बजे 294 दर्ज हुआ। हालांकि हवाएं चलने से एक्यूआई साथ-साथ कम भी हो रहा है, जो शनिवार सुबह दस बजे 240 और शाम चार बजे 140 तक आ गया। लेकिन विशेषज्ञ एवं चिकित्सक अभी भी बढ़े वायु प्रदूषण के स्तर में सेहत के प्रति सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गर्ग ने बताया कि सौ से अधिक एक्यूआई सेहत के लिए नुकसानदायक है। इसमें खासकर आंखों और श्वास की परेशानियां होती हैं। वायु प्रदूषण से अधिक समय तक रहने से बचना चाहिए। कुछ समय सैर से परहेज करें। घर से बाहर निकलते समय चश्मे का इस्तेमाल करें। साथ ही आंखें पानी से धोएं। इसके अलावा श्वास संबंधी परेशानी न हो, इसलिए हो सके तो घर से बाहर निकलते हुए मास्क लगाएं। विशेषकर दमा व श्वास रोगियों को ध्यान रखने की जरूरत हैं।
गत पांच दिनों में इस तरह बढ़ा एक्यूआई
28 अक्तूबर - 203
29 अक्तूबर - 193
30 अक्तूबर - 226
31 अक्तूबर - 239
एक नवंबर - 284
पांच घंटे में 10 जगह लगी आग
शुक्रवार रात आठ बजे से देर रात एक बजे तक पांच घंटे में 10 जगह आग लगने की घटनाएं हुईं। बड़ी घटना रादौर में 12.16 बजे हुई, जहां घर में लगी आग पर दो दमकल गाड़ियां से काबू पाया गया। अग्निकांड से घर में बिजली वायरिंग, फर्नीचर, एलईडी पर्दे व अन्य सामान जल गए। पौने आठ बजे प्रोफेसर कॉलोनी के खाली प्लॉट, 8.35 बजे गाबा अस्पताल के पास कार में, 11.20 बजे तेजली स्टेडियम समीप खाली प्लॉट सहित जगाधरी व रादौर में आग की छह छुटपुट घटनाएं हुईं।
विज्ञापन
यमुनानगर। असमंजस की स्थिति में लोगों ने वीरवार और शुक्रवार को दिवाली मनाई। इस पर लगातार दूसरी रात जमकर पटाखे चलाए गए और आतिशबाजी हुई। इससे जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार दो दिन से सामान्य से पांच-छह गुना अधिक पर बरकरार है। वीरवार रात 12 बजे 239 तक रहा एक्यूआई शुक्रवार सुबह 10 बजे 284 और रात 12 बजे 294 हो गया, वहीं शनिवार सुबह 10 बजे यह 240 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ।
इस तरह बढ़े वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। सांस लेने की परेशानी के साथ कई लोगों को आंखों में जलन की समस्या हो रही है। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ गई है।चिकित्सक लोगों को मास्क व चश्मे इस्तेमाल करने से लेकर अन्य एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि एक्यूआई 50 तक सामान्य माना जाता है। इसके आगे 50 से 100 मध्यम, 100 से 150 संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर, 150 से 200 सभी के लिए अस्वास्थ्यकर और 200 से 300 बहुत ही अस्वास्थ्यकर माना गया है। 12 अक्तूबर को दशहरा के बाद से ही जिले का एक्यूआई 100 से अधिक यानी येलो (100 से 200) व ऑरेंज जोन (200 से 300) में है।
विज्ञापन
इसमें सबसे अधिक एक्यूआई शुक्रवार रात 12 बजे 294 दर्ज हुआ। हालांकि हवाएं चलने से एक्यूआई साथ-साथ कम भी हो रहा है, जो शनिवार सुबह दस बजे 240 और शाम चार बजे 140 तक आ गया। लेकिन विशेषज्ञ एवं चिकित्सक अभी भी बढ़े वायु प्रदूषण के स्तर में सेहत के प्रति सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गर्ग ने बताया कि सौ से अधिक एक्यूआई सेहत के लिए नुकसानदायक है। इसमें खासकर आंखों और श्वास की परेशानियां होती हैं। वायु प्रदूषण से अधिक समय तक रहने से बचना चाहिए। कुछ समय सैर से परहेज करें। घर से बाहर निकलते समय चश्मे का इस्तेमाल करें। साथ ही आंखें पानी से धोएं। इसके अलावा श्वास संबंधी परेशानी न हो, इसलिए हो सके तो घर से बाहर निकलते हुए मास्क लगाएं। विशेषकर दमा व श्वास रोगियों को ध्यान रखने की जरूरत हैं।
गत पांच दिनों में इस तरह बढ़ा एक्यूआई
28 अक्तूबर - 203
29 अक्तूबर - 193
30 अक्तूबर - 226
31 अक्तूबर - 239
एक नवंबर - 284
पांच घंटे में 10 जगह लगी आग
शुक्रवार रात आठ बजे से देर रात एक बजे तक पांच घंटे में 10 जगह आग लगने की घटनाएं हुईं। बड़ी घटना रादौर में 12.16 बजे हुई, जहां घर में लगी आग पर दो दमकल गाड़ियां से काबू पाया गया। अग्निकांड से घर में बिजली वायरिंग, फर्नीचर, एलईडी पर्दे व अन्य सामान जल गए। पौने आठ बजे प्रोफेसर कॉलोनी के खाली प्लॉट, 8.35 बजे गाबा अस्पताल के पास कार में, 11.20 बजे तेजली स्टेडियम समीप खाली प्लॉट सहित जगाधरी व रादौर में आग की छह छुटपुट घटनाएं हुईं।