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कभी आस्था का केन्द्र था ऐतिहासिक गगड़वाला तालाब, गंदगी ने मिटा दी पहचान

Thu, 08 Aug 2019 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2019 12:21 AM IST
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gargarwala pond
गंदे पानी और जलीय पौधों से अटा पड़ा प्राचीन तालाब - फोटो : YAMUNA NAGAR
तालाबों का अस्तित्व बचाने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है, लेकिन साढौरा क्षेत्र में अधिकारियों की अनदेखी से प्राचीन तालाबों का अस्तित्व खतरे में हैं। यहां के प्राचीन एवं ऐतिहासिक गगड़वाला तालाब की स्थिति बदतर हो चुकी है। गंदगी ने इस तालाब की पहचान मिटा दी है। समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो सीताराम मंदिर स्थित यह प्राचीन तालाब विलुप्त हो जाएगा। तीन एकड़ भूमि में फैला यह तालाब ऋषि मुनियों की तपोस्थली रहा है। इसकी महत्ता इसी बात से लगाई जा सकती है कि गर्ग ऋषि ने भी इसके तट पर तपस्या की थी। इसी के चलते यहां लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है।
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आस्था को बचाए सरकार : मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य सचिन, पंकज, मुकेश, विनोद राणा, पिंकू अग्रवाल, प्रवीण ऐरोन, संजय मोहिल, गगन मोहिल आदि का कहना है कि क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था मंदिर में है। मंदिर में पूजा से पहले इसी तालाब में स्नान किया जाता था, लेकिन अब यहां इतनी गंदगी है कि दुर्गंध की वजह से तालाब के पास भी नहीं जाया जा सकता। लिहाजा लोगों की आस्था का ख्याल रख सरकार इस तालाब का सुंदरीकरण करवाएं और यहां स्वच्छ पानी भरा जाएं ताकि लोग फिर से तालाब के पानी को प्रयोग कर सकें।
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चहारदीवारी और लाइटिंग की मांग : श्रद्धालुओं का कहना है कि 500 साल पुराने इस तालाब में अब जलीय घास और अन्य पौधे हैं। पानी भी गंदा है। सरकार इसकी सफाई कराएं। साथ ही चहारदीवारी करवा कर इसके चारों तरफ हाईमास्ट लाइट लगाई जाए। इससे इसकी सुंदरता पर चार चांद लगेंगे।
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दुर्लभ जलीय जीव भी खतरे में : तालाब में काफी मात्रा में दुर्लभ जलीय जीव रहते है। मछलियों की भी मात्रा काफी अधिक है। गंदगी और अनदेखी के चलते इन जलीय जीव जंतुओं का अस्तित्व भी खतरे में हैं। तालाब के पास ही एक बहुत प्राचीन त्रिवेणी वृक्ष है जो कि बहुत ही कम देखने को मिलता है। तालाब के समीप ही सीता राम मंदिर स्थित है, जिसमें कि भगवान श्री हनुमान दक्षिणमुखी रूप में स्थित है।

लोगों में बढ़ रहा है रोष : मंदिर समिति के प्रधान प्रतीक बंसल ने बताया कि वर्तमान समय में तालाब की हालत बेहद खराब है। प्रदेश सरकार तालाबों के नवीनीकरण पर जोर दे रही है। दूसरा जो जीवित हालत में है इस और ध्यान नही दिया जा रहा है। सरकार के प्रति यहां के लोगों के रोष बन रहा है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस तालाब को पक्का करके घाट बनाने चाहिए।
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