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पुराना हमीदा में डेंगू से महिला की मौत
यमुनानगर
Updated Thu, 07 Nov 2013 12:36 AM IST
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जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पुराना
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हमीदा में एक महिला की डेंगू से मौत हो गई। महिला चंडीगढ़ सेक्टर-32 के
जीएमसीएच में तीन दिन से भर्ती थी।
मृतक महिला गीता के पति राजू ने बताया कि उनकी पत्नी को करीब एक सप्ताह से बुखार था। पहले उसका शहर के ही निजी अस्पताल में उपचार चलता रहा, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने जब खून का टेस्ट किया तो उसमें डेंगू के लक्षण मिले। राजू ने बताया कि डॉक्टर ने तीन दिन पहले चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहां पर तीन दिन भर्ती रहने के बाद मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
तीस हजार से कम हो गए थे प्लेटलेट्स
महिला के पति ने बताया कि जब यहां पर निजी लेबोरेट्री में प्लेटलेट्स की जांच कराई गई, तो तीस हजार से भी कम प्लेटलेट्स रह गए थे। उसका कहना है कि प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद भी उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में ब्लीडिंग होनी शुरू हो गई थी। राजू का कहना है कि डाक्टर ब्लीडिंग नहीं रोक पाए जिससे उसकी मौत हो गई।
शुरू में नहीं मिल पाया सही उपचार
महिला कई दिनों से बीमार थी, उसे समय पर सही उपचार नहीं मिल पाया। महिला की मौत पर ये ही सामने आया है। क्योंकि परिवार के सदस्य पहले उसका निजी अस्पतालों में ट्रीटमेंट कराते रहे, लेकिन जब हालात बिगड़ी तो डॉक्टर ने जवाब दे दिया और उसे रेफर कर दिया।
मृतक महिला गीता के पति राजू ने बताया कि उनकी पत्नी को करीब एक सप्ताह से बुखार था। पहले उसका शहर के ही निजी अस्पताल में उपचार चलता रहा, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने जब खून का टेस्ट किया तो उसमें डेंगू के लक्षण मिले। राजू ने बताया कि डॉक्टर ने तीन दिन पहले चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहां पर तीन दिन भर्ती रहने के बाद मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
तीस हजार से कम हो गए थे प्लेटलेट्स
महिला के पति ने बताया कि जब यहां पर निजी लेबोरेट्री में प्लेटलेट्स की जांच कराई गई, तो तीस हजार से भी कम प्लेटलेट्स रह गए थे। उसका कहना है कि प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद भी उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में ब्लीडिंग होनी शुरू हो गई थी। राजू का कहना है कि डाक्टर ब्लीडिंग नहीं रोक पाए जिससे उसकी मौत हो गई।
शुरू में नहीं मिल पाया सही उपचार
महिला कई दिनों से बीमार थी, उसे समय पर सही उपचार नहीं मिल पाया। महिला की मौत पर ये ही सामने आया है। क्योंकि परिवार के सदस्य पहले उसका निजी अस्पतालों में ट्रीटमेंट कराते रहे, लेकिन जब हालात बिगड़ी तो डॉक्टर ने जवाब दे दिया और उसे रेफर कर दिया।