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Yamuna Nagar News: गैंगस्टरों का बढ़ता खौफ, शराब कारोबारियों ने ठेकों की नीलामी से फिर बनाई दूरी
Sat, 21 Jun 2025 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 21 Jun 2025 06:02 AM IST
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यमुनानगर। शराब के ठेकों की नीलामी करने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार को एक बार फिर दांव लगाया। यह दांव चला नही। वही हुआ जिसका कयास पहले से लगाया जा रहा था। शराब ठेकों की नीलामी शुक्रवार को भी नहीं हो पाई। शराब कारोबारियों ने नीलामी से दूरी बनाए रखी। एक भी ठेकेदार ने नीलामी के लिए ऑनलाइन बिड जमा नहीं की। बार-बार नीलामी नहीं होने से साफ है कि शराब कारोबारियों के मन से अभी तक गैंगस्टरों का खौफ कम नहीं हुआ है। कुरुक्षेत्र के शाहबाद में शराब कारोबारी शांतनु की हत्या किए जाने के बाद से तो डर पहले से ज्यादा बढ़ गया है। यदि नीलामी नहीं हुई तो सीधे तौर पर 403 करोड़ रुपये का फटका सरकारी खजाने को लगता दिख रहा है।
जिले में अभी तक शराब के 55 जोन में से केवल 10 जोन ही बिक चुके हैं। माना जा रहा था कि पहले राउंड में यदि सभी ठेकों की नीलामी नहीं होती तो सरकार शराब ठेकों के रिजर्व प्राइस में कटौती करेगी। अधिकारियों की तरफ से यह कहा भी गया कि जिन ठेकों का रिजर्व प्राइस पांच करोड़ रुपये तक होगा उनमें पांच प्रतिशत और इससे अधिक कीमत वाले ठेकों में तीन प्रतिशत की कटौती की जाएगी।बाद में सरकार ने रिजर्व प्राइस में कटौती करने का निर्णय वापस ले लिया। गैंगस्टरों द्वारा दी जा रही धमकियों के अलावा ठेकों की नीलामी न होने का दूसरा बड़ा कारण रिजर्व प्राइस में कमी न होना भी है। अब नीलामी में जितनी देरी होगी और रिजर्व प्राइस में यदि कमी होती है तो शराब का कोटा भी कम होगा। कोटा कम होने से सीधे तौर पर शराब ठेकेदारों को नुकसान होगा। संवाद
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शराब ठेकों की नीलामी में कब-कब क्या हुआ:
- 28 मई को एसपी सुरेंद्र भौरिया ने अपने कार्यालय में शराब कारोबारियों से बैठक की और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन देते हुए नीलामी में हिस्सा लेने को कहा।
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- 31 मई को शराब ठेकों के सभी 55 जोन की पहली बार नीलामी कराई गई। 55 जोन के लिए रिजर्व प्राइस 484.77 करोड़ रुपये रखा गया था। पहली बार में केवल 27 करोड़ रुपये में तीन जोन ही बिक सके। कम जोन की नीलामी होने से इन तीनों जोन की नीलामी को भी रद्द कर दिया गया।
- 01 जून को रविवार की छुट्टी के दिन एक्साइज कलेक्टर यमुनानगर पहुंचे। उन्होंने जगाधरी में शराब ठेकेदारों व अधिकारियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं को जाना।
- 02 जून को शराब ठेकों पर हो रही फायरिंग व कारोबारियों को मिल रही धमकियों का मामला चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंच गया। शराब ठेकेदार मुख्यमंत्री से मिले। बातचीत के दौरान डीजीपी भी मौजूद रहे। सीएम ने सरकार की तरफ से उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया।
- 04 जून को दूसरी बार नीलामी कराई गई। परंतु 55 में से 10 जोन की ही नीलामी हो पाई। 10 में से नौ जोन अंबाला के शराब कारोबारी महेंद्र सिंह ने खरीदे। शेष बचे 45 जोन के ठेकों का रिजर्व प्राइस 403.76 करोड़ रुपये रखा गया था। डरे कारोबारियों ने एक भी जोन की नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
- 10 जून को शराब के 45 जोन की एक बार फिर से नीलामी कराई गई। लेकिन एक भी ठेकेदार ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
- 12 जून को नई शराब पॉलिसी लागू हो गई। नीलामी न होने के कारण आबकारी विभाग ने 90 ठेकों को सील कर दिया गया।
- 13 जून को एक बार फिर ठेकों की नीलामी के लिए तारीख निर्धारित की गई, लेकिन इसे एक दिन पहले ही स्थगित करने के आदेश जारी किए गए।
- 20 जून को फिर से नीलामी कराई गई, लेकिन किसी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया।
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जिले में अभी तक शराब के 55 जोन में से केवल 10 जोन ही बिक चुके हैं। माना जा रहा था कि पहले राउंड में यदि सभी ठेकों की नीलामी नहीं होती तो सरकार शराब ठेकों के रिजर्व प्राइस में कटौती करेगी। अधिकारियों की तरफ से यह कहा भी गया कि जिन ठेकों का रिजर्व प्राइस पांच करोड़ रुपये तक होगा उनमें पांच प्रतिशत और इससे अधिक कीमत वाले ठेकों में तीन प्रतिशत की कटौती की जाएगी।बाद में सरकार ने रिजर्व प्राइस में कटौती करने का निर्णय वापस ले लिया। गैंगस्टरों द्वारा दी जा रही धमकियों के अलावा ठेकों की नीलामी न होने का दूसरा बड़ा कारण रिजर्व प्राइस में कमी न होना भी है। अब नीलामी में जितनी देरी होगी और रिजर्व प्राइस में यदि कमी होती है तो शराब का कोटा भी कम होगा। कोटा कम होने से सीधे तौर पर शराब ठेकेदारों को नुकसान होगा। संवाद
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शराब ठेकों की नीलामी में कब-कब क्या हुआ:
- 28 मई को एसपी सुरेंद्र भौरिया ने अपने कार्यालय में शराब कारोबारियों से बैठक की और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन देते हुए नीलामी में हिस्सा लेने को कहा।
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- 31 मई को शराब ठेकों के सभी 55 जोन की पहली बार नीलामी कराई गई। 55 जोन के लिए रिजर्व प्राइस 484.77 करोड़ रुपये रखा गया था। पहली बार में केवल 27 करोड़ रुपये में तीन जोन ही बिक सके। कम जोन की नीलामी होने से इन तीनों जोन की नीलामी को भी रद्द कर दिया गया।
- 01 जून को रविवार की छुट्टी के दिन एक्साइज कलेक्टर यमुनानगर पहुंचे। उन्होंने जगाधरी में शराब ठेकेदारों व अधिकारियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं को जाना।
- 02 जून को शराब ठेकों पर हो रही फायरिंग व कारोबारियों को मिल रही धमकियों का मामला चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंच गया। शराब ठेकेदार मुख्यमंत्री से मिले। बातचीत के दौरान डीजीपी भी मौजूद रहे। सीएम ने सरकार की तरफ से उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया।
- 04 जून को दूसरी बार नीलामी कराई गई। परंतु 55 में से 10 जोन की ही नीलामी हो पाई। 10 में से नौ जोन अंबाला के शराब कारोबारी महेंद्र सिंह ने खरीदे। शेष बचे 45 जोन के ठेकों का रिजर्व प्राइस 403.76 करोड़ रुपये रखा गया था। डरे कारोबारियों ने एक भी जोन की नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
- 10 जून को शराब के 45 जोन की एक बार फिर से नीलामी कराई गई। लेकिन एक भी ठेकेदार ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
- 12 जून को नई शराब पॉलिसी लागू हो गई। नीलामी न होने के कारण आबकारी विभाग ने 90 ठेकों को सील कर दिया गया।
- 13 जून को एक बार फिर ठेकों की नीलामी के लिए तारीख निर्धारित की गई, लेकिन इसे एक दिन पहले ही स्थगित करने के आदेश जारी किए गए।
- 20 जून को फिर से नीलामी कराई गई, लेकिन किसी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया।